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अगला वर्ष दुनिया फिर झेल सकता है एक और महामारी




  • इजराइल में अब बर्ड फ्लू का भीषण हमला
  • प्रवासी पक्षियों पर सबसे पहले प्रकोप
  • लोग अपनी मुर्गियों को भी मार रहे हैं
  • उड़ने वाली चिडियों से है फैलने का खतरा

जेरुशलमः अगला वर्ष दुनिया फिर से बर्ड फ्लू की महामारी को झेल सकता है। इसके पहले भी जब इसका प्रकोप हुआ था तो पक्षियों के साथ साथ अनेक लोग भी इसकी चपेट में आकर मारे गये थे। इस बार अचानक से इजरायल में इसका प्रकोप नजर आ गया है। देश के वैज्ञानिक पूरी ताकत से इसके प्रभाव को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।




दरअसल वहां प्रवासी पक्षियों के अचानक मरने से ही लोगों का दिमाग ठनका था। एक साथ करीब 52 सौ प्रवासी सारस वहां के पानी वाले इलाकों में मरे पाये गये हैं। उसके बाद आस पास के इलाको में मुर्गियों को मार डालने का सिलसिला चल रहा है ताकि इस वायरस को और आगे फैलने से रोका जा सके।

वैसे अब तक स्थिति काबू में नहीं आ पायी है। खतरा इस बात का है कि प्रवासी पक्षी तो कड़ाके की ठंड में यहां चले आते हैं। यहां के अलग अलग जलागारो में उड़कर उनका आना जाना चलता रहता है। ऐसे में एक इलाके में बर्ड फ्लू का वायरस आने के बाद उसका अन्य इलाकों तक फैल जाना एक स्वाभाविक बात है।




इसके अधिक फैल जाने के बाद उसके प्रभाव में आने वाले इंसान भी मरने लगते हैं। इजराइल के पार्क एंड नेचर ऑथरिटी के वैज्ञानिक उरी नावेह ने कहा कि स्थिति खतरनाक स्तर पर ही है। दरअसल गहरे झीलों के बीच में हजारों पक्षी मरकर तैर रहे हैं। इससे वायरस का प्रसार लगातार बढ़ता जा रहा है।

अगला वर्ष इस महामारी की रोकथाम के लिए कठिन होगा

अब वहां जो पक्षी जीवित हैं, उन्हें तो इस तरह मारा भी नहीं जा सकता। एक वायरस प्रभावित झील के पक्षी अगर उड़कर कहीं और चले गये तो वे हो सकता है कि यह वायरस अन्यत्र भी फैला दें। तेल अबीब विश्वविद्यालय के प्रोफसर नोगा क्रोनफेल्ड शोर ने कहा कि अब अन्य पक्षियों में भी बर्ड फ्लू के लक्षण दिखाई पड़ने लगे हैं।

इस वजह से अगले साल की शुरुआत में ही इजरायल के साथ साथ दुनिया के अन्य इलाकों को भी इस वायरस का प्रकोप नये सिरे से झेलने के लिए पहले से ही तैयार हो जाना चाहिए। एहतियात के तौर पर जो लोग इन पक्षियों के करीब संपर्क में थे, उन्हें पहले ही टेमीफ्लू नामक दवा दी जा चुकी है ताकि उनपर वायरस का असर नहीं हो।



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