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आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत एलईडी बल्ब बनाकर आत्मनिर्भर हो रही महिलाएं

पसूका

रांचीः आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाने में झारखंड की महिलायें भी अपना

सहयोग दे रही हैं। राजधानी रांची में चालीस महिलाओं के एक समूह ने एलईडी बल्ब का

निर्माण शुरू कर एक मिसाल कायम की है। अपने इस व्यवसाय के जरिये ये महिलायें न

सिर्फ आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि दूसरों के घरों को भी रौशन कर रही हैं। उन्होंने इस

व्यवसाय से जुड़कर जहां अपने लिए आर्थिक सशक्तीकरण की राह तैयार की है, वहीं राष्ट्र

की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभा रहा है। इन महिलाओं का

दावा है कि इनके बनाए बल्ब अच्छी गुणवत्ता के साथ-साथ काफी सस्ते भी हैं। इस

महिला समूह द्वारा बनाये गये बल्बों की पूरे राज्य में काफी मांग है। इस कारण इन्हें

बाजार की समस्या नहीं होती। बड़े दुकानदार थोक भाव में ये बल्ब खरीद लेते हैं, जिससे

इन महिलाओं को अच्छी कीमत मिल जाती है। इस व्यवसाय से जुड़ने के बाद इन

महिलाओं को रोजगार का अच्छा जरिया मिल गया है। समूह से जुड़ी प्रत्येक महिला

महीने के पाँच से दस हजार रूपये आराम से कमा लेती है और खाली वक्त में उनका मन

भी लगा रहता है। इन महिलाओं ने दूसरी महिलाओं के समक्ष सम्मान से जीने का एक

नजीर पेश किया है। इन महिलाओं की यह कोशिश इस बात का भी संदेश देती है कि छोटे-

छोटे उद्योगों से बेरोजगारी की समस्या काफी हद तक कम की जा सकती है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान से बहुतों को मिला सहारा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर चालू किये गये इस अभियान को खास तौर पर झारखंड

के दूर दराज के इलाकों के लोगों ने लगातार सराहा है। उनके मुताबिक कोरोना संकट और

लॉक डाउन से उत्पन्न आर्थिक परेशानियों के बीच यह आत्मनिर्भर भारत अभियान उनके

लिए संभावनाओं के नये द्वार खोलने वाला साबित हुआ है। हजारों परिवार इसकी वजह

से स्वाभिमान से दो वक्त की रोटी जुटा पा रहे हैं।


 

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