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केंद्रीय वन मंत्री अश्विनी चौबे उत्तर पूर्व के सात दिवसीय दौरे पर




  • वन संरक्षकों को दिया जाएगा पुरस्कार और अनुदान
  • नरेंद्र मोदी के लिए पूर्वोत्तर राज्य का अत्यधिक महत्व है

भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी : केंद्रीय वन मंत्री अश्विनी चौबे ने पूर्वोत्तर का दो दिवसीय दौरा प्रारंभ किया है। प्रधानमंत्री




नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वन , पशु पक्षी

को संरक्षण के लिए ‘वन और पशु पक्षी संरक्षण कार्य योजना शुरू की है। केंद्रीय वन और पर्यावरण

के राज्य मंत्री अश्विनी कुमार ने आज गुवाहाटी में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा है कि बढ़ते

शहरीकरण और औद्योगिकीकरण की वजह से पेड़ लगातार कम हो रहे हैं। बाग-बगीचे और खेती

को खत्म कर बहुमंजिला इमारतें बनाई जा रही हैं। वहीं, जलीय पक्षियों के आवास भी सुरक्षित नहीं

है। इन्हें बचाने के लिए शासन स्तर से लेकर आम जन सभी का सहयोग जरूरी हो चला है। पशु-पक्षी

प्रेमी भी इस ओर लगातार सराहनीय कदम उठा रहे हैं, लेकिन आम जन के बिना इन्हें बचाने की

मुहिम बहुत पिछड़ती जा रही है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि जो लोग देश के वन , पशु

पक्षी को रक्षा करते आ रहा है और जो वन रक्षकों ने निष्ठा सहित देश के वन और पशुओं को रक्षा

करता है , उसको राष्ट्रपति और राष्ट्रीय पुरस्कार के साथ पच्चीस लाख रुपये के एक कालीन

अनुदान दिया जाएगा । उन्होंने कहा कि पशु-पक्षी लोगों की जीभ की भेंट तो लगातार चढ़ ही रहे हैं,

जलवायु परिवर्तन के कारण भी इनकी संख्या लगातार कम हो रही है। बढ़ते तापमान और पेड़-पौधों

की संख्या कम होने से यह प्राणी विलुप्त होते जा रहे हैं। वहीं, कानून की धज्जियां उड़ाते हुए पेड़-




पौधों को काटा जा रहा है तो विभिन्न रसायनों के प्रयोग से पक्षियों की मौत हो रही है।

केंद्रीय वन मंत्री ने यहां विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की

केंद्रीय वन मंत्री अश्विनी  अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि उनका मानना है कि यदि हम महत्वपूर्ण

अवसरों को आमजन के साथ मनाते हैं, तो इससे विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों को बढ़ावा देने में

सहायता मिलेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को राष्ट्रीय उद्यानों में जाने की सुविसु दी जानी

चाहिए ताकि उन्हें अपने पर्यावरण के विषय में जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने सुझाव दिया कि

यदि युवा पीढ़ी को कम से कम वर्ष में दो बार राष्ट्रीय उद्यानों में भ्रमण का अवसर मिले तो वह

पर्यावरण के विषय में अधिक ज्ञान एकत्रित कर सकेंगें। उन्होंने कहा कि यदि असम इस क्षेत्र में कुछ

विशिष्ट कार्य करता है, तो इससे पूरे देश को प्रेरणा मिलेगी। उनका मानना है कि बाघ दिवस, हाथी

दिवस, पर्यावरण दिवस आदि अवसरों को आम नागरिकों के साथ मनाया जाना चाहिए और इन्हें

कार्यालयों तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे बेहतर कार्यों को बढ़ावा देने के

लिए पर्याप्त भी अवसर मिलेगें और इससे नागरिकों को भी किये गए कार्यों के विषय में जानकारी

प्राप्त होगी। अश्विनी कुमार चौबे ने आज असम के गुवाहाटी में पर्यावरण और वन सचिव, प्रधान

मुख्मु य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकबै की।



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