यह है सौरमंडल का सबसे दूर का मृत ग्रह फॉर आउट

यह है सौरमंडल का सबसे दूर का मृत ग्रह फॉर आउट
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  • करीब एक हजार साल में सूरज का एक चक्कर लगाता है यह गुलाबी ग्रह

  • ग्रह के बर्फ हो गये हैं हल्के गुलाबी

  • सूरज से हमारी दूरी से 120 गुणा दूर

  • सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हुई घोषणा

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः यह एक मृत ग्रह है रंग में यह हल्का गुलाबी नजर आता है।

वैज्ञानिक शोध के बाद इस साल इसे इस सौर मंडल में सबसे दूर स्थित ग्रह माना गया है।

आकार में यह तकरीबन 310 से 375 मील की चौड़ाई लिए हुए हैं।

पूर्व में वैज्ञानिकों ने इसे भी वी जी 18 का नाम दिया था।

अब सबसे दूर का मृत ग्रह प्रमाणित होने के बाद उसका नाम फॉर आउट यानी सब से दूर रख दिया गया है।

एक अनुमान के मुताबिक यह गुलाबी ग्रह पृथ्वी से सूर्य की दूरी के करीब 120 से 130 गुना अधिक दूरी पर

बहुत ही धीरे धीरे अपनी धुरी पर चक्कर काट रहा है।

500 से 600 किलोमीटर ब्यास वाले इस ग्रह में बर्फ के अंश हो सकते हैं

लेकिन यह बहुत ही धीमी गति से घूमता है।

खगोल वैज्ञानिकों ने अब तक इस सौर मंडल में करीब 50 ऐसे मृत ग्रहों का पता लगाया है।

से सबसे बड़ा रूप है जिसका व्यास तकरीबन 2370 किलोमीटर है

जबकि आइरिश नामक ग्रह भी 2325 किलोमीटर व्यास रखता है।

पिछले सोमवार को इस सब से सुदूर ग्रह की आधिकारिक घोषणा की गई है।

इससे पहले एक अन्य ग्रह आयरिश को ही सब से दूरी का ग्रह माना गया था।

अंतरिक्ष की दूरी की गणना के मुताबिक या आइरिश ग्रह पृथ्वी और सूर्य की दूरी के तकरीबन 96 गुना अधिक दूरी पर स्थित है।

इस खोज से जुड़े खगोल वैज्ञानिक स्पॉट शेफर्ड ने कल कहा कि

यह अब तक की जानकारी के मुताबिक सबसे धीमी गति से घूमने वाला ग्रह नजर आ रहा है।

यह एक हजार साल में सूरज का एक चक्कर लगाता है

उनके मुताबिक बहुत ही धीमी गति से घूमने की वजह से ही

इस ग्रह पर मौजूद बर्फ सूर्य की रोशनी से हल्के लाल अथवा गुलाबी रंग के हो गए हैं।

वैज्ञानिकों के मुताबिक यह ग्रह अपनी धुरी पर इतनी धीमी गति से घूम रहा है कि

शायद इसे सूर्य का एक चक्कर लगाने में तकरीबन 1000 साल लगते हैं।

अब सबसे अधिक दूरी पर स्थित होने का पता चलने के बाद

वैज्ञानिकों ने इस ग्रह के बारे में और अधिक जानकारी लेने का काम प्रारंभ कर दिया है।

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