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पेटरवार के अनेक ग्रामीण इलाकों में जनता का लॉकडाउन

मिथलेश कुमार

तेनुघाटः पेटरवार के अनेक ग्रामीण इलाकों में अब जनता ही लॉकडाउन को सख्ती से लागू

कराने के लिए अपनी तरफ से कदम उठा रही है। पहले भी इस क्षेत्र के कई गांवों में रास्तों

पर प्रवेश वर्जित कर दिया गया था। अब कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने तथा चोरी

छिपे दूसरे इलाकों से लोगों के प्रवेश करने की वजह से ग्रामीण अपने स्तर पर इस पर

सख्ती बरत रहे हैं। इस सख्ती का एकमात्र मकसद अपने इलाके और गांव के तमाम लोगों

को संभावित संक्रमण से बचाना ही है।

वीडियो में देखिये पेटरवार के ग्रामीण इलाकों का जनता लॉकडाउन

कोरोना के प्रकोप से बड़े शहरों के प्रभावित होने के बाद यह लगातार आशंका व्यक्त की

जा रही है कि महानगरों से यह संक्रमण लेकर अनेक लोग अपने अपने इलाकों में लौट गये

हैं। इनमें से जिनकी पहचान हो चुकी है, उन्हें पहले ही क्वारेंटीन में रखा गया है। जो लोग

खुद ही आइसोलेशन में हैं, उन पर भी नजर रखी जा रही है ताकि वे नियमों का उल्लंघन

कर संक्रमण फैलाने के कारक नहीं बने। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लगे

लॉक डाउन के बाद अब गांव के लोग इसके लिए जागरूक होते नजर आ रहे हैं। बोकारो

जिले के पेटरवार प्रखण्ड के कई गांव के ग्रामीण अपने गांव के बॉर्डर पर बैरिकेडिंग

लगाकर बाहर के लोगों का गांव में प्रवेश बंद करवा रहे हैं। साथ ही अव्हेलना करने पर 500

रुपए का जुर्माना निर्धारित कर दिया गया है।

पेटरवार के अनेक इलाकों में जागरुक हुए लोग

गांव वालों का कहना है कि बहुत जरूरी हो तभी बाहरी व्यक्तियों को प्रवेश दिया जाएगा

वरना गांव में प्रवेश निषेध है, और गांव के लोग को भी दावा या साग सब्जी, राशन के लिए

ही बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है, वो भी पैदल, वाहन का आना जाना पूरी तरह से वर्जित

है। इस बारे में पेटरवार के अनेक इलाकों के ग्रामीण पहले ही यह स्पष्ट कर चुके है कि इस

किस्म के जुर्माना का एलान सिर्फ बाहरी लोगों के प्रवेश को रोकना भर है। गांव के लोगों

की जरूरत के लिए हर कुछ मौजूद है और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों के साथ साथ किसी

बीमार को ईलाज के लिए ले जाने का प्रबंध भी गांवों में आपसी सहयोग से पहले ही कर

रखा गया है


 

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