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वूहान शहर में चीन ने चालू किया अस्पताल बीमारों की पहली खेप पहुंची

  • कोरोना वायरस से लड़ने फिर से नया रिकार्ड 

  • मरीजों के पास जाएगा मेडिकल रोबोट

  • साठ हजार वर्गमीटर में बना है अस्पताल

  • डेढ़ हजार मरीजों का हो सकता है ईलाज

बेइजिंगः वूहान शहर में एक सप्ताह के अंदर तैयार अस्पताल आज से

चालू हो गया है। वहां मरीजों की पहली खेप पहुंच गयी है। इस

अस्पताल को बनाने के साथ साथ चीन ने दूसरी बार यह विश्व

कीर्तिमान स्थापित किया है। कोरोना वायरस की चपेट में आये शहर

में इस अस्पताल को आवश्यकता को महसूस कर बनाने का फैसला

लिया गया था। चीन की इंजीनियरिंग  कंपनी ने इस काम को पूरा

करने का बीड़ा उठाया था। यह कंपनी इससे पहले भी एक सप्ताह में

अस्पताल बनाने का रिकार्ड पहले ही कायम कर चुकी थी। अब

अस्पताल के बन जाने के बाद सारी व्यवस्थाओं का अच्छी तरह

निरीक्षण कर लेने के बाद वहां आज से मरीज पहुंचाये जा रहे हैं।

अस्पताल को खास तौर पर कोरोना वायरस से पीड़ित रोगियों के लिए

ही बनाया गया है।

इस अस्पताल को बनाने के लिए करीब सात हजार मजदूरों को काम

पर लगाया गया था। इनमें हर काम के लिए विशेषज्ञ श्रमिक भी

शामिल थे। बीमारी से बचने के लिए इन मजदूरों को भी मास्क

लगाकर ही काम करना पड़ा। इनलोगों ने साठ हजार वर्ग मीटर में बने

इस अस्पताल को बनाया है। इसमें आधे से अधिक इलाका सिर्फ

वायरस पीड़ित रोगियों के लिए है। इस अस्पताल में तीस इंटेसिव

केयर यूनिट हैं। अस्पताल को संचार सुविधा से जोड़ा गया है ताकि

बेइजिंग तथा अन्य स्थानों पर कार्यरत डाक्टर भी समय समय पर

वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से यहां के डाक्टरों को सुझाव दे सकें।

वूहान शहर के अस्पताल से वीडियो कांफ्रेंसिंग होगी

वूहान के अस्पताल के अंदर का तस्वीर

अस्पताल में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कुछ खास उपाय भी किये

गये हैं ताकि मरीज के संपर्क में अधिक लोग नहीं आ सके। खास बात यह भी है कि अस्पताल

को एक चीन की कंपनी से मेडिकल रोबोट भी दान में मिले हैं।

इस श्रेणी के रोबोट मरीजों को दवा दे सकते हैं तथा उनकी जांच के लिए हर

किस्म के नमूनों का संग्रह कर सकते हैं। मिली जानकारी के मुताबिक

इस हाउशेनशान अस्पताल में डेढ़ हजार लोगों के ईलाज का प्रबंध

किया गया है। इस शहर के एक करोड़ दस लाख लोगों को फिलहाल

बाहर कहीं जाने की इजाजत नहीं है। यह कदम बीमारी को और फैलने

से रोकने के लिए किया गया है। लेकिन कोरोना वायरस पीड़ित मरीजों

की संख्या लगातार बढ़ते जाने की वजह से अलग से अस्पताल बनाने

की आवश्यकता महसूस की गयी है। इसी सोच के तहत आनन फानन

में यह काम पूरा कर लिया गया है। इसके लिए अस्पताल बनाने के

काम में जुटे लोगों ने दिन रात काम किया है।

याद दिला दें कि इससे पहले कोलंबिया से सार्स वायरस का प्रकोप चीन

में होने के दौरान भी यहां एक सप्ताह के भीतर पहली बार अस्पताल

बनाया गया था। अब वूहान के इस अस्पताल के चालू होने के बाद वहां

मरीजों के पहुंचने की

जानकारी दी गयी है। वैसे मरीजों के परिचय के बारे में कोई जानकारी

नहीं दी गयी है। आज दिन के दस बजे मरीजों का पहला जत्था इस

अस्पताल में पहुंचाया गया है।

सेना ने चौदह सौ लोगों की अलग टीम भी भेजी हैवुहान शहर में कोरोना वायरस का प्रसार उम्मीद से अधिक

वहां मरीजों की देखभाल के लिए तीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी की

तरफ से 14 सौ लोगों की टीम अलग से भेजी गयी है। इनमें सैनिक

डाक्टर और अन्य स्वास्थ कर्मचारी हैं। इनमें से अनेक लोगों को इसके

पहले के सार्स वायरस के दौरान उत्पन्न परिस्थिति से निपटने का पूर्व

अनुभव है। वैसे इस बीच इस शहर को हर तरीके से पूरी तरह काटकर

रखा गया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि इस बीमारी से पीड़ित

लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक इस

नई वायरस की चपेट में आने की वजह से अब तक 360 से अधिक

लोग मारे गये हैं। शहर में अब तक 17 हजार मरीजों की पहचान भी हो

चुकी है।

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  2. […] वूहान शहर में चीन ने चालू किया अस्पताल… कोरोना वायरस से लड़ने फिर से नया रिकार्ड  मरीजों के पास जाएगा मेडिकल रोबोट साठ हजार वर्गमीटर … […]

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