fbpx Press "Enter" to skip to content

शहर में आ धमका जंगली हाथी लोग जान बचाकर भागे







प्रतिनिधि

मादारीहाटः शहर में रात के अंधेरे में अचानक ही एक जंगली हाथी को चलते देख

जो जहां था वहीं से भाग निकला। भीड़ देखकर उत्तेजित हाथी ने इसी दौरान एक

दुकान में तोड़ फोड़ की और एक ऑटो रिक्सा (टोटो) को भी तोड़ डाला। हाथी के

आक्रामक अवस्था को देखकर अंधेरे में लोग जहां मौका मिला वहीं भाग निकले।

हल्ला होने की वजह से लोगों ने भवनों के दोतल्ल से हाथी की इस चहलकदमी की

तस्वीरें भी खींची। समझा जाता है कि यह हाथी पास के जलदापाड़ा अभयारण्य से

किसी तरह आ निकला था। अपने झूंड के बिछड़ जाने की वजह से वह रास्ता भटक

कर शहर में आ गया था। रात के अंधेरे में लोगों को देखकर हाथी और घबड़ा गया था।

इसी वजह से वह किसी भी चलती फिरती चीज पर हमला कर रहा था। कई घंटे तक वह

सड़क पर इसी तरह उधम मचाता रहा। उसके हमलावर तेवर को देखकर दुकानों में

बैठे ग्राहक और दुकानदार भी किसी तरह जान बचाकर सुरक्षित इलाकों तक चले गये।

कई स्थानों पर तो अचानक हाथी के आ जाने की वजह से दुकान बंद किये बिना ही

लोग वहां से भाग निकले। वैसे हाथी द्वारा मामूली तोड़ फोड़ किये जाने के अलावा

इस शहर में कोई नुकसान नहीं हुआ। रात को ही कुछ देर तक मुख्य सड़कों पर

चक्कर काटने के बाद हाथी अंधेरे में जंगल की तरफ चला गया।

शहर में आने के बाद हाथी भीड़ से घबड़ा जाता है

वैसे भी जलदापाड़ा जंगल से अक्सर ही हाथियों का दल इसी तरह बाहर आ जाया

करता है। इस तरीके से बाहर आने वाले हाथी अक्सर खेतों में लगी फसल अथवा

ग्रामीण इलाकों के कच्चे मकान में रखे अनाज को चट कर जाते हैं। आम तौर पर

हाथी शहरी इलाकों के शोर से बचते हैं और इस तरफ नहीं आते। वन विभाग के लोग

मानते हैं कि दरअसल अपने जत्थे से अलग होने के बाद हाथी घबड़ा जाता है। इसी वजह

से वह अक्सर ही अधिक आक्रामक हो जाता है। इस हाथी के निकल जाने के बाद वन

विभाग के लोग उसका पीछा कर रहे हैं। कोशिश यह की जा रही है कि उसे सकुशल जंगल

तक अपने झूंड के बीच पहुंचा दिया जाए। अपने दल में पहुंच जाने के बाद हाथी अपने

आप ही शांत हो जाता है।



Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

One Comment

Leave a Reply