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उपराष्ट्रपति नायडू ने भारतीय नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए अभियान चलाने का आह्वान किया







  • पूर्वोत्तर के आठ दिवसीय दौरे पर गुवाहाटी पहुंचे उपराष्ट्रपति
  • कहा नदियों को सभी के प्रयास से बचाना होगा
  • बढ़ते शहरीकरण से नदियों को हुआ नुकसान
  • गुरु शिष्य परंपरा को बढ़ावा देने की जरूरत
भुपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज देश की नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए एक

शक्तिशाली राष्ट्री य अभियान चलाए जाने की आवश्येकता पर जोर देते हुए सुझाव दिया कि हमें

अपनी नदियों को तात्कालिकता की भावना के साथ बचाना होगा। यह उल्लेख करते हुए कि भारत

में नदियों को सदैव ही उनकी जीवन दायिनी शक्ति के लिए सम्मानित किया गया है,श्री नायडू ने

कहा कि बढ़ते हुए शहरीकरण और औद्योगीकरण से देश के विभिन्नि भागों में नदियों और अन्य

जल निकायों में प्रदूषण को बढ़ावा मिला है। विगत में हमारे गाँव और शहरों में अनेक जल निकाय

हुआ करते थे। आधुनिकीकरण की चाह औरलालच से प्रेरित होकर मनुष्य ने प्राकृतिक इको सिस्टम

को नष्ट कर दिया है और अनेक स्थानों पर जल निकाय या तो लगभग लुप्त हो गए हैं या उन पर

अतिक्रमण कर लिया गया है।उपराष्ट्रपति श्री नायडू पूर्वोत्तर के दौरे पर आज गुवाहाटी पहुंचे और

उन्हों ने ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर विरासत एवं सांस्कृतिक केंद्र का उद्घाटन करके अपनी यात्रा का

शुभारंभ किया। उन्होंने इस सांस्कृंतिक केंद्र के संग्रहालय का भी दौरा किया और इस अवसर पर एक

कॉफी-टेबल पुस्तक ‘फॉरएवर गुवाहाटी’ का विमोचन किया। उन्होंने नदी के किनारे बने शानदार

बगीचे से नदी का दृश्य देखा। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों को आजीविका प्रदान करने वाली यह

महान नदी इस क्षेत्र की संस्कृति और इतिहास का एक अभिन्न अंग है। नदियों के महत्व और उनके

संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, श्री नायडू ने केंद्र और राज्य सरकारों को यह सुझाव दिया कि स्कूल

के पाठ्यक्रम में जल संरक्षण के महत्व के बारे में पाठ शामिल किए जाएं।

उपराष्ट्रपति ने स्कूली पाठ्यक्रम पर सुझाव दिये

उपराष्ट्रपति ने स्कूली पाठ्यक्रम पर सुझाव दिये उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि स्कूलों को कम उम्र

से ही छात्रों के लिए प्रकृति शिविर आयोजित करने चाहिए ताकि विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में रहने

वाले बच्चे,प्रकृति के सौन्दर्य को देखें और उसका आनंद उठाएं। उपराष्ट्रपति ने उस पहाड़ी की

विरासत का उल्लेख किया जहां यह विरासत केंद्र अहोम साम्राज्य के शक्तिशाली बोरफुकन, लचित

बोरफुकन के आधार शिविर के रूप में स्थित है। अपनी यात्रा के दौरान, श्री नायडू ने इस केंद्र के कई

हिस्सों जैसे कला दीर्घा, ‘’लाइफ अलॉन्ग द रिवर’ शीर्षक के साथ केन्द्रीरय हॉलऔर प्रसिद्ध मास्कस,




पैनल पेंटिंग और अन्य कलाकृतियां से युक्तद ‘माजुली कॉर्नर’ का दौरा किया। श्री नायडू ने इस

तथ्य की सराहना की कि विरासत परिसर केवल पद यात्रियों के लिए है और इस स्थिल की शांति

बनाए रखने के लिए यहां वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने सुझाव दिया कि देश

भर के अन्य विरासत केंद्रों को भी इस तरह की हरी-भरी और स्वस्थ प्रथाओं को अपनाना

चाहिएऔरआगंतुकों के लिए पैदल और साइकिल पथ का निर्माण करना चाहिए। इससे पहले नायडू

ने गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) में राज्य कैंसर संस्थान में पीईटी-एमआरआई

विंग का भी उद्घाटन किया है। जीएमसीएच में यह नया पीईटी-एमआरआई विंग, पूर्वोत्तर में

“अपनी तरह का पहला”, 62 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया

नायडू ने आज निजी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर के इलाज की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने

के लिए राज्य सरकारों के साथ आगे आने और साझेदारी करने का आह्वान किया। पूर्वोत्तर राज्यों

के आठ दिवसीय दौरे पर निकले उपराष्ट्रपति आज सुबह गुवाहाटी पहुंचे। राज्यपाल जगदीश मुखी,

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनका स्वागत किया ।

उनका हवाई अड्डे पर किया गया स्वागत

राज्य कैंसर संस्थान में पीईटी-एमआरआई विंग का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत

में केवल चौथी ऐसी मशीन है और पूर्वी क्षेत्र में पहली है।उन्होंने कहा कि नियमित शारीरिक

गतिविधि करना, स्वस्थ आहार और पदार्थों से बचना जो किसी के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं,

वे किसी व्यक्ति की समग्र भलाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वास्तव में, वे विभिन्न गैर-

संचारी रोगों की बढ़ती घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण हैं,जिनमें कैंसर भी शामिल है। भारत में

प्रतिभा की कोई कमी नहीं बताते हुए नायडू ने अचीवर्स से कहा कि वे गुरु-शिष्य परंपरा की सच्ची

भावना से योग्य और इच्छुक युवाओं का मार्गदर्शन और संरक्षक करें। कार्यक्रम के दौरान असम के

राज्यपाल जगदीश मुखी, असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमांता बिस्वा सरमा, असम सरकार के स्वास्थ्य

एवं परिवार कल्याण मंत्री केशब महंत, मुख्य सचिव जिष्णु बरुआ व अन्य मौजूद रहे।



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