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कमला हैरिस की गरीबी की डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव से पहले खिल्ली उड़ायी थी

  • आर्थिक तंगी की वजह से मैदान से हटी थी हैरिस

  • डोनाल्ड ट्रंप ने आदतन उनका भी मजाक उड़ाया था

  • अब महाभियोग के प्रस्ताव की सुनवाई वहीं करेंगी

विशेष प्रतिनिधि

वाशिंगटनः कमला हैरिस की गरीबी का उल्लेख तब हुआ था जब उन्होंने खुद को अमेरिकी

चुनाव से अलग करने की बात कही थी। उन्होंने बहुत साफ साफ कहा था कि चुनाव का

आर्थिक बोझ उठाने की स्थिति में वह नहीं हैं। उस समय डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की उप

राष्ट्रपति कमला हैरिस की खिल्ली उड़ायी थी। दरअसल कमला हैरिस ने चुनाव से काफी

पहले ही अपनी आर्थिक मजबूरियों का हवाला देते हुए खुद को चुनाव से अलग करने का

एलान किया था। जब उन्होंने यह एलान किया था तो डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी खिल्ली उड़ायी

थी और कहा था कि हम आपको मिस करेंगे। इस अपमान के जबाव में उस वक्त कमला

हैरिस ने कहा – चिंता मत कीजिए मैं आपको आपके खिलाफ होने वाले मुकदमों में नजर

आऊंगी। जब यह बात हो रही थी, उस वक्त तक यह तय था कि डोनाल्ड ट्रंप को चुनौती

देने का कोई शख्स मैदान में नहीं हैं और यह लगभग तय था कि वह दोबारा अमेरिका के

राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। लेकिन अचानक ही सब कुछ बदलता चला गया। जो बिडेन

मैदान में आये। उन्हें दूसरों का पूर्ण समर्थन मिला। खुद पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी

बिडेन के समर्थन में मैदान में उतर गये। इन सभी ने मिलकर कमला हैरिस को इस बात

के लिए तैयार किया कि वह जो बिडेन के साथ उपराष्ट्रपति का चुनाव लड़ें। परिस्थितियां

और तेजी से बदलती चली गयी। अब वक्त की मार है कि डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ

महाभियोग का प्रस्ताव निचले सदन से पारित हो चुका है। अब सीनेट में जब यह मामला

सुनवाई के लिए जाएगा तो वहां वाकई कमला हैरिस की उसकी सुनवाई करेंगी।

वक्त ने पलटी मारी तो वही उपराष्ट्रपति बन बैठी हैं

वह उपराष्ट्रपति पद का शपथ ग्रहण कर चुकी हैं। इस हैसियत से वही इस मामले की

सभाध्यक्ष की भूमिका में होंगी। इसलिए यह समय के पहिये के घूमने का अजीब संयोग है

कि कमला हैरिस ने अपने अपमान के उत्तर में जो कुछ कहा था, वह घटनाक्रम में अब

सच साबित होने जा रहा है।

कमला हैरिस का मजाक उड़ाकर आज खुद ट्रंप मजाक बने हैं

वैसे इस संबंध में तनाव इसलिए भी है क्योंकि जॉर्जिया से दो सदस्यों के जीतकर आने के

बाद सदस्यों की संख्या बराबर हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पहले ही ट्रंप

के एक महाभियोग की सुनवाई कर चुके हैं। इसलिए ट्रंप का खेमा उनकी मौजूदगी में इस

सुनवाई को स्वीकार नहीं करेगा। दोनों तरफ का आंकड़ा बराबर होने की वजह से ऐसा

माना जा रहा है कि अब कमला हैरिस अपने कक्ष में इस प्रस्ताव पर मतदान की व्यवस्था

करेंगी। वैसे निचले सदन में यह प्रस्ताव इसलिए पारित हुआ है क्योंकि ट्रंप की पार्टी के भी

दस सदस्यों ने उनके महाभियोग के प्रस्ताव पर सहमति जतायी है। वैसे यह समय का

दूसरा फेर ही है कि लगातार चार वर्षों तक डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक रहे मिच मैक्नोल भी

अब ट्रंप के खिलाफ हैं। मैक्नोल के पास सीनेट में अपने 17 सदस्य हैं जो उनके निर्देश पर

ट्रंप के खिलाफ मतदान कर सकते हैं। रिपब्लिकन के पांच सीनेटर ट्रंप को यह समझाने

की कोशिश कर रहे हैं कि अगर परिस्थितियां इतनी विकट रही तो उनकी अपनी पार्टी के

अनेक लोग उनके खिलाफ मतदान कर स्थिति को उनके लिए और खराब कर देंगे। कुल

मिलाकर इसे अमेरिका में भी भारतीय धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक कर्म का फल

कहकर प्रसारित किया जा रहा है कि जिसे अपमानित करने की साजिश रची गयी आज

वक्त ने उसे ही शीर्ष पर बैठा दिया है जबकि अपमान करने वाला अब दया का पात्र बन

चुका है। यही समय का चक्र है जो बिना किसी शोर शराबे के अपने कठोर फैसले सुना देता

है। अमेरिका में तमाम बातों के साथ साथ इस कर्मा की अभी बहुत चर्चा हो रही है। 

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2 Comments

  1. […] कमला हैरिस की गरीबी की डोनाल्ड ट्रंप न… आर्थिक तंगी की वजह से मैदान से हटी थी हैरिस डोनाल्ड ट्रंप ने आदतन उनका भी … […]

  2. […] कमला हैरिस की गरीबी की डोनाल्ड ट्रंप न… आर्थिक तंगी की वजह से मैदान से हटी थी हैरिस डोनाल्ड ट्रंप ने आदतन उनका भी … […]

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