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बगदादी के मारे जाने के बाद अमेरिका ने खोला नया राज







  • आईएसआईएस ने भारत पर हमले की साजिश की थी
  • अमेरिकी सांसदों को दी गयी यह जानकारी
  • साजिश अंतिम समय में विफल हो गयी थी
  • आतंक के लिए सूचना तकनीक का प्रयोग भी
प्रतिनिधि

नईदिल्लीः बगदादी के मारे जाने के बाद अब अमेरिकी खुफिया तंत्र उनकी

गतिविधियों का धीरे धीरे खुलासा कर रहा है। याद रहे कि अमेरिका सेना ने

सीरिया के एक ठिकाने पर आईएस प्रमुख बगदादी को उसके परिवार के साथ

घेर लिया था। अमेरिका सेना को करीब आते देख खुद बगदादी ने एक बारूदी

जैकेट का विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया था। इस विस्फोट में उसके करीब

खड़े उसकी तीन बच्चे भी मारे गये थे।

इस घटना के बाद अमेरिकी गुप्तचर सेवा आईएसआईएस की गतिविधियों

पर उपलब्ध सूचनाओं को सार्वजनिक करने लगा है। इसके तहत यह बताया

गया है कि इस आतंकी संगठन की भारत पर हमले की भी साजिश बनायी

गयी थी। अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी ने सांसदों को यह जानकारी दी।

आईएसआईएस के खुरासान समूह उर्फ आईएसआईएस-के ने पिछले

साल भारत में आत्मघाती हमले की साजिश रची थी। अमेरिका के एक

शीर्ष अधिकारी ने सांसदों को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय खुफिया निदेशालय

के तहत आने वाले राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी केंद्र के कार्यकारी निदेशक

रसल ट्रैवर्स ने कहा कि आईएसआईएस की सभी शाखाओं में से आई एस

आई एस-के वह संगठन है, जो अमेरिका के लिए चिंता की सबसे बड़ी वजह

है। भारतीय मूल की सांसद मैगी हसन के एक सवाल के जवाब में ट्रैवर्स

ने कहा, “आईएसआईएस की शाखाओं एवं नेटवर्क में से, आईएसआईएस-के

निश्चित तौर पर सबसे ज्यादा चिंतित करने वाला संगठन है।” मैगी द्वारा

क्षेत्र में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने की आईएसआईएस-के की क्षमता के

बारे में पूछे जाने पर ट्रैवर्स ने कहा, “संगठन अफगानिस्तान के बाहर हमले

करने के लिए उकसाता है। उसने पिछले साल भारत में आत्मघाती हमला

करने की साजिश रची थी, जो नाकाम हो गई।”

बगदादी के मारे जाने के पहले अमेरिकी को थी जानकारी

हसन ने पिछले महीने अफगानिस्तान और पाकिस्तान का दौरा किया

और इस दौरान उन्होंने अफगानिस्तान में आईएसआईएस से संबद्ध

संगठन आईएसआईएस-के के तेजी से बढ़ रहे खतरों को लेकर अमेरिकी

सेना की चिंताओं को सुना। उन्होंने कहा, “मैंने स्पष्ट तौर पर सुना कि

आईएसआईएस-के अफगानिस्तान में न सिर्फ अमेरिकी बलों के लिए

खतरा है, बल्कि अमेरिका पर हमला करने की भी साजिश रचता है।”

पिछले हफ्ते ट्रैवर्स ने कहा था कि दुनिया भर में आईएसआईएस की

20 से ज्यादा शाखाएं हैं, जिनमें से कुछ संगठन हमलों को अंजाम देने

के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हैं।



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