Press "Enter" to skip to content

महिला किसान ने सूचना तकनीक का फायदा उठाया बेची उपज

Spread the love



  • अब देश के किसानों के भी काम आ रही है सूचना तकनीक 

  • किरण खलखो ने की पहली बार ऑनलाइन ट्रेडिंग

  • डेढ़ टन खरबूज बेचकर 12 हजार रुपये कमाये

  • राज्य में महिला किसान की पहली उपलब्धि

पसूका

रांचीः महिला किसान के लिए लॉकडाउन में ई- नाम पोर्टल वरदान साबित हुआ है। रांची




की महिला किसान किरण खलखो ने पोर्टल के माध्यम से तरबूज की ऑनलाइन ट्रेडिंग की

और मुनाफा कमाया। रांची जिले के रातू प्रखंड की महिला किसान किरण खलखो ने लॉक

डाउन के दौरान ई नाम पोर्टल के माध्यम से 12 हजार रूपए के तरबूज बेचा है।

वीडियो में देखिये रांची की किरण खलखो को

देश में सर्वत्र जारी लॉकडाउन में ई नाम पोर्टल किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है।

कोरोना प्रकोप में किसानों के लिए आशा की नई किरण बना ई नाम पोर्टल किसानों के

उत्पाद को बेहतर प्लेटफार्म पर बिक्री की सुविधा प्रदान कर मुनाफा प्रदान कर रहा है। रातू

प्रखंड के चितरकोटा गांव की महिला किसान किरण खलको द्वारा 1.5 टन तरबूज की

बिक्री 8 रुपये की दर से इस पोर्टल के माध्यम से की गयी। इसके एवज में महिला किसान

के खाते में 12000 रुपये आये। वही इस कंपनी के द्वारा अपनी वाहन भेजकर तरबूज को

जमशेदपुर मंगवाया गया। किरण खलखो बताती हैं कि उन्होंने नई तकनीक से खेती

किया जिसके तहत कम लागत पर उन्होंने अधिक से अधिक उत्पादन किया और मुनाफा

कमाया। किरण खलखो की उपलब्धि के संबंध में संबंध में पंडरा बाजार समिति के सचिव

अभिषेक आनंद ने बताया कि समिति किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवाने

और बिक्री हेतु प्रयासरत है। राज्य में यह पहला अवसर है जब एक महिला किसान द्वारा

ई नाम पोर्टल से कृषि उत्पाद की बिक्री की गयी। लॉक डाउन के दौरान इ नाम पोर्टल के




माध्यम से सीधे खेत से ही ऑनलाइन ट्रेडिंग वाकई में किसानों के लिए फायदेमंद तो है ही

दूसरे किसानों के लिए उत्साहजनक भी है।

महिला किसान के अलावा भी दूसरे गढ़ रहे हैं नया इतिहास

कोरोना संकट काल में काफी कुछ नया देखने और सुनने को मिल रहा है। पैसा जमा करने

के लिए बैंक तो आपने सुना ही होगा लेकिन गिरिडीह में साबुन बैंक और सेनेटरी पैड बैंक

भी काम कर रहा है। गिरिडीह जिले के सरिया अनुमंडल अंतर्गत उत्क्रमित चन्द्रमारणी

मध्य विद्यालय में विद्यार्थियों द्वारा स्थापित साबुन बैंक और सेनेटरी पैड बैंक इस

संक्रमण काल में वरदान बन गया है। प्रधानाध्यापिका किरण वर्मा बताती हैं कि स्कूल में

बाल संसद का प्रचलन है और जब भी किसी बच्चे का जन्मदिन होता है तो वे साबुन और

सेनेटरी पैड विद्यालय बैंक में दान देते हैं जो अब कोरोना काल में गरीबों के बीच बांटा जा

रहा है। बाल संसद की प्रधानमंत्री खुशी कुमारी व स्वच्छता मंत्री यशोदा कुमारी कहती हैं

कि वैश्विक महामारी कोरोना को हराना है तो साफ रहना जरूरी है इसलिए जरूरतमंदो को

साबुन देकर उन्हें स्वच्छ रहने की अपील की जा रही है । स्कूली बच्चों के इस प्रयास की

आज हर ओर प्रशंसा हो रही है। स्थानीय महिलाएं भी बच्चों के इस पुनीत कार्य से खुश हैं ।

स्कूली छात्रों का यह छोटा सा प्रयास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को

न केवल सम्बल प्रदान कर रहा है बल्कि कोरोना को मात देने में भी सहयोगी बन पड़ा है ।

[subscribe2]



More from कृषिMore posts in कृषि »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from महिलाMore posts in महिला »
More from रांचीMore posts in रांची »
More from वीडियोMore posts in वीडियो »

2 Comments

Leave a Reply