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बिहार में दूसरे राज्यों के हथियार लाईसेंस का सत्यापन होगा

  • नागालैंड और कश्मीर के अधिक हथियार लाईसेंस

  • सभी में शायद नियमों का पूरी तरह पालन नहीं

  • संगठित अपराध में इस्तेमाल हो सकते हैं शस्त्र

  • उत्तर पूर्व सहित कई के लाईसेंसधारियों की संख्या से संदेह

दीपक नौरंगी

पटना: बिहार में दूसरे राज्यों के हथियार लाईसेंस की नये सिरे से जांच होगी। पुलिस

मुख्यालय ने इस संबंध में नया आदेश जारी कर सभी जिला के पुलिस अधीक्षकों को

लाईसेंसधारियों और हथियार के सत्यापन करने को कहा है। संदेह है कि कश्मीर, नागालैंड

और कई अन्य राज्यों के शस्त्र लाईसेंस बहुत अधिक ह । ऐसे में इनकी जांच आवश्यक है।

इन राज्यों में हथियार का लाईसेंस जारी करने में शायद सभी नियमों का सही तरीके से

पालन नहीं किया गया है। अनिवार्य सत्यापन की प्रक्रिया भी नहीं पूरी की गयी है। लिहाजा

ऐसे हथियारों के लाईसेंस का लाभ हथियार और गोलियों के तस्कर भी उठा रहे हैं अथवा

नहीं, उसकी जांच जरूरी है।

बिहार में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा होने के बाद इस नये

आदेश को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैसे भी बिहार के चुनाव के पूर्व रिकार्ड को देखते

हुए हथियारों के बारे में पुलिस काफी समय से ही सतर्क रही है। एडीजी अमित कुमार ने

अब ऐसे सभी शस्त्रधारियों के सत्यापन का निर्देश दिया है, जो खास तौर पर दूसरे राज्यों

के हथियार लाईसेंसधारी है। वैसे भी इससे पहले झारखंड में भी इस किस्म के हथियार

लाईसेंसों की जांच में फजीर्वाड़ा पकड़ में आया था। झारखंड में हुई जांच के क्रम में सिर्फ

हथियार ही नहीं बल्कि बड़े ट्रेलर वाहनों के रजिस्ट्रेशन भी नागालैंड में होने की गड़बड़ी

पकड़ी गयी थी।

बिहार में दूसरे राज्यों के हथियारों की जांच होगी

अब बिहार में हथियारों के आंकड़े ही यह बता रहे हैं कि यहां नागालैंड और जम्मू कश्मीर

और अन्य राज्यों से बहुत अधिक शस्त्र का लाइसेंस लिया जा रहा है। इस क्रम में स्थापित

नियमों एवं प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया जा रहा है और ना ही अनिवार्य सत्यापन की

प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हथियार तस्करों के राष्ट्रीय पी गिरोह के माध्यम से अनुज्ञप्ति

प्राप्त कर उनका दुरुपयोग किये जाने की शिकायतें मिली हैं। पुलिस का अनुमान है कि

गलत तरीके से प्राप्त ऐसे हथियारों का उपयोग संगठित अपराध करने एवं अपराधिक

वर्चस्व स्थापित करने के लिए किया जा रहा है। इस पर रोक लगाने के उद्देश्य पुलिस

मुख्यालय द्वारा शस्त्र लाइसेंसों के सत्यापन हेतु मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की गई

है। पुलिस मुख्यालय के द्वारा विधि व्यवस्था के एडीजी अमित कुमार ने निर्देश जारी

किया है। बिहार के सभी जिले के एसएसपी और एसपी डीआईजी और आईजी को निर्देश

दिया गया है। चुनाव के ऐन मौके पर हथियारों की ऐसी जांच से नये रहस्य भी उजागर हो

सकते हैं क्योंकि इस बात की पूरी आशंका है कि जांच और सत्यापन के क्रम में दूसरे

राज्यों से हासिल किये गये ऐसे शस्त्र लाईसेंसों में गड़बड़ी पायी जाए।


 

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