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मिसाइल परीक्षण के बाद अमेरिका ने उ. कोरिया पर लगाए प्रतिबंध




वाशिंगटन : मिसाइल कार्यक्रमों को उत्तर कोरियो के बैलिस्टिक में समर्थन देने के लिए अमेरिका  ने आठ उत्तर कोरियाई और रूसी नागरिकों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया है।




बुधवार को ट्रेजरी फॉर टेररिज्म एंड फाइनेंशियल इंटेलिजेंस के अवर सचिव ब्रायन ई नेल्सन ने कहा, आज की यह कार्रवाई उत्तर कोरिया के सामूहिक विनाश के हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को रोकने के लिए अमेरिका के जारी प्रयासों का एक हिस्सा है।

इसके तहत यह अवैध रूप से हथियारों की खरीद के लिए विदेशी प्रतिनिधियों को निरंतरता को दर्शाती है।

श्री नेल्सन ने कहा, उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइलों का प्रक्षेपण किया जाना इस बात का सबूत है कि अंतरराष्ट्रीय समुदायों द्वारा मना किए जाने के बावजूद इसने कूटनीति और परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए प्रतिबंधित कार्यों को करना जारी रखा है।




मिसाइल परीक्षण द्वारा सामूहिक विनाश के हथियारों को खरीदने का काम उत्तर कोरिया ने किया है

अमेरिकी विदेश सचिव एंटोनी ब्ल्कििग ने कहा, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के अलावा अमेरिकी विदेश विभाग ने एक उत्तर कोरियाई नागरिक, एक रूसी नागरिक, एक रूसी कंपनी पर भी प्रतिबंध लगाया है,

जिन्होंने उत्तर कोरिया द्वारा सामूहिक विनाश के हथियारों को खरीदने और उन्हें वितरण किए जाने के साधनों के प्रसार में भौतिक रूप से योगदान दिया है।

गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने हाल ही के दिनों में नए मिसाइलों का प्रक्षेपण किया है। हर  स्तर पर परेशानी झेल रहा यह देश आर्थिक तौर पर भी तंगहाली के दौर से गुजर रहा है।

इसके बाद भी वहां के तानाशाह शासक ने अपने मिसाइल परीक्षण के कार्यक्रम को कभी धीमा नहीं किया है। वह इसके जरिए यह भी जता देना चाहता है कि वह दुनिया के बड़े देशों की कोई परवाह नहीं करता। अपनी कई आदतों और संदेह की वजह से यह किंग जोंग पहले से ही एक रहस्यमय राजनीतिक चरित्र के तौर पर समझा जाता है। 



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