तेलंगना में मतदाताओं की उम्र हजार वर्ष, मामले पर बवाल

तेलंगना में मतदाताओं की उम्र हजार साल
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  • कांग्रेस ने चुनाव आयोग को भी जिम्मेदार ठहराया

  • कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रेस कांफ्रें में लगाया आरोप

  • 70 लाख लोगो के नाम में हुई है गड़बड़ी

  • आयोग को अदालत जाने की भी चेतावनी

रासबिहारी



नईदिल्लीः तेलंगना में अनेक वोटरों के उम्र पर विवाद हो गया है।

इन वोटरों की उम्र हजार साल से अधिक पायी गयी है।

सबसे अधिक उम्र के वोटर की उम्र 2017 साल देखी गयी है।

भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार इस सूची की सूचना सार्वजनिक होने के बाद मुद्दे पर राजनीति प्रारंभ हो चुकी है।

कांग्रेस महासचिव अभिषेक मनु सिंघवी ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर इस गड़बड़ी की जानकारी दी है।

इस क्रम में कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया है।

उनका आरोप है कि इस मतदाता सूची में करीब सत्तर लाख नाम गड़बड़ हैं।

उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि मामले में चुनाव आयोग ने त्वरित कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस सर्वोच्च न्यायालय में भी याचिका दायर कर सकती है।

उनका यह भी आरोप है कि मतदाता सूची की इसी गड़बड़ी का फायदा उठाने के मकसद से मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने आनन फानन में विधानसभा भंग कर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा भी कर दी है।

कांग्रेस का आरोप है कि तेलंगना में 70 लाख ऐसे लोग हैं, जिनके नाम या तो मतदाता सूची से बाहर कर दिये हैं अथवा एक ही व्यक्ति के कई बार नाम शामिल किये गये हैं।

वैसे इन मामलों में मतदाताओं की उम्र का मामला ही सबसे अधिक गंभीर मुद्दा है।

कांग्रेस का कहना है कि तेलंगना की इस गड़बड़ी का खुलासा किसी व्यापक जांच से ही संभव है।

कांग्रेस का तेलंगना के मुद्दे पर यह भी आरोप है कि मुख्य चुनाव अधिकारी को पहले से ही इस गड़बडी की जानकारी थी लेकिन वह चुप्पी साधकर बैठे रहे।

इसलिए कांग्रेस ने गत 14 सितंबर को वहां धरना भी दिया है।

तेलंगना के मुद्दे पर यह धरना एम शशिधर रेड्डी और रविशंकर जंधाला के नेतृत्व में दिया गया था।

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