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हमें और जिम्मेदारी दिखाने की जरूरत है- शिवम सिन्हा

  • कम आबादी वाले देश में इंतजाम सहज है

  • कोरोना वॉरियर्स के प्रति समाज जिम्मेदार बने

  • कोरोना रोगी के बारे में नजरिया बदलना चाहिए

  • अधिक आबादी की अपनी चुनौतियां हैं भारत में

दीपक नौरंगी

भागलपुरः हमें और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। दरअसल पूरी दुनिया में जब कोरोना

फैलना प्रारंभ हुआ तो लोगों ने इसे आदतन बहुत हल्के में लिया था। नतीजा था कि जैसे

जैसे समय बीतता गया यह स्थिति हाथ से बाहर होती चली गयी। अब भी मौका है कि हम

जिम्मेदार बनें और उस संक्रमण को रोकने में अपनी भूमिका अदा करें।

वीडियो में देखिये उन्होंने इस बारे में क्या कहा

यह विचार है भागलपुर के शिवम सिन्हा का। कोरोना फैलने के दौरान वह दुबई में थे।

पिछले तीन वर्षों से अपने काम के सिलसिले में बाहर रहने वाले सोम पिछले दो महीनों से

भागलपुर में ही हैं। इस मुद्दे पर उनकी राय में जो परिस्थितियां दुबई की हैं, वह भारत के

मुकाबले कम चुनौतीपूर्ण हैं। किसी कम आबादी वाले देश और अधिक आबादी वाले देश के

बीच यह अंतर स्वाभाविक है। लेकिन पूरी दुनिया की आम जनता के आचरण के बारे में

उनकी राय है कि प्रारंभ में जब चेतावनी दी गयी थी कि लोगों को इससे बचाव के लिए क्या

क्या करना चाहिए। श्री सिन्हा मानते हैं कि उस दौरान भी पूरी दुनिया में इस चेतावनी को

हल्के में लेने और गैर जिम्मेदार आचरण करने की स्थिति लगभग एक जैसी रही। इसका

नतीजा अब पूरी दुनिया में इसके फैलने के तौर पर हर किसी को नजर आ रहा है।

हमें और जिम्मेदारी लें तो बहुत कुछ आसान होगा

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जो कुछ किया जा रहा है उसमें कमी बेशी हो सकती है।

लेकिन हर व्यक्ति अपने अपने स्तर पर सोशल डिस्टेंसिंग और संक्रमण रोकने के

प्रावधानों का तो एक जैसा ही पालन कर सकता है। यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर इतना

काम भी कर ले तो इससे पूरे देश को बहुत बड़ी मदद होगी।

इस दौरान अखबारों में आने वाली सूचनाओं के आधार पर उनकी राय है कि अग्रिम पंक्ति

के कोरोना वॉरियर्स के प्रति समाज को और जिम्मेदार आचरण करना चाहिए। श्री सिन्हा

ने कहा कि अक्सर ही स्वास्थ्यकर्मियों से मार पीट और पुलिस वालों से उलझने वाली

सूचनाएं आती हैं। लोगों को यह समझना होगा कि ऐसे लोग आम आदमी को बचाने के

लिए ही सड़कों पर काम कर रहे हैं। 

साथ ही उनकी राय में समाज को कोरोना के प्रति अपना नजरिया भी बदल लेना चाहिए।

आज स्थिति यह है कि किसी घर में कोरोना होते ही लोग उससे पूरी तरह कन्नी काट लेते

हैं। यहां सोशल डिस्टेंसिंग और बचाव का सुझाव दिया गया है। लेकिन जो आचरण किसी

कोरोना मरीज अथवा पीड़ित परिवार के साथ कर रहे हैं, वह गलत है। हर किसी को यह

समझ लेना चाहिए कि अगर किसी दूसरे को यह संक्रमण हुआ है तो कल हमें भी यह

अपनी चपेट में ले सकता है। यह एक ऐसा संक्रमण है, जो कभी भी किसी को अपनी चपेट

में ले सकता है। इसलिए समाज को पीड़ितों के प्रति अधिक संवेदनशील होने की सख्त

जरूत है।

भागलपुर पुलिस बहुत अच्छा काम कर रही है

इस क्रम में उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि भागलपुर के पुलिस अधिकारी 

लगातार इस दिशा में अग्रिम पंक्ति पर सक्रिय रहकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 

जनता को भी यह समझना चाहिए अगर पुलिस सख्ती बरत रही है तो यह सिर्फ लोगों 

की भलाई के लिए ही है। 


 

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