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क्या वाकई पोलियो दे रहा पश्चिम चम्पारण जिला में दस्तक

क्या वाकई पोलियो दे रहा पश्चिम चम्पारण जिला में दस्तक
  • अगर ऐसा हुआ तो यह देश का इस दौर का पहला मामला होगा

  • फिर से पोलियो मुक्ति का अभियान चलाना पड़ेगा इसके लिए

बेतिया , पश्चिम चम्पारण : क्या वाकई पोलियो लौट आया है, एक रोगी में इसके लक्षण पाये

जाने के बाद यह बहुत बड़ा सवाल बन गया है। वैसे मरीज की जांच करने के बाद उसकी रिपोर्ट

का इंतजार किया जा रहा है। वैसे माना जा रहा है कि देश भर में लगातार पल्स पोलियो

अभियान चलाने के बाद अगर यह पोलियो का मामला हुआ तो यह देश का पहला मामला

होगा। साथ ही इस बात की भी पुष्टि हो जाएगी कि जिस अभियान को इतनी तैयारी से

चलाया गया था, वह इस इलाके में किसी न किसी कारण से नाकामयाब रहा है। जिला

मुख्यालय स्थित उत्तर बिहार का सबसे बड़ा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल

बेतिया से मरीज को भगाने का मामला उज़ागर हुआ है। उल्लेखनीय है कि लौरिया प्रखण्ड

कटैया पंचायत के फुलवरिया गाँव वार्ड संख्या 09 में पोलियो का एक संभावित रोगी पाया

गया है। जिसकी जाँच एसएमओ डॉ सत्या लौरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी

चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अब्दुल गनी एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिनिधि सैयद ग़ौसुल

आज़म ने उसकी जाँच किया। डब्लूएचओ की टीम ने संभावित पोलियो मरीज की स्टूल जाँच

के लिए कंटेनर दिया है। पीड़ित बालक राजन कुमार 5 वर्ष 6 माह पिता शत्रुघ्न साह उर्फ रोहन

साह को जीएमसीएच से भगा दिया गया, इस बावत उन्होंने बताया कि उनके पुत्र जिसकी उम्र

लगभग 5 वर्ष 6 महीना बताई गई है। उसके पैर में परेशानी हुई तो शत्रुघ्न उसे लेकर डॉ दिनेश

राय से संपर्क किया। उसके बाद डॉ राय ने दवा देकर उसे पोलियो का संभावित मरीज बताते

हुए, उसकी जाँच के लिए, जीएमसीएच भेज दिया, जहाँ पहुँचने पर कोई चिकित्सक गाड़ी से

उतरा और शत्रुघ्न को वहाँ से भगा दिया।

क्या वाकई यह पोलियो का रोगी है, उसकी पुष्टि नहीं हुई

वह अपने पीड़ित पुत्र के साथ गांव लौट गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम को इस बात की

भनक मिली तो वह लौरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बुधवार को पहुँची, जहाँ एसएमओ डॉ

सत्या ने पीड़ित बालक का जाँच किया। उन्होंने जांचोपरांत स्टूल टेस्ट के लिए उसके पिता को

कंटेनर दिया। जिसे जाँच के लिए लखनऊ अथवा बंगलोर भेजा जाएगा। ध्यान देने योग्य बात

यह कि भारत से पोलियो का उन्मूलन हो चुका है। यदि जाँच में शत्रुघ्न साह के पुत्र पोलियो

पीड़ित पाए जाएंगे तो यह संभवतः भारत का पहला केस होगा। उधर शत्रुघ्न उर्फ रोहन साह ने

बताया कि उन्होंने पुत्र को पोलियो के सभी चक्र (राउण्ड) का ड्रॉप पिलाया है। अब बालक के

पिता, डब्लूएचओ और स्वास्थ्य विभाग को स्टूल टेस्ट रिपोर्ट आने की तलाश है। यदि जाँच

रिपोर्ट पॉजिटिव पाई जाती है तो पूरे स्वास्थ्य विभाग व विश्व स्वास्थ्य संगठन के लिए भारत

मे एक चुनौती का दौर प्रारंभ हो जाएगा।

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