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वीरेंद्र नाग हत्याकांड का उद्भेदन मख्यार गिरोह ने अंजाम दिया

लापुंग : वीरेंद्र नाग हत्याकांड का पुलिस ने उदभेदन कर लिया है। लापुंग के डिम्बा स्थित

मोहन टोंगरी में छोटका रेगरे निवासी वीरेंद्र नाग की हत्या को मख्यार गिरोह के

अपराधकर्मियों ने अंजाम दिया था । मख्यार गिरोह के एरिया कमांडर दिनेश खेरवार उर्फ

राजा उर्फ दिनू ने वीरेंद्र नाग हत्याकांड की साजिश रची और 8 से नौ लोगों के साथ

मिलकर घटना को अंजाम दिया । लापुंग पुलिस ने वीरेंद्र नाग हत्याकांड का खुलासा करते

हुए हत्या के आरोपी तिलेश्वर सिंह खेरवार, जयराम उरांव, रंजीत बारला, अभय कुमार

सिंह, कुलदीप उरांव तथा नारायण उरांव को धर दबोचा । जबकि मुख्य आरोपी दिनेश

खेरवार उर्फ राजा समेत कई अपराधकर्मी की लापुंग पुलिस तलाश कर रही है ।

उल्लेखनीय है कि गत 24 जुलाई को लापुंग पुलिस ने वीरेंद्र नाग का शव बरामद किया था

। 9 दिनों के अंदर लापुंग पुलिस ने मामले का उद्भेदन कर दिया । लापुंग के थाना प्रभारी

जगलाल मुंडा ने बताया कि साजिश के तहत वीरेंद्र नाग के बोलेरो को लड़की देखने के

लिए जाने के नाम पर मख्यार गिरोह के एरिया कमांडर दिनेश खेरवार उर्फ राजा उर्फ दिनू

ने दो दिनों के लिए बुक कराया । वीरेंद्र नाग तय समय के अनुसार बोलेरो लेकर बड़काकुरा

पहुंचा । यहां एक एक कर सभी लोगों को बुलाया गया । मख्यार गिरोह के सभी लोग ने

मिलकर साजिश के तहत वीरेंद्र नाग को डिंबा वन टोली के निकट मोहन टोंगरी जंगल के

पास ले गए । यहां सभी लोगों ने मिलकर शराब की पार्टी चलाई और फिर वीरेंद्र नाग के

ऊपर मख्यार गिरोह का विरोध करने का आरोप लगाते हुए उसके हाथ पैर को गमछा से

बांध दिया ।

वीरेंद्र नाग हत्याकांड को शराब की पार्टी के बाद अंजाम दिया गया

फिर ऊपर मोहन टोंगरी ले जाकर उसे गोली मार दी और फिर पत्थर से कुचल कर उसे मार डाला

हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद सभी अपराधकर्मी बोलेरो में सवार होकर

गुमला जिला के चैनपुर और जैरागी पहुंचे । वहां उन्होंने बोलेरो के नंबर प्लेट को

बदलवाया । दो-तीन दिनों तक सभी अपराधकर्मी जैरागी और चैनपुर में ही रात बिताई ।‌

दो दिनों तक जगह बदल कर वे सभी रह रहे थे । 23 जुलाई को वापस लौटने के क्रम में

गुमला जिले के रायडीह थाना क्षेत्र में पुलिस चेकिंग अभियान चला रही थी । इसी क्रम में

तेज गति से चेकिंग अभियान के दौरान भाग निकले । पीछा करने पर सुबह चलती बोलेरो

से कूदकर जंगल की ओर भाग गए । फिर गुमला पहुंचकर उन्होंने टेंपो रिजर्व किया और

घर लौटे । इसी क्रम में छह अपराधकर्मी पुलिस के हत्थे चढ़ गए । अपराधकर्मियों की

गिरफ्तारी में लापुंग के थाना प्रभारी जगलाल मुंडा, पीएसआई मनीष कुमार पूर्ति, छोटन

उरांव, मोहन मुर्मू, वीरेंद्र कुमार झा समेत कई पुलिस पदाधिकारियों ने अपनी भूमिका

निभाई । वहीं दूसरी ओर वीरेंद्र नाग की मां फगनी देवी, पत्नी सरोज देवी तथा छोटी पत्नी

ने गिरफ्तार अपराध कर्मियों को फांसी की सजा देने की मांग की । उन्होंने कहा कि किसी

भी कीमत पर अपराधकर्मियों को जमानत ना मिले । उन्होंने अपने गांव की ही बरजू सिंह

की बेटी लक्ष्मी देवी के ऊपर वीरेंद्र नाग का हत्याकांड का साजिश रचने का आरोप लगाया।


 

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