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विजयादशमी के मौके पर शस्त्र पूजा कर राफेल लिया राजनाथ सिंह ने

नईदिल्लीः विजयादशमी के मौके पर देश रावण दहन में व्यस्त था।

दूसरी तरफ देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फ्रांस में युद्धक विमान राफेल की शस्त्र पूजा कर रहे थे।

उन्होंने पूरे धार्मिक विधि विधान से इस विमान की पूजा की।

इसी के साथ उन्होंने राफेल विमान के दस्तावेज भी ग्रहण किये।

राफेल हासिल करने के बाद रक्षा मंत्री ने विमान के अगले हिस्से पर कुमकुम का तिलक लगाया औरओम लिखा।

फूल और नारियल भी रखे गए।

पूजा विधि के अनुसार विमान के पंख में सिंह ने रक्षा सूत्र बांधा।

राफेल के शस्त्र पूजा के दौरान बुरी नजर से बचाने के लिए दोनों पहियों के नीचे नींबू भी रखा गया।

रक्षामंत्री ने राफेल विमान का विधि विधान पूर्वक शस्त्र पूजन कर भारतीय वायुसेना की सामरिक ताकत में हो रहे इस इजाफे का शंखनाद किया।

राफेल में लगभग आधे घंटे की उड़ान भर कर राजनाथ सिंह ने भारत के बढ़ते सैन्य पराक्रम का भी संदेश दिया।

राफेल हासिल करने के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय वायुसेना की गर्जना ही तेज नहीं होगी बल्कि इसे बेहद मजबूती मिलेगी।

रक्षामंत्री ने कहा कि राफेल मिलने के साथ ही भारत-फ्रांस के रणनीतिक और सामरिक रिश्ते के नये दौर की शुरूआत हो गई है।

विजयादशमी के मौके पर मेरीनेक हवाई अड्डे पर हुआ समारोह

फ्रांस के मेरीनेक एयरबेस पर राफेल बनाने वाली कंपनी दॅासौ और फ्रांसीसी सैन्य मंत्री की मौजूदगी में हुए समारोह में राजनाथ सिंह को राफेल सौंपने की औपचारिकता पूरी की गई।

इस मौके पर राजनाथ सिंह ने राफेल को ‘आंधी’ बताते हुए कहा कि ये अपने नाम के हिसाब से हमारी वायुसेना को मजबूत करेगा।

फ्रेंच भाषा में राफेल का अर्थ आंधी होता है और सिंह ने इसका भी जिक्र किया।

राजनाथ ने कहा कि आज भारतीय सुरक्षाबलों के लिए ऐतिहासिक दिन है।

भारत में आज विजयादशमी यानी बुराई पर अच्छाई की जीत का दिन है।

वहीं आज 87वां वायुसेना दिवस भी है।

रक्षा मंत्री ने कहा हमारा फोकस वायुसेना की क्षमता बढ़ाने पर है।

मुझे पूरी उम्मीद है कि सभी राफेल विमान की तय समय सीमा पर डिलिवरी हो जाएगी।

भारतीय वायुसेना के पायलट राफेल उड़ाने और इसके तकनीकी प्रबंधन का प्रशिक्षण हासिल करने के लिए पहले ही फ्रांस पहुंच गए है।

राफेल से 1500 घंटे की उड़ान पूरी करने के बाद इस विमान को मई 2020 में भारत लाया जाएगा।

चार राफेल विमानों का पहला जत्था भारतीय वायुसेना को अगले साल मई में मिलेगा।

एक रोचक तथ्य यह है कि भारतीय वायुसेना के पहले राफेल लड़ाकू विमान के पिछले हिस्से यानि टेल पर आरबी 01 लिखा है।

यह नए वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेस भदौरिया के नाम पर है।

भारत की मारक क्षमता को बढ़ा देगा यह राफेल विमान

भारतीय वायुसेना के पायलट राफेल उड़ाने और इसके तकनीकी प्रबंधन का

प्रशिक्षण हासिल करने के लिए पहले ही फ्रांस पहुंच गए है।

राफेल से 1500 घंटे की उड़ान पूरी करने के बाद इस विमान को मई 2020 में भारत लाया जाएगा।

चार राफेल विमानों का पहला जत्था भारतीय वायुसेना को अगले साल मई में मिलेगा।

राफेल लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ा देगा।

यह हवाई क्षेत्र में गेमचेंजर साबित होगा।

राफेल पाकिस्तान और चीन से होने वाले हवाई हमलों के खतरे को रोकने

और उसे काउंटर करने में काफी मददगार साबित होगा।

गौरतलब है कि सॉफ्टवेयर प्रामाणिकता की वजह से सभी 36 जेट्स

अक्टूबर 2022 तक ही भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हो पाएंगे।

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