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असम के दीमा हसाओ के उमरांगसो में पानी का सुरंग फटने से हादसा

  • कई सौ फीट तक ऊपर गया था पानी
  • आस-पास के इलाके तेजी से डूबने लगे
  • पहले ही लिखित तौर पर दी थी चेतावनी
  • पानी का सुरंग फटा चार लापता इलाके में बाढ़
भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः असम के दीमा हसाओ जिला में एक हादसे में चार लोग लापता हो गये हैं।

दरअसल वहां चल रहे एक बिजली परियोजना के भूमिगत पानी के सुरंग के अचानक फट जाने की वजह से यह हादसा हुआ है।

इससे इलाके में बाढ़ की नौबत आ गयी है।

इस हादसे की आशंका के बारे में स्थानीय लोगों ने पहले ही प्रशासन और कंपनी का ध्यान आकृष्ट किया था।

लोगों ने आरोप लगाया था कि इस पाइप लाइन में पुराने और जंग लगे पाइपों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसकी वजह से कभी भी हादसा हो सकता है। अधिकारियों ने इन शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया था।

अब सुरंग के फट जाने के बाद लोगों को ध्यान पुरानी बातों की तरफ गया है।

यह हादसा नार्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कारपोरेशन की परियोजना में हुआ है।

कारपोरेशन के अधिकारी यह मान रहे हैं कि इससे करीब छह सौ करोड़ रुपये का नुकसान भी हो चुका है।

कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक बीके सिंह ने इस हादसे की पुष्टि की है।

इस हादसे में जो चार लोग लापता हुए हैं, उनमें से तीन लोग तो कंपनी के कर्मचारी ही हैं।

इनके नाम राबर्ट बेइटे, प्रेम पाल बाल्मिकी और जय सिंह तिमुंग हैं।

सुरंग की मरम्मत के लिए वहां तैनात निजी कंपनी का व्यक्ति लापता होने वाला चौथा व्यक्ति है।

इस सुरंग के माध्यम से कोपिली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का पानी आता है।

सुरंग के आस पास पानी का बहाव 12 हजार लीट प्रति सेकंड का होता है।

इसलिए जब अचानक यह सुरंग भीषण विस्फोट के साथ फटा तो लोगों ने कई सौ फीट ऊपर तक

पानी की बौछार को उठते देखा। इसके बाद आस-पास के इलाके तेजी से पानी में डूबने लगे।

असम के दीमा हसाओ में शिकायत की अनदेखी हुई है

अब धीरे धीरे यह राज खुला है कि इस बारे में कंपनी के स्वतंत्र निदेशक विजय कुमार गुप्ता को घटिया काम की शिकायत मिली थी।

श्री गुप्ता ने इस बारे में कंपनी को अधिकृत तौर पर चेतावनी दी थी।

उन्होंने कहा था कि घटिया सामान लगाये जाने की वजह से कभी भी दुर्घटना घट सकती है।

उन्होंने निरीक्षण के बाद पाया था कि वहां की पाइप घटिया है।

दूसरी तरफ मेघालय के कोयला खदान दुर्घटना की वजह से खदान के सीधे संपर्क में आने की वजह से

इस नदी के पानी में एसिड की मात्रा बहुत बढ़ गयी है। लिहाजा यह पानी जंग लगे पाइपों को जल्द ही तोड़ देगी।

इस हादस के पहले ही वहां पानी का लीकेज होने की शिकायत मिलने के बाद उसकी मरम्मत का काम किसी निजी कंपनी को दिया गया था।

यह काम अभी चल ही रहा था कि सुबह के वक्त यह विस्फोट हुआ।

अब यह भी पता चला है कि असम, मेघालय के साथ साथ केंद्र सरकार को भी संभावित हादसे के बारे में

स्वतंत्र निदेशक ने पूर्व में ही लिखित सूचना दी थी। लेकिन उनकी बातों की अनदेखी की गयी थी।

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