fbpx Press "Enter" to skip to content

कोरोना की जांच करने पहुंची डब्ल्यूएचओ की टीम ही क्वारेंटीन

  • वुहान मांस बाजार से फैला है जानलेवा कोविड 19

  • एक साल के बाद टीम को अनुमति दी

  • चीन पहले से ही आरोपों के घेरे में है

  • दो वैज्ञानिक सिंगापुर में रोके गये हैं

विशेष प्रतिनिधि

वाशिंगटनः कोरोना की जांच करने डब्ल्यूएचओ की एक टीम इतने दिनों के बाद वुहान

शहर पहुंची है। अब खबर मिल रही है कि चीन ने इसी टीम को क्वारेंटीन कर रखा है। वहां

इस पूरी टीम को 14 दिनों तक क्वारेंटी में रखा जाएगा। उसके बाद ही टीम को काम करने

की छूट मिल पायेगी। 15 सदस्यों वाली इस टीम में दो वैज्ञानिक सिंगापुर में कोरोना

पॉजिटिव पाये गये थे। उन्हें वहीं पर रोक दिया गया है। लेकिन बाकी लोगों के चीन पहुंचने

के बाद उन्हें क्वारेंटीन किया गया है। वुहान शहर में पहली बार कोरोना वायरस का पता

चलने के एक साल बाद पहुंची टीम वहां वायरस की उत्पत्ति की जांच करने गयी है। वैसे

दुनिया भर के अन्य वैज्ञानिक इस जांच पर पहले से ही संदेह व्यक्त कर रहे हैं। संदेह

व्यक्त करने वालों में अनेक ऐसे लोग हैं, जो यह मानते हैं कि यह वायरस दरअसल वुहान

शहर के वायरस केंद्र में कृत्रिम तरीके से बनाया गया है।

चीन द्वारा क्वारेंटीन किये जाने की सूचना डब्ल्यूएचओ को नहीं थी इसी वजह से संस्था

ने पहले अपने एक ट्विट में कहा था कि वुहान पहुंची टीम अब अपना जांच प्रारंभ करने

वाली है। अब बताया गया है कि चीन में 14 दिन तक क्वारेंटीन रहने के दौरान 13 विशेषज्ञ

अनुसंधान संस्थानों, अस्पतालों के लोगों से सवाल-जवाब करेंगे और संक्रमण के शुरुआती

प्रकोप से जुड़े पाये गये समुद्री जीवों और जानवरों के बाजार में भी लोगों से बातचीत

करेंगे। डब्ल्यूएचओ के दल में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, ब्रिटेन, रूस, नीदरलैंड, कतर

और वियतनाम के वायरस और अन्य विशेषज्ञ हैं। अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों की टीम को

इतनी देर से अनुमति दिये जाने की वजह से चीन पहले से ही आलोचनाओं का शिकार है।

कोरोना की जांच से पहले ही यह शहर चर्चा में आया था

जानकारी के मुताबिक वुहान शहर में ही सबसे पहले दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस

संक्रमण सामने आया था और उसके बाद इसने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया

था। यह भी आरोप है कि वायरस की जानकारी चीन की सरकार को पहले ही हो गयी थी

लेकिन चीन की सरकार ने दुनिया को इस सच्चाई से अवगत नहीं कराया था। अब चीन के

राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) के मुताबिक डब्ल्यूएचओ की टीम काम शुरू करने

के पहले महामारी नियंत्रण के लिए देश के दिशा-निर्देशों के तहत पृथक-वास प्रक्रिया को

पूरा करेगी। एनएचसी के अधिकारियों ने बुधवार को पेइचिंग में मीडिया को बताया कि

वायरस की शुरुआत कहां से हुई, यह एक वैज्ञानिक सवाल है और उन्होंने सुझाव दिया कि

इसके लिए विशेषज्ञों को दूसरे देशों का भी दौरा करना चाहिए। डब्ल्यूएचओ की टीम को

दौरे के लिए देरी से अनुमति देने पर भी सवाल उठे।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from अजब गजबMore posts in अजब गजब »
More from कोरोनाMore posts in कोरोना »
More from चीनMore posts in चीन »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from विवादMore posts in विवाद »

One Comment

... ... ...
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: