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भाटपाड़ा नगरपालिका भी भाजपा से छीन लेगी तृणमूल?







कोलकाताः भाटपाड़ा नगरपालिका भी भाजपा के हाथ से फिसलने वाली है।

हालीसहार, बनगांव, नैहटी और गरुलिया के बाद अब भाटपाड़ा नगरपालिका

भी तृणमूल कांग्रेस भाजपा से छीनने जा रही है।

तृणमूल सूत्रों के हवाले से इसकी पुष्टि की गई है।

बताया गया है कि नगरपालिका के 33 में से 21 पार्षद तृणमूल के खेमे में

आ चुके हैं। कई और जाने को तैयार हैं। इसीलिए यह साफ हो चला है कि

इस नगरपालिका पर जल्द ही तृणमूल कांग्रेस का कब्जा हो जाएगा।

दरअसल तृणमूल के जिला अध्यक्ष और राज्य के खाद्य विपणन मंत्री

ज्योतिप्रिय मल्लिक स्पष्ट कर चुके हैं कि भारतीय जनता पार्टी के

अधिकतर पार्षद उनके संपर्क में हैं और जल्द ही नगरपालिका में

अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।

खबर है कि 8 नवंबर के बाद तृणमूल की ओर से भाटपाड़ा नगर पालिका के अध्यक्ष

सौरभ सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है।

दरअसल 8 अप्रैल को नगरपालिका के तत्कालीन अध्यक्ष अर्जुन सिंह के खिलाफ

तृणमूल कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें नगर पालिका अध्यक्ष के पद से हटाया था।

उनके खिलाफ 21 पार्षदों ने वोटिंग की थी। अर्जुन सिंह ने हाल ही में तृणमूल छोड़कर

भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था।

अब वह भाजपा से सांसद है और उनके भतीजे सौरभ सिंह नगर पालिका के अध्यक्ष।

4 जून को सौरभ सिंह के पक्ष में वोटिंग हुई थी जिसमें 26 पार्षदों ने उनका समर्थन किया था।

अब 8 नवंबर के बाद एक बार फिर सौरभ सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाना है।

तृणमूल ने अर्जुन सिंह पर व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

भाटपाड़ा नगरपालिका में छह सौ करोड़ का हिसाब नहीं

दावा है कि उनके अध्यक्ष रहते भाटपाड़ा नगरपालिका से 600 करोड़ रुपये का कोई हिसाब

नहीं मिल रहा है। इधर अर्जुन सिंह ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस चाहे जितनी कोशिश

कर ले, भाटपाड़ा नगरपालिका पर उसका कब्जा नहीं हो सकेगा।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले ही तृणमूल ने हाली शहर नगरपालिका

पर कब्जा जमाया है।



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