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पृथ्वी के सबसे लंबे प्राणी को समुद्र में देखा गया

  • शांत पृथ्वी का असर गहरे समुद्र तक पर पहुंच गया है

  • पश्चिमी आस्ट्रेलिया के समुद्री खाई में दिखा प्राणी

  • सतह से 630 मीटर की गहराई में तैरता पाया गया

  • संस्थान ने इसके वीडियो भी शेयर किये हैं लोगों से

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः पृथ्वी के सबसे लंबे प्राणी की तस्वीर और वीडियो सामने आ चुकी है। समझा

जाता है कि शांत पृथ्वी ही इस प्राणी के नजर आने की असली वजह है। हम सभी जानते हैं

कि इसकी असली वजह क्या है। एक अति सुक्ष्म अदृश्य विषाणु ने हम सभी की जिंदगी

की रफ्तार को थमने पर मजबूर कर रखा है। ऐसा नहीं है कि हम चल नहीं सकते लेकिन

खतरा यह है कि हमारे चलने पर यह वायरस किसी और से हम तक और हमारे माध्यम से

किसी और तक पहुंचने का सिलसिला जारी रहता है। दुनिया में एक लाख से अधिक मौत

और 17 लाख से अधिक मरीज इसके साक्षात प्रमाण है। भारत में भी अचानक इसके

फैलने और संक्रमण की गति काफी तेज हो गयी है। फिर भी यहां विषाणु के संक्रमण की

रफ्तार दुनिया के कई अन्य देशों से काफी कम है। इसके बीच ही शांत पृथ्वी की वजह से

अब समुद्र का कोलाहल भी कम हुआ है। नतीजा है कि वहां से प्राणी भी गहराई से ऊपर की

तरफ आ रहे हैं। क्योंकि ऊपर का माहौल भी अभी शांत है। वरना शोर और इंसानों द्वारा

पैदा प्रदूषण की वजह से अनेक प्राणी समुद्र की गहराई में ही खुद को सुरक्षित महसूस

करते हैं।

पृथ्वी के सबसे लंबे इस जीव का वीडियो भी आया है

अब इसी क्रम में एक ऐसे प्राणी को देखने का दावा किया गया है तो आकार में अब तक

देखे गये सभी प्राणियों में सबसे लंबा है। भारत महासागर में इस प्राणी को देखने का दावा

स्मिड्थ ओसन इंस्टिटियूट ने किया है। इस समुद्र विज्ञान संस्थान ने इसकी जानकारी

अपने ट्विटर हैंडल पर भी शेयर की है। देखने में यह प्राणी ईल की तरह लंबा है लेकिन

इसका आकार ईल के मुकाबले बहुत अधिक है। इसका वैज्ञानिक नाम साइफोनोफोर रखा

गया है। दरअसल संस्थान के उपकरणों में यह किसी लंबे धागे की तरह नजर आया था।

बाद में इसके जीवित होने के प्रमाण मिलने के बाद इस पर और शोध जारी है। आकार के

लिहाज से इसे दुनिया का सबसे लंबा प्राणी माना जा रहा है। दरअसल जब ट्विटर हैंडल

पर इसकी तस्वीर शेयर की गयी तभी यह सवाल भी उठे कि आखिर इसकी लंबाई क्या है।

सामान्य वैज्ञानिक आकलन के आधार पर संस्थान ने यह लिखा है कि यह करीब 47 मीटर

लंबा हो सकता है। यानी इसकी लंबाई करीब 154 फीट है। लेकिन यह स्पष्ट किया गया है

कि अभी इसकी लंबाई को स्थिर नहीं किया जा सकता है। इसके लिए और अनुसंधान चल

रहा है।

संस्थान का यह अनुसंधान पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के समुद्री इलाके में चलाया जा रहा था।

जिसमें यह प्राणी न सिर्फ देखा गया बल्कि इसके वीडियो भी शेयर किये गये हैं। किसी

उलझे हुए धागे की तरह इसके सिरे दूर दूर कर तथा बेतरतीब तरीके से फैले हुए हैं। जिस

समुद्री स्थान पर इसे देखा गया है, उसे निंगालू कैन्यॉन कहा जाता है।

अन्य वैज्ञानिक भी मानते हैं कि यह शायद सबसे लंबा प्राणी है

इस संस्थान से मिली तस्वीरों और वीडियो के आधार पर मेरिन कम्युनिकेशन के निदेशक

कॉर्ली वेइनर ने कहा कि प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक यह अभी की दुनिया का शायद

सबसे लंबा प्राणी है। वैसे इस प्रजाति के अन्य प्राणियों के बारे में पहले से ही यह जानकारी

है कि यह शिकारी प्रजाति का मांसाहारी जीव है। यह छोटी मछलियों और जीवों के साथ

साथ अपनी ही प्रजाति के अन्य छोटे आकार के प्राणियों की भी हत्या कर उन्हें भोजन बना

लेता है। इसके शरीर में बाहरी हिस्से पर कांटे जैसी कोशिकाएं होती है, जिनसे यह शिकार

करता है। इससे फिर से यह साबित हो गया है कि आधुनिक विज्ञान को अब भी समुद्र की

गहराइयों के बारे में बहुत कुछ जानना शेष है।

अत्याधुनिक मशीन से समुद्र के अंदर की शोध

जिस उपकरण के जरिए इसकी तस्वीर ली गयी थी, उसके पाइलट ने कहा कि लेजर के

जरिए ही इसकी लंबाई का आकलन किया गया है। इसकी गोलाई भी काफी अधिक है।

इसलिए आकार देखकर यह समझा जा सकता है कि यह प्राणी किसी साइफन की तरह ही

अपना भोजन ग्रहण करता है। गत छह अप्रैल को पहली बार इसकी सूचना दी गयी थी।

जिसपर लोगों की प्रतिक्रिया आने के बाद संस्थान ने अपनी आओवी मशीन से इसे देखने

के बारे में अन्य विवरण भी लोगों से सांझा किया है।

लोगों की रुचि को देखते हुए संस्थान ने बताया है कि यह भारत महासागर में नजर आया

था। जिस स्थान पर इसकी तस्वीर ली गयी, वह समुद्र की सतह से करीब 630 मीटर की

गहराई पर थी। इस वक्त समुद्र के अंदर रोशनी भी बहुत कम थी। इसलिए किसी ठोस

निष्कर्ष पर पहुंचने के पहले और आंकड़ा जुटाया जाना जरूरी है। लेकिन ऐसा प्राणी पहली

बार देखा गया है। जिस मशीनसे इसकी तस्वीर ली गयी है, उसके पास भी रोशनी के बहुत

कम साधन थे। इसलिए गहन शोध के बाद ही इस प्राणी के बारे में बेहतर तरीके से कुछ

बताया जा सकेगा।


 

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