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पश्चिम बंगाल सरकार आम बेचने में किसानो की मदद करेगी

  • कोरोना संकट में ऑनलाइन कारोबार में ध्यान होगा

  • महिला समूहों को मिल रहा है अतिरिक्त पैसा

  • कैश ऑन डिलिवरी तर्ज पर चलेगा यह एप

राष्ट्रीय खबर

मालदाः पश्चिम बंगाल सरकार ने आम को लेकर किसानों की चिंता दूर करने में पहल की

है। यहां के किसानों के आम अब ऑनलाइन बेचने में राज्य सरकार मदद करेगी। इस बार

कोरोना और लॉकडाउन की वजह से यहां के प्रसिद्ध आम अन्यत्र नहीं भेजे जा सके हैं।

सरकार की पहल पर इसकी अब ऑनलाइन बिक्री होगी। इसमें ग्राहकों की सुविधा का

ध्यान रखते हुए सरकार ने कैश ऑन डिलिवरी का प्रावधान रखा है। यानी आम प्राप्त होने

के बाद ग्राहक को उसका पैसा देना है। पहले दौर में यह सुविधा सिर्फ मालदा के आम

किसानों को मिलेगी। बाद में इस योजना का नफा नुकसान समझकर उसे अन्य इलाको में

भी लागू किया जाएगा, जहां आम के बगीचे हैं और जहां से दूसरे राज्यों और विदेशो में

आम भेजा जाता रहा है।

पश्चिम बंगाल सरकार की पहल के पहले चरण में मालदा के विश्व विख्यात गोपालभोग,

लक्षणभोग, हिमसागर, आम्रपाली और लंगड़ा आम की डिलेवरी सबसे पहले होगी। वैसे

कई अन्य प्रजाति के आम का बाजार भी जांचा जा रहा है। अगर दूसरे राज्यों में उन आमों

को पसंद किया गया तो उन्हें भी ऑनलाइन बेचा जाएगा। पश्चिम बंगाल सरकार के साथ

साथ केंद्र सरकार भी यहां के आदिवासी इलाकों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की

योजनाएं चला रही है। इसके तहत अब युद्धस्तर पर आम के बगीचों में ही आम की पैकिंग

का काम चल रहा है। इन महिलाओं को भविष्य के लिए आम को पौधे भी उपलब्ध कराये

जा रहे हैं ताकि बाद में वे खुद भी आम के पेड़ से अपना मुनाफा कमा सकें।

पश्चिम बंगाल सरकार के साथ साथ केंद्र की भी मदद

ऐसी ही एक आदिवासी महिला समूह के एलिजा फेतरा ने कहा कि वर्तमान में हबीबपुर

इलाके में दूसरे किस्म के रोजगार का अभाव है। लोगों के घरों में भी रोजी रोटी की संकट

है। ऐसे में आम की पैकिंग का काम भी राहत बनकर आया है। उम्मीद है कि आने वाले

वर्षों में इससे आमदनी और बढ़ेगी।

केंद्रीय अनुसंधान केंद्र की वैज्ञानिक अंतरा दास ने कहा कि स्थानीय बाजार और

ऑनलाइन दोनों में आम की कीमत एक ही रहेगी ताकि व्यापारियों को मुनाफाखोरी का

मौका नहीं मिले। इस आम की कीमत का निर्धारण मजदूरी के आदार पर तय किया

जाएगा। दूसरे माध्यमों से भेजे गये आम को पकाने के लिए जो कारबाइड इस्तेमाल होता

है, उससे यह आम पूरी तरह मुक्त होगी। इसलिए लोगों को ताजा और बेहतर स्वाद का

आम कहीं भी मिल सकेगा। इसके लिए ऑनलाइन एप तैयार कर लिया गया है। इसमें

किस प्रजाति का कितना आम मिलेगा, वह एप खुद ही बता देगा। निर्धारित ठिकाने पर

आम क पहुंच जाने के बाद ग्राहक को उसका पूर्व निर्धारित दाम देना पड़ेगा।

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