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व्हाट्सएप को अपनी नीतियों की वजह से लग सकता है झटका

व्हाट्सएप को अपनी ही नीतियों की वजह से भारतीय बाजार में जोरदार झटका लगने जा

रहा है। व्हाट्सएप द्वारा अपनी गोपनीयता नीति एवं सेवा शर्तों में बदलाव की घोषणा की

गयी है। इसका इस्तेमाल करने वालों को बार बार इसकी हिदायत दी जा रही है। फेसबुक

के माध्यम से सारी जानकारी साझा करने की यह नीति भारत में लोगों को शायद स्वीकार्य

नहीं होगी। इसी वजह से प्रारंभिक अवस्था में ही अनेक प्रमुख भारतीय कंपनियों ने अपने

कर्मचारियों को व्हाट्सएप का सोच समझकर इस्तेमाल करने की हिदायत दी है। निजी

जानकरी सांझ किये जाने की शर्त की वजह से लोग टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया

प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट होने लगे हैं। ऐसा नहीं है कि अपनी शर्तों में बदलाव के बाद खुद

फेसबुक को इससे होने वाले प्रभावों की जानकारी नहीं है। खुद फेसबुक बार बार इस बारे में

सफाई दे रहा है कि वह किस स्तर पर उपभोक्ता की निजी जानकारियों को सांझा करेगा।

लेकिन तय है कि इस एक कारण से भारत जैसे देश में व्हाट्सएप को शायद झटका लगने

जा रहा है। सोशल मीडिया में एक दूसरे के संपर्क में बने रहने के आसान माध्यम से तौर

पर यह सबस अधिक लोकप्रिय भी हुआ था। लेकिन अब वैश्विक आंकड़े बताते हैं कि इस

गोपनीयता भंग होने के भय ने बीते रविवार को ही मैंसेंजर को सबसे अधिक डाउनलोड

होने वाला संचार एप बना दिया। आंकड़ों के मुताबिक व्हाट्सएप और टेलीग्राम कल

मैसेंजर से काफी पीछ रह गये हैं। लेकिन भारतीय परिवेश के मुताबिक आने वाले दिनों में

शायद टेलीग्राम अधिक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बनने जा रहा है।

व्हाट्सएप को पछाड़कर आगे निकलेगा टेलीग्राम

मैसेंजर में हैक किये जाने का खतरा अधिक होने के अलावा भी कई बंदिशें हैं, जो आम

इस्तेमाल करने वालों को पसंद नहीं आती हैं। दूसरी तरफ टेलीग्राम में पहले से ही

व्हाट्सएप के मुकाबले अधिक लोगों को एक समूह में जोड़े रखने की सुविधा मौजूद है।

इसके अलावा किसी समूह में बाद में आने वाले को भी पहले के पोस्ट देखने की सुविधा

मिल जाती है। वीडियो के मामले में भी वह ज्यादा बेहतर तरीके से काम कर रहा है।

इसलिए समझा जा रहा है कि आने वाले दिनों में टेलीग्राम का दायरा भारतवर्ष में और

व्यापक होने जा रहा है। भारत में व्हाट्सएप की गोपनीयता नीति में बदलाव के बाद टाटा

स्टील ने एक ई-मेल एडवाइजरी भेजकर कर्मचारियों से व्हाट्सएप पर कोई भी

संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करने और इस ऐप पर बिजनेस मीटिंग नहीं करने के

लिए कहा है। कंपनी ने यह भी सुझाव दिया है कि वे आधिकारिक कम्युनिकेशन के लिए

माइक्रोसॉफ्ट सर्विस और माइक्रोसॉफ्ट टीम्स का उपयोग करें। कंपनी ने यह भी कहा कि

ऐसा व्हाट्सएप द्वारा हाल ही में गोपनीयता नीति एवं सेवा शर्तों को अद्यतन करने की

घोषणा के कारण किया जा रहा है। एस्सार समूह में शीर्ष 150 अधिकारियों को

आधिकारिक व्यवसाय का संचालन करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट टीम्स का उपयोग करने

के लिए कहा गया है और शेष लोगों को भी इसे अपनाने की सलाह दी गई है।

कई बड़ी कंपनियों ने दूरी बनाने का फैसला ले लिया है

हालांकि कंपनी ने ऐसी कोई ऐडवाइजरी जारी नहीं की है लेकिन वह इस पर नजर बनाए

हुए है। यह विवाद तब सामने आया जब फेसबुक ने व्हाट्सएप की सेवा शर्तों में बदलाव की

घोषणा की और उपयोगकर्ताओं से नई सेवा शर्तों को अपनाने के लिए बाध्य किया।

फेसबुक का कहना है कि वे फेसबुक और व्हाट्सएप की सेवाओं को एकीकृत कर रहे हैं।

फेसबुक और व्हाट्सएप के लोग इस बार में बार बार सफाई तो दे रहे हैं लेकिन वह खास

तौर पर भारतीय उपयोगकर्ता के पल्ले नहीं पड़ रहा है। व्हाट्सएप ने यह भी स्पष्ट किया

है कि यदि ग्राहक नई शर्तों को स्वीकार नहीं करना चाहते, तब भी वे कॉल करने और प्राप्त

करने में सक्षम होंगे, लेकिन वे संदेश पढऩे में सक्षम नहीं होंगे। प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट

किया कि जैसा कि अक्टूबर 2020 में घोषणा की गई थी कि व्हाट्सएप लोगों के लिए

खरीदारी करने के साथ-साथ बिजनेस सहायता को व्हाट्सएप के माध्यम से आसान

बनाना चाहता है। यह इंगित करता है कि जिस मैसेजिंग ऐप का उपयोग ज्यादातर लोग

दोस्तों और परिवार के साथ चैट करने के लिए करते हैं, इस पर बिजनेस करने वाले लोगों

की संख्या बढ़ रही है। यानी यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी अब व्यापार के लिए

इस्तेमाल होने वाला नया मंच बना है। वैसे भी व्हाट्सएप पर 1.5 करोड़ बिजनेस प्रोफाइल

वाले उपयोगकर्ता हैं। फेसबुक एवं व्हाट्सएप के एकीकरण की डर की स्थिति पर कंपनी ने

कहा कि पारदर्शिता के लिए नीति में एरिया को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।

इसके जरिए फेसबुक का कारोबार बढ़ाना पसंद नहीं आयेगा

उदाहरण के लिए, व्हाट्सएप पर चीजों को खरीदने या व्हाट्सएप अकाउंट से जुड़कर अन्य

फेसबुक कंपनी के उत्पादों पर दोस्तों के साथ चैट करने के लिए फेसबुक पे हमारे लिए एक

माध्यम है। लेकिन इन किस्म की सफाई के बदले मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले

टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्मों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।

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