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मनरेगा योजना में मजदूर को दिखाकर, जेसीबी से किया गया कार्य

राष्ट्रीय खबर

डंडखोरा /कटिहारः मनरेगा योजना में मजदूर दिखाकर जेसीबी से काम कराने का मामला

पकड़ में आया है। जहां एक और बेरोजगारी के कहर में लोग मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण

योजना पर अपना आस लगाये बैठी है । वही एक बड़ा मामला डंडखोरा प्रखंड के द्वाशय

पंचायत के अंतर्गत वार्ड संख्या पांच में देखने को मिल रहा है। जहां मनरेगा का कार्य

मजदूरों के द्वारा होना था। पर मनरेगा विभाग के भ्रष्टाचार के ठेकेदार उस जगह जेसीबी

से कार्य को अंजाम दिए । वहीं उपस्थित ग्रामीणों ने पंचायत रोजगार सेवक शिवा यादव

पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बताया कि यह लोग अपना कमीशन पर काम करते हैं।

सभी पदाधिकारियों का कमीशन बना हुआ है। जिससे की मनरेगा संबंधित कार्य जमीनी

स्तर पर नदारद साबित हो रही है। वही ग्रामीणों ने बताया कि यह कार्य लगभग पिछले

तीन-चार सालों से हो रही है।पर आज तक रोड चलने लायक नहीं बन पाया है। हमारे गांव

का लगभग 200 एकड़ जमीन का फसल उपजाकर लाने एवं लेजाने वाला एक मुख्य मार्ग

है। फिर भी इन्हें अभी तक पूरा नहीं किया गया है। जहां तक मिट्टी भरने की बात है तो

थोड़ा थोड़ा गड्ढा में मिट्टी भरकर काम को निपटा लिया गया है। वही ग्रामीणों ने यह भी

बताया कि हम लोग मनरेगा कार्य में जेसीबी चलने को लेकर पी॰आर॰एस॰शिवा यादव से

फोन पर इस बात की शिकायत की पर उल्टे ही हम लोगों पर केस मुकदमा करने की

धमकी दी गई। वहां उपस्थित ग्रामीणों द्वारा यह भी बताया गया कि कई सालों से इस

योजना का कार्य खत्म नहीं हो पा रहा है। नए-नए योजनाओं में सड़क के कार्यों को डाला

जाता है साथ ही सभी योजनाओं का सरकारी रुपए उन लोगों के लिए गिद्ध भोज बनता जा

रहा है।

मनरेगा योजना के नाम पर लाखों की राशि का गबन

इस प्रकार मनरेगा योजना के नाम पर लाखों की राशि का गबन किया जा रहा है ।वही

उपस्थित ग्रामीण सुरेश यादव ,गोपी यादव, परमानंद यादव, अमर कुमार यादव ,सदानंद

यादव, शंकर यादव एवं कई ग्रामीणों ने इस योजनाओं की सघनता से जांच करने की मांग

की। डंडखोरा प्रखंड में इस तरह का मामला देखना कोई नई बात नहीं है। यदि मनरेगा

योजना का हाल देखना हो तो एक बार डंडखोरा प्रखंड के मनरेगा योजनाओं पर नजर डाला

जाए तो यहां आपको भ्रष्टाचार के वह नमूने देखने को मिलेंगे ।जिससे कि शर्म को भी शर्म

आ जाए। साथ ही यहां के पदाधिकारियों के बारे में बात की जाए तो ये पदाधिकारी ऐसे

खबर को देखते ही अपनी आंखें धूल झोंक लेते हैं ।जैसे कि उन्होंने ना ही कुछ देखा हो और

ना ही कुछ जानता हो ।आखिर यह पदाधिकारी जांच करेंगे तो कैसे? क्योंकि यह बात

उनके नजरों से छिपी नहीं है। अखबारों न्यूज़ चैनलों के सुर्खियों में डंडखोरा प्रखंड के

योजनाओं एवं भ्रष्टाचारों की गाथा देखने को मिल रही है साथ ही किन्ही के नजरों से यह

बात छिपी नहीं है।कई पोल खोल देने वाली खबर सबों के बीच मंडरा रही है। पर जिम्मेदार

पदाधिकारी इस तरह के भारी अनियमितता वाली खबर को देख कर भी अपने आप को

इस मामले से अनजान समझ रहे हैं ।आखिर वह कहावत यहां लागू हो ही जाती है की “मेरे

ही चोर मेरी ही पुलिस” जब जिम्मेदार पदाधिकारी ही इस बात को संज्ञान में नहीं ले रहे हो

। जिम्मेदारी से अपना नजर चुरा रहे हो तो इस बात का साफ-साफ अंदाजा लगाया जा

सकता है कि प्रखंड भर में हो रहे मनरेगा योजना में भारी धांधली एवं अनियमितता के

लिए जिम्मेदार कौन है ?

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