fbpx Press "Enter" to skip to content

जलते हैं जिसके लिए तेरी आंखों के दीये यानी चुनाव का मौसम है प्यारे

जलते हैं जिसके लिए के नाम पर इतना रोए नेताजी लोग कि दीपावली में भी

बारिश का साफ असर दिख रहा है। अब यह मत कहना कि यह मौसम का

कसूर है। अगर इसी बात को कहना भी है तो नजाकत के साथ कह देना कि

यह मौसम का जादू है मितवा। चुनाव का माहौल फिर से चालू हो चुका है।

दो राज्य निपट गये हैं और बाकी की तैयारी है।

ऐसे में हर पार्टी के नेता के दिल और आंख में जनता के लिए आंसू छलक

और झलक रहे हैं। आखिर जनता के दुख-दर्द से ही तो उनका वास्ता रहता है।

जनता दुखी नहीं रहेगी तो नेताजी को कौन सुनेगा।

देखिये गोपाल कांडा पर कैसे दर्द लुटा रहे हैं सभी

देख नहीं रहे हैं कि जनता का दुख देखा नहीं गया तो बेचारो गोपाल कांडा

को भी गले लगाना पड़ रहा है। भले उमा भारती कितनी भी शिकायत

क्यों न करें। आखिर कुर्सी के लिए ही तो सारी मारामारी है।

जब कुर्सी ही नहीं रहेगी तो अपुन क्या घास छिलेंगे।

सत्ता है तो सब कुछ है। अब गोपाल कांडा हो या कोई और क्या

फर्क पड़ता है। आखिर उसे भी तो जनता ने वोट देकर विजयी बनाया है।

अब जब जीत गया है तो जनता का चुना हुआ नुमाइंदा समझकर गले लगाने

से क्या परहेज है। कमसे कम और कुछ नहीं तो कुर्सी पक्की करने में कुछ

तो काम आयेगा।

जलते हैं वाला यह गीत काफी पुराना है

यह फिल्म सुजाता का गीत है। वर्ष 1959 में बनी इस फिल्म के इस गीत को

लिखा था मजरूह सुलतानपुरी ने और उसे संगीत में ढाला था सचिव देव वर्मन ने।

इसे अपना स्वर दिया था तलत महमूद ने। फिल्मी पर्दे पर इस गीत को गाते हुए

सुनील दत्त नजर आये थे। तो टेलीफोन पर होने वाली वार्ता में दूसरी तरफ नूतन थीं।

गीत के बोल कुछ इस तरह हैं

जलते हैं जिसके लिये, तेरी आँखों के दिये
ढूँढ लाया हूँ वही, गीत मैं तेरे लिये
जलते हैं जिसके लिये
दर्द बनके जो मेरे दिल में रहा ढल ना सका
जादू बनके तेरी आँखों में रुका चल ना सका
आज लाया हूँ वही गीत मैं तेरे लिये

जलते हैं जिसके लिये

दिल में रख लेना इसे हाथों से ये छूटे न कहीं
गीत नाज़ुक है मेरा शीशे से भी टूटे न कहीं
गुनगुनाऊंगा यही गीत मैं तेरे लिये

जलते हैं जिसके लिये

जब तलक ना ये तेरे रस के भरे होंठों से मिले
यूँ ही आवारा फिरेगा ये तेरी ज़ुल्फ़ों के तले
गाये जाऊंगा यही गीत मैं तेरे लिये

जलते हैं जिसके लिये

अब इस गीत को दोबारा से गुनगुनाने की नहीं दोहराने का टैम आ गया है।

अपुन के झारखंड में भी चुनाव होने वाला है। पहले तो 65 पार का नारा था।

बाद में सुधारकर 70 पार का नारा लगाया गया है। लेकिन इतने सारे लोग एक ही

सीट पर चुनाव लड़ने के लिए सामने आ गये हैं कि किसे टिकट दें या किसे नहीं।

इस पर परेशानी बढ़ रही है। जाहिर है कि दूसरे लोग भी जाल बिछाकर बैठे हुए हैं।

टिकट नहीं मिलने का चांस दिखा तो झट से दूसरी पार्टी के जाल में जा फंसेंगे।

बस टिकट मिलने की गारंटी भर होनी चाहिए। अलबत्ता पिछले बार जो लोग दूसरी

पार्टी से जाल तोड़कर भाग निकले थे, उन्हें दोबारा से मैदान में उतारना है अथवा नहीं,

यह तो देखने समझने की बात है।

दिल्ली और बंगाल में कांटे की टक्कर होगी

झारखंड के बाद दिल्ली और बंगाल में फिर से कांटे की लड़ाई होने वाली है।

महाराष्ट्र और हरियाणा के संकेत तो यही बता रहे हैं कि इन दोनों राज्यों में फिर से

जोरदार टक्कर होगी। क्योंकि इन दोनों राज्यों में अन्य दलों का प्रभाव भी कुछ कम नहीं है।

एक तरफ दिल्ली में केजरीवाल ने बिजली के बिल और स्कूल की दशा सुधारकर बड़ी

लकीर खींच दी है। दूसरी तरफ ममता दीदी लगातार विरोध करने के साथ साथ जमीन से

अब तक जुड़ी हुई हैं। इसलिए अन्य राज्यों में कांग्रेस को पछाड़ने जैसा यह आसान

काम तो नहीं होगा। जाहिर है कि दोनों राज्यों में मुकाबल जोरदार होना है।

इसके लिए तैयारी भी जोरदार करनी पड़ेगी क्योंकि चूक होने पर पूरे देश में

एक गलत संदेश जाना प्रारंभ हो जाएगा।

पाकिस्तान के खिलाफ झंडा बुलंद रखने का फायदा है भाई साहब

लेकिन इसके बीच पाकिस्तान और आतंकवाद के साथ साथ अन्य राष्ट्रीयता के मुद्दों को

गर्म किये रखना है। ये कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिनसे मतदाता का खून खौलता है तो

झोली में वोटों की बारिश होने लगती है। महाराष्ट्र और हरियाणा में भले ही असर थोड़ा

कम हुआ हो लेकिन असर है, इससे इंकार तो नहीं है।

इसलिए गाते रहिये कि जलते हैं जिसके लिए तेरी आंखों के दीये।

आखिर कुर्सी रहेगी तब ना बाकी बातें होंगी। वरना चुनाव हारने के बाद सिर्फ

एक बॉडीगार्ड के सहारे पब्लिक इमेज कैसे बन पायेगी।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from चुनावMore posts in चुनाव »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from राजनीतिMore posts in राजनीति »

4 Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!