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हमें सामाजिक सांस्कृतिक व्यवस्थाओं का ध्यान रखकर विकास करना हैः हेमंत सोरेन


सिंहभूम के इलाके में 51 शिलान्यास एवं 44 का उद्घाटन

3351 किसानों के बीच केसीसी ऋण का वितरण

11098 लाभुकों के बीच किया परिसंपत्तियों का वितरण

81 अभ्यर्थियों को सौंपा नियुक्ति पत्र दिया गया

राष्ट्रीय खबर

रांची: हमें सामाजिक सांस्कृतिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर विकास की यात्रा को तय

करना है। झारखण्ड के उद्योग का लाभ राज्यवासियों को भी मिले, इसके लिए कार्य होने

चाहिए। क्षेत्र में लगने वाले उद्योग वहां के ग्रामीणों का ध्यान रखेंगे तो ग्रामीण भी अवश्य

उनके लिए सदैव तत्पर रहेंगे। आज एसीसी सीमेंट कंपनी के द्वारा स्थानीय लोगों को

नियुक्ति पत्र दिया गया। यह सुखद क्षण है, इससे पूर्व 2013 में नियुक्ति पत्र वितरित किया

गया था। इस क्षेत्र में बड़े उद्योग आ रहें हैं। स्टील उद्योग स्थापित होने की प्रक्रिया में है।

इससे भी क्षेत्र में रोजगार का सृजन होगा। अब सब चीजों को नया स्वरूप देने की कोशिश की

जा रही है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कही। श्री सोरेन चाईबासा के पिल्लई

सभागार में विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन, शिलान्यास और परिसंपत्तियों के वितरण

कार्यक्रम में बोल रहे थे।

किसान, खिलाड़ियों और ग्रामीणों का है ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में हमें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।

रोजगार का अभाव रहा। प्रतिष्ठान बंद रहे। राज्य के श्रमिक अपने गांव लौट रहे थे। मानो

गरीबों पर पहाड़ टूट पड़ा हो। इस को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने कई योजना ग्रामीण

क्षेत्रों में शुरू की ताकि ग्रामीणों को रोजगार मिल सके। पश्चिमी सिंहभूम की बात करें तो फोटो

हो खेल योजना के तहत 724 मैदान तैयार किए जाने हैं, इनमें से एक 114 मैदान का कार्य

पूर्ण हो चुका है। 420 मैदान का निर्माण कार्य जारी है। किसानों की ऋण माफी के तहत प.

सिंहभूम के करीब 1500 लाभुकों को आच्छादित किया गया है। अन्य किसानों को इस योजना

से आच्छादित करने का कार्य जारी है। करीब 64 करोड़ रुपए ऋण के तहत किसानों के माफ

किए गए हैं। आने वाले दिनों में किसानों की समृद्धि के लिए हर संभव प्रयास सरकार करेगी।

आवागमन हेतु सड़क निर्माण का कार्य होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड खनिजों से भरा राज्य है। राज्य की कई सड़कें नेशनल हाईवे

में चली गई हैं, जो भारत सरकार के अधीन हैं, इन सड़कों के निर्माण में स्वीकृति लेने में हमें

समय लगता है। जल्द से जल्द इसकी स्वीकृति कराई जाएगी। चाईबासा-हाट गम्हरिया पथ

निर्माण हेतु 250 करोड़ रुपये का डीपीआर भेजा गया है। फिलहाल तीन करोड़ की लागत से

उक्त सड़क को दुरुस्त किया जाएगा। चाईबासा में बाईपास सड़क निर्माण का प्रस्ताव आया

हुआ है। यह भी एनएच द्वारा बनना है। भूमि अधिग्रहण व मुआवजे की प्रक्रिया तेज कर दी

गई है। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2021 में शुरू होने की संभावना है। हल्दिया पोर्ट तक के लिए

एक्सप्रेस हाईवे साथ ही, सभी जिलों में बाईपास निर्माण का प्रस्ताव है, जिसे जल्द पूरा किया

जाएगा।

हमें अपने खिलाड़ियों पर गर्व होना चाहिये

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड के ग्रामीण क्षेत्र में खिलाड़ियों की संभावना दिखती है। इसके

प्रोत्साहन हेतु राज्य सरकार ने जिला खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति की। बड़े पैमाने पर

खिलाड़ियों की भी नियुक्ति की गई है। टोक्यो ओलंपिक में राज्य की बेटियां जौहर दिखा रही

हैं। ये आदिवासी बच्चे हैं, जिन्होंने बिना संसाधन के मुकाम पाया है। हमें इन पर गर्व होना

चाहिए।

चाईबासा वासियों को मिलेगी जाम से मुक्ति

चाईबासा में यातायात के दृष्टिकोण से प्रमुख स्थान जेएमपी चौक स्थित रेलवे फाटक पर

प्रतिदिन जाम की समस्या से जूझने वाले शहर वासियों की अब जाम से मुक्ति मिल जाएगी।

बहुप्रतीक्षित मांग रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के आलोक में चाईबासा/हाता मेन रोड, एन.एच

220 पर कुल 43.12 करोड़ की लागत से 780 मीटर लंबा 11.5 मीटर चौड़ा रेलवे ओवरब्रिज

पश्चिमी सिंहभूम की जनता को मुख्यमंत्री ने सुपुर्द किया।

इस अवसर पर मंत्री जोबा मांझी, सिंहभूम सांसद गीता कोड़ा, चाईबासा विधायक दीपक

बिरुवा, चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव, जगरनाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु, डीआईजी

पश्चिमी सिंहभूम असीम विक्रांत मिंज, उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम अनन्या मित्तल, पुलिस

अधीक्षक अजय लिंडा एवं अन्य उपस्थित थे।

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