Press "Enter" to skip to content

अमेरिका ने पेगासूस की कंपनी को काली सूची में डाला




वाशिंगटनः अमेरिका ने पेगासूस बनाने वाली कंपनी एनएसओ को काली सूची में डाल दिया है। इससे कंपनी के कारोबार में गलत आचरण की पुष्टि हो गयी है।




दरअसल इजरायल की इस कंपनी का दावा था कि उसके स्पाईवेयर से किसी अमेरिकी मोबाइल में जासूसी नहीं की जा सकेगी।

अब अमेरिका ने जो फैसला लिया है, उससे यह भी स्पष्ट है कि अमेरिकी में भी इसकी जासूसी की गयी है।

वैसे यह पहले ही स्पष्ट हो गया था कि विदेश में तैनात एक अमेरिकी राजनयिक के अमेरिकी नंबर वाले मोबाइल में भी सेंधमारी की गयी थी।

उसके बाद से ही यह मामला तूल पकड़न लगा था। अमेरिकान पेगासूस की कंपनी की काली सूची में डालकर यह स्पष्ट कर दिया है कि इस स्पाईवेयर से उसकी सुरक्षा में भी सेंध लगी है।

इससे स्पष्ट हो गया है कि एनएसओ ने इस स्पाईवेयर से अमेरिकी मोबाइल की सुरक्षा का जो दावा किया था, वह दरअसल गलत था और अन्य अमेरिकी लोगों की भी जासूसी की गयी है।

इसके पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमानूएल मैंक्रों के फोन की जासूसी की पुष्टि होने के बाद फ्रांस ने भी इजरायल से इस मुद्दे पर बात की थी।

बड़े देशों मे सिर्फ भारत सरकार ने इस बारे में औपचारिक तौर पर अभी तक एनएसओ से अपने कारोबार को स्वीकार नहीं किया है।




वैसे अमेरिका के नये राष्ट्रपति जो बाइडन की सरकार ने एनएसओ के साथ साथ दो अन्य कंपनियों को भी इसी काली सूची में डाला है।

अमेरिका ने पेगासूस की दो सहयोगी कंपनियों को भी अलग किया

इन दोनों कंपनियों के बारे में माना जाता है कि वे भी इस जासूसी के कारोबार में एनएसओ के साथ जुड़े रहे हैं।

अमेरिका ने एनएसओ के खिलाफ जो फैसला लिया है, उसके तहत अब यह कंपनी अमेरिका में कोई भी सामान नहीं खरीद पायेगा।

यहां तक कि वह अमेरिकी कंपनियों से भी कारोबार करने के लिए एक अतिरिक्त लाईसेंस हासिल करेगी।

अमेरिका ने अपने इस फैसले के कंपनी के भविष्य को अंधकारमय बना दिया है क्योंकि अधिकांश कंपनियां किसी न किसी तरह अमेरिका के साथ कारोबार से जुड़ी हुई हैं।

इन सभी से अब एनएसओ को अपने कारोबारी उपकरण प्राप्त नहीं हो पायेंगे। दरअसल इजरायल की कंपनी ने जो स्पाईवेयर सिर्फ देश की सरकारों को बेची है, उसमें आतंकवाद और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से जुड़े लोगों के मोबाइल पर इसके प्रयोग की बात थी।

बाद मे यह प्रमाणित हो गया है कि अनेक उपभोक्ता देशों ने इस प्रावधान का उल्लंघन कर राजनीतिक हित भी साधा है। इस अनैतिक जासूसी में एनएसओ की सहभागिता रही है।



More from HomeMore posts in Home »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from यू एस एMore posts in यू एस ए »
More from राज काजMore posts in राज काज »

2 Comments

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.
%d bloggers like this: