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इलाके के मान-सम्मान के लिए मोदी की सरकार प्रतिबद्ध हैं : अमित शाह

  • भाजपा के आने के बाद सील होगा राज्य : राजनाथ सिंह

  • कांग्रेस को घुसपैठियों में ही दिखता है वोटबैंक

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : इलाके यानी असम सहित पूरे उत्तर पूर्व के मान सम्मान का मुद्दा हमारे लिए

महत्वपूर्ण है। यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के चुनाव प्रचार में दिये।

वहां जनसभा करने के बाद वह पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गये। इस साल होने जा रहे

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में अब ज्यादा दिन बाकी नहीं रह गए हैं, जिसे लेकर

राजनीतिक पार्टियों का चुनाव प्रचार भी जोरों पर है। सभी पार्टियां पांचों राज्यों में अपना

पूरा जोर लगा रही हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आने वाले विधानसभा

चुनाव के मद्देनजर असम में 14 मार्च को यानी आज दो चुनावी रैलियों को संबोधित कर

रहे हैं।तिनसुकिया में रैली के दौरान अमित शाह ने लोगों से कहा कि ‘आने वाले

विधानसभा चुनाव में अगली सरकार किसकी बनेगी, इसका फैसला करने के लिए आज

यहां इकठ्ठा हुए हैं। कुछ ही दिनों में असम का शासन किस पार्टी या किस व्यक्ति के हाथ में

रहेगा। यह तय करना है. आपके पास दो विकल्प हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में

और दूसरा विकल्प राहुल गांधी या मौलाना बदरुद्दीन के नेतृत्व में सरकार। ये आप तय

कर सकते हैं कि इलाके यानी असम का विकास पीएम मोदी कर सकते हैं या राहुल गांधी

या मौलाना बदरुद्दीन कर सकते हैं?’उन्होंने कहा, “ये चुनाव इस पूरे इलाके यानी पूरे नार्थ

ईस्ट के भविष्य का निर्माण करने, असम के गौरव को आसमान तक पहुंचाने का चुनाव

हैं। असम और पूरे नॉर्थ-ईस्ट के मान-सम्मान के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

इलाके के नब्ज भूपेन हजारिका का भी उल्लेख किया

संगीत क्षेत्र के जाने-माने सम्राट भूपेन हजारिका जी को किसी ने सम्मानित नहीं किया,

उन्हें भारत रत्न के साथ सम्मानित करने का काम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा

सरकार ने किया है। असम में कांग्रेस की सरकार 15 सालों तक रही, लेकिन आज तक

भूपेन हजारिका को कोई सम्मान नहीं दिया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,

“असम में सालों से कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन इन्होंने कभी भी घुसपैठियों को बाहर

नहीं निकाला या कभी ये इनको बाहर निकालना चाहते थे क्या? कांग्रेस सरकार कभी भी

घुसपैठियों को बाहर नहीं निकालना चाहती थी, क्योंकि उन्हें घुसपैठियों में ही अपना

वोटबैंक नजर आता है। जबकि हमने कहा था कि असम को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे और

वह काम लगभग पूरा हो गया है। हमने कहा था कि असम को आतंकवाद से मुक्त करेंगे

और लगभग 2000 से ज्यादा लोगों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में वापसी की है। उन्होंने

कहा, “पांच सालों के बाद असम में न आंदोलन, न आतंकवाद है, बस है तो विकास ही

विकास। हम जो कहते हैं, वो करते भी हैं। हमनें पांच सालों तक ऐसी सरकार चलाई है कि

विपक्ष भी हम पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सकता। हम तो पीएम मोदी के ‘सबका

साथ, सबका विकास’ के नारे के साथ चले हैं। अब ये आपको बताना है कि आपको हिंसा

चाहिए या शांति। बन्दूक चाहिए या रोजगार चाहिए. घुसपैठ चाहिए या विकास चाहिए.

आप ही बताइये कि क्या राहुल गांधी बदरुद्दीन के साथ असम में हिंसा या घुसपैठ को रोक

सकते हैं। हमें एक और पांच साल दे दीजिये तो घुसपैठ असम के लिए भूतकाल बन

जाएगा।

असम में इस बार तीन चरणों में विधानसभा चुनाव

असम विधानसभा चुनाव तीन चरणों में 27 मार्च, 1 अप्रैल और 6 अप्रैल को होंगे. इस बार

का मुकाबला चुनाव पार्टियों के गठबंधन के बीच होगा। राज्य में एक तरफ भाजपा असम

गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) पार्टी को साथ

लेकर चुनाव में उतर रही है तो वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने 6 राजनीतिक दलों के साथ

महागठबंधन बनाया है। इस महागठबंधन में बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाले

एआईयूडीएफ के साथ बीपीएफ, सीपीआई ,, सीपीआई (एम),सीपीआई (एमएल), और

सीएए के खिलाफ बना आंचलिक गण मोर्चा शामिल हैं।

मालूम हो कि राज्य के साल 2016 के चुनावों में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला

था। भाजपा 60 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, वहीं उसकी सहयोगी असोम

गण परिषद (एजीपी) ने 14 और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने 12 सीटें जीती थीं।

इसी के साथ एक निर्दलीय विधायक ने भी भाजपा को समर्थन दिया है। कांग्रेस को 26

सीटों पर जीत मिली थी, जबकि एआईयूडीएफ को 13 सीटें मिली थीं।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अलग से जनसभाएं की

दूसरी ओर, असम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार से बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार

शुरू कर दिया है। उन्होंने बिश्वनाथ और गोलाघाट जिलों में चार रैलियों को संबोधित

किया है। सिंह की यह दो रैलियां गोहपुर के चाय बागानों में आयोजित की गई हैं। गोहपुर

एक ऐतिहासिक स्थान है जो भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़ा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने

रविवार को कहा कि असम में आतंकवाद एवं उग्रवाद कम हुआ है जिससे सरकार की

विकास गतिविधियों को गति मिली है। यहां एक चुनाव रैली को संबोधित कर रहे राजनाथ

सिंह ने कहा कि असम में शांति लौटी है और राज्य में गत पांच साल के बीजेपी शासन के

दौरान दर्जनों उग्रवादी संगठनों ने हथियार डाले हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने धुबरी से लगती

अंतरराष्ट्रीय सीमा सील की है और जो थोड़ा हिस्सा बिना तारबंदी के रह गया है उसे भी

बीजेपी के असम की सत्ता में आने के बाद पूरी तरह सील किया जाएगा। राजनाथ सिंह ने

कहा कि त्रिपुरा में भी बीजेपी सरकार पड़ोसी देश से अवैध आब्रजन रोकने के लिए कार्य

कर रही है। रक्षा मंत्री विश्वनाथ सीट से मौजूदा बीजेपी विधायक प्रमोद बोरठाकुर के लिए

प्रचार कर रहे थे जिनका सीधा मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी अंजन बोरा से है।

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