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अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के दवा वितरण में शामिल हुए कुलपति

  • कोरोना से मुक्ति की पहली जरुरत है जागरूकता : डॉ रमेश पाण्डेय
संवाददाता

रांचीः अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, झारखण्ड प्रदेश द्वारा शरीर की रोग प्रतिरोधक

क्षमता के विकास के लिये आज पंचशील नगर, रांची विश्वविद्यालय मुख्यालय, गाँधी

चौक और रांची ज़िला स्कूल परिसर में शहीद स्मारक स्थल के नज़दीक दवा का वितरण

किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ

रमेश पाण्डेय ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिये सबसे पहली जरुरत

जागरूकता की है क्योंकि, सोशल डिस्टेंस, मास्क, स्वच्छता जैसे उपाय अपनाकर ही

इससे बचाव संभव है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति जान-बूझकर वैसी गलती नहीं करेगा

जिससे उसके या उसके परिवार के सदस्यों का जीवन संकट में फँसे इसलिये जानकारी

बहुत जरूरी है। इस संदर्भ में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा पिछले तीन माह में

किये गये कार्यों की सराहना करते हुए डॉ पाण्डेय ने कहा कि महासभा ने बहुत प्रासंगिक

भूमिका निभायी है। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान स्वच्छता, सोशल डिस्टेंस और

अपनी जीवन पद्धति को आदर्श स्वरुप में ढालना बहुत जरूरी है। इस अवसर पर बोलते हुए

रांची विश्वविद्यालय की उप कुलपति डॉ श्रीमती कामिनी कुमार ने कहा कि रांची और

झारखण्ड में कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता बहुत अधिक बढ़ी है जो प्रशंसनीय है और

इसका श्रेय एबीकेएम को भी जाता है। डॉ।कुमार ने सभी सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक

व व्यावसायिक संगठनों से अपील की कि सभी सामने आयें और एकजुट होकर कोरोना के

विरुद्ध निर्णायक युद्ध लड़ें।

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा का यह निरंतर अभियान

कार्यक्रम में आम लोगों के साथ ही विश्वविद्यालय अधिकारियों, शिक्षको, कर्मचारियों एवं

छात्र-छात्राओं के मध्य होम्योपैथिक औषधि आर्सेनिक एल्बम 30 दवा के वितरण के

अवसर पर अपने सम्बोधन में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ

प्रणव कुमार बब्बू ने कहा कि, विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षको, कर्मचारियों एवं

छात्र-छात्राओं को सोशल डिस्टेंस के महत्व के साथ ही कोरोना के संदर्भ में जागरूकता का

सघन प्रचार-प्रसार करना चाहिये क्योंकि आम लोगों के हित में अभी यही सबसे अधिक

जरूरी है। उन्होंने इस बात पर ख़ुशी व्यक्त की कि अब अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक

क्षमता का विकास धीरे-धीरे पूरे झारखण्ड में आंदोलन का रूप ले चुका है और अनेक

संगठन इसके लिये सामने आये हैं।

महासभा के निर्णयानुसार कोरोना से सुरक्षा के लिये सभी लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता

के विकास के लिये पूरे झारखण्ड में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा अनुशंसित

होम्योपैथिक औषधि “आर्सेनिक एल्बम 30” दवा का वितरण पाँच लाख लोगों के मध्य

किया जा रहा है और इसी के तहत आज पंचशील नगर, रांची विश्वविद्यालय मुख्यालय,

गाँधी चौक और रांची ज़िला स्कूल परिसर स्थित शहीद स्मारक स्थल के नज़दीक दवा का

वितरण किया गया और 1845 लोगों को दवा दिया गया जिससे 9225 लोगों को सीधा

फायदा होगा।

लगातार 65 वें शिविर में भी प्रतिरोधक दवा बांटी गयी

आयोजित शिविरों की कड़ियों में यह 62वां, 63वा, 64वा और 65वां शिविर था। डॉ बब्बू ने

कहा कि निशुल्क दवा का वितरण निरंतर जारी रहेगा क्योंकि किसी व्यक्ति की रोग

प्रतिरोधक क्षमता के उन्नयन के लिये इस दवा को बेहद प्रभावी माना गया है। अवि

होमियो हाल एवं झारखण्ड होमियोपैथी एसोसिएशन के डॉ राजीव कुमार एवं मन्नत

होमियो हाल के राजेश कुमार के सहयोग से आयोजित आज के इन कार्यक्रमो में

विश्वविद्यालय के वित्त सलाहकार सुविमल मुखोपाध्याय, वित्त पदाधिकारी के के वर्मा,

उप कुलसचिव प्रीतम कुमार, डॉ पीके वर्मा, संजय कुमार, नवीन चंचल, मुस्ताक आलम

सहित अनेक लोग विशेष रूप से उपस्थित थे। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने शरीर

की प्रतिरोध क्षमता के उन्नयन के लिये आर्सेनिक 30 एल्बम की अनुशंसा की है। कार्यक्रम

को सफल बनाने में डॉ प्रणव कुमार बब्बू, राकेश रंजन बब्लू, दिनेश प्रसाद सिन्हा, विजय

कुमार दत्त पिन्टू, जयदीप सहाय, सूरज कुमार सिन्हा, आलोक परमार, संजय शौर्य,

दीपक लाल, संजय सहाय, संजय सिन्हा छोटू, राजू दयाल, विजय कुमार, सूर्य विकास

मिंज, सहित एबीकेएम के अन्य पदाधिकारियों एवं महापरिवार सदस्यों का महत्वपूर्ण

योगदान रहा।


 

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