fbpx Press "Enter" to skip to content

विश्वप्रसिद्ध ढाकेश्वरी मंदिर में दुनिया की मंगलकामना की प्रार्थना

  • भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी थे मुख्य अतिथि

  • चंद दिनों में ही लोगों को अपना बनाना सीख गये वह

  • मंदिर परिसर में रोशनी के बीच किसी मेला का दृश्य

अमीनूल हक

ढाकाः विश्वप्रसिद्ध ढाकेश्वरी मंदिर में देश की मंगलकामना की प्रार्थना पूर्व निर्धारित

कार्यक्रम के तहत हुई। समाज और देश में छाये कोरोना के अंधकार को दूर करने की

कामना लेकर ही भक्त इस प्रसिद्ध मंदिर के परिसर में एकत्रित हुए थे। दुर्गापूजा की तरह

इस बार भी विश्वप्रसिद्ध मंदिर की पूजा के मौके पर प्रदीप जलाने के समारोह के मुख्य

अतिथि थे बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम कुमार दोराईस्वामी। यह देखकर

अच्छा लगा कि अपने चंद दिनों के कार्यकाल में ही उन्होंने अपने सामान्य आचरण से

अनेक लोगों को अपना बना लिया है। बांग्ला भाषा पर पूरी पकड़ नहीं होने के बाद भी

स्थानीय लोगों के अभिवादन में वह बांग्ला भाषा का ही प्रयोग करते पाये गये।

वीडियो में देखिये इसकी संक्षिप्त रिपोर्ट

शाम करीब छह बजे अचानक पुलिस वाहन का साइरन सुनाई पड़ने की वजह से आम

लोगों का ध्यान भी इस तरफ आकृष्ट हुआ था। मंदिर के मुख्य दरवाजे पर भारतीय

उच्चायुक्त की गाड़ी रूकी। वहां से पैदल चलकर वह यहां आयोजित हजार प्रदीप जलाने के

कार्यक्रम में शामिल हुए। शायद लोगों को अपना बनाने की उनकी क्षमता ईश्वर प्रदत्त है।

वरना इतनी जल्दी कोई कैसे विदेश में अपने प्रशंसकों की फौज खड़ी कर सकता है।

विक्रम दोराईस्वामी अपने आचरण से पसंद किये जाते हैं

विश्वप्रसिद्ध इस मंदिर कमेटी के लोगों के स्वागत भाषण के बाद मुख्य अतिथि के तौर पर

सभी को बांग्ला में ही दीपावली की बधाई देते हुए श्री दोराईस्वामी ने इस मौके पर बंगबंधु

शेख मुजीबुर रहमान के नाम का भी उल्लेख किया। उपस्थित लोग उनकी हर हरकत को

ध्यान से देख रहे थे। लोगों को यह देखकर अच्छा लगा कि उपस्थित अन्य अतिथियों को

अपने हाथ से मोमबत्ती देने के बाद सबसे अंत में उन्होंने दीपक जलाये। दीप प्रज्ज्वलित

करने के बाद वह इस विश्वप्रसिद्ध मंदिर के प्रांगण में दर्शन करने भी किये। वहां से आम

जनता की भीड़ में आम आदमी बनकर माता के मंदिर में चले गये। आस पास के लोगों को

शायद पता भी नहीं चला कि उनके बगल से गुजरता हुआ शख्स आखिर कौन था। माता के

दर्शन और प्रणाम के बाद वह आयोजकों से विदा लेकर वापस चले गये।

उनके जाने के बाद भी मंदिर प्रांगण में मेला का माहौल कायम है। हर सचेतन समाज का

हर समझदार इंसान भी यही चाहता है कि अंधेरा दूर हो। इसके लिए बांग्लादेश की खास

बात यह है कि यहां प्रधानमंत्री शेख हसीना ने धर्म और उत्सव के बारे में जो बात कही है,

वह सभी के दिलों में घर कर गयी है। इस वर्ष कोरोना के संकट के बीच ही लोग बार बार

यह याद भी कर रहे हैं कि यही बंगाली समाज सिर्फ लाठी लेकर पाकिस्तानी फौज के

खिलाफ खड़ा हो गया था। आजादी की उस लड़ाई में भी धर्म कोई मायने नहीं रखता था।

इसलिए संघर्ष के बीच से गुजरते हुए बांग्लादेश के लोग दुर्गापूजा, दीपावली, ईद, पहला

बोईशाश सब उत्सव के तौर पर मनाने की परंपरा को निभाते आ रहे हैं।

विश्वप्रसिद्ध ढाकेश्वरी मंदिर में भी हर धर्म के लोग मौजूद

मंदिर परिसर में ही मुलाकात हुई नुसरत थे। वह अपनी एक सहेली को लेकर इस मंदिर में

आयी है। उसके हाथ में बड़ी सी मोमबत्ती, जिसे स्थानीय भाषा में बोम बाती कहते हैं। वह

देवी के मंदिर में यह बत्ती जलाकर सभी के लिए कल्याण प्रार्थना करेंगी। इस परिसर में

अभी भी हर तरफ भीड़ ही भीड़ है। कोरोना के गाइड लाइन जारी होने और मंदिर परिसर के

आस पास पूरे इलाके में रोशनी होने के बाद भी लोग आपस में यह चर्चा करते पाये जा रहे

हैं कि इस बार का आयोजन कोरोना की वजह से थोड़ी कमजोर रहा लेकिन अगले साल

इसकी भरपाई कर लेंगे। इस संकट के बीच भी यहां मौजूद लोगों की भीड़ ही यह संकेत

देती है कि दरअसल बंगाली भी एक उत्सव पागल प्रजाति है। पूजा कमेटी के महासचिव

किशोर रंजन मंडल और बांग्लादेश जातीय पूजा कमेटी के महासचिव निर्मल कुमार

चटर्जी के अलावा विप्लव दे ने कहा कि सरकार के द्वारा गाइड लाइन का पालन करने के

लिए बार बार लोगों को हिदायतें दी जा रही है। रात के 12 बजे यहां पूजा प्रारंभ हो चुकी है।

इस पूजा की समाप्ति सुबह करीब चार बजे होगी।

[subscribe2]

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from धर्मMore posts in धर्म »
More from पर्यटन और यात्राMore posts in पर्यटन और यात्रा »
More from बांग्लादेशMore posts in बांग्लादेश »
More from लाइफ स्टाइलMore posts in लाइफ स्टाइल »
More from वीडियोMore posts in वीडियो »

2 Comments

... ... ...
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: