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वायरलैस के नकली स्पेटर पार्ट्स में परेशान है झारखंड पुलिस

  • अतिरिक्त कल पुर्जों की गुणवत्ता से असंतुष्ट हैं अफसर

  • आस्ट्रेलिया की कंपनी अब सीधा कारोबार नहीं करती

  • स्थानीय वितरक के काम काज से खुश नहीं विभाग

रांचीः वायरलैस को लेकर झारखंड पुलिस अपने ठगे जाने की शिकायत खुलकर नहीं कर

पा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक झारखंड पुलिस को जो हाई फ्रीक्वैंसी

वायरलैस दिये गये थे, उनके स्पेयर पार्टस में वे ठगे जा चुके हैं। सुरक्षा से जुड़ा मामला

होने की वजह से संबंधित लोग इस बारे में खुलकर कोई बात नहीं कहते।

मामले की छानबीन में जानकारी मिली है कि कोडान नामक कंपनी का एचएफ वायरलैस

खरीदा गया था। वर्तमान में शायद यह उपकरण आरएएफ में काम कर रहे हैं। इसकी

निर्माता कंपनी आस्ट्रेलिया की है। पहले यह कंपनी भारतवर्ष में सीधा कारोबार करती थी।

बाद में कंपनी ने अपने लिए एक प्रतिनिधि नियुक्त कर अपनी जिम्मेदारी से मुक्ति पा

ली थी। इसके बाद से ही मामला बिगड़ने लगा है।

अब मामला फंसने के बाद जब जानकार लोगों ने इसके अतिरिक्त कल पुर्जों के बारे में

बाजार भाव का पता किया तो वे यह जानकर हैरान रह गये कि उन्हें काफी अधिक कीमत

पर स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध कराये गये हैं। इन वायरलैशों की देखभाल करने वाले भी कई

अवसरों पर यह संदेह व्यक्त कर चुके हैं कि शायद जो स्पेयर पार्ट्स झारखंड को उपलब्ध

कराये गये हैं, उनमें से काफी कुछ नकली है। इसी वजह से उनके काम करने की गुणवत्ता

में लगातार खराबी देखी जा रही है।

वायरलैस के मामले में कंपनी अनदेखी कर रही है

अपुष्ट जानकारी के मुताबिक कल पूर्जों की आपूर्ति के बारे में कंपनी को कई बार हिदायत

भी दी गयी है। लेकिन अब तक कंपनी ने इनकी आपूर्ति नहीं की है। इससे पुलिस का काम

काज बाधित हो रहा है। सूत्रों की मानें तो पुलिस और सुरक्षा का मुद्दा होने की वजह से

केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी इसकी जानकारी दी गयी है। जहां से पूरे देश से आंकड़े एकत्रित

किये गये हैं। देश भर के आंकड़ों का मिलान करने के बाद गृह मंत्रालय के अधिकारी इस

नतीजे पर पहुंचे हैं कि कोडान कंपनी का भारतीय आपूर्तिकर्ता गुणवत्ता के मामले में

पिछड़ रहा है। इसी वजह से कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अब उसे काली सूची

में डालने की प्रक्रिया शीघ्र ही प्रारंभ कर दी जाएगी।

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