fbpx Press "Enter" to skip to content

उमा भारती के तीखे तेवर से सहम गयी योगी सरकार

  • मीडिया के आक्रामक रवैये से भाजपा नेतृत्व बेचैन

  • कोरोना से पीड़ित होने की वजह से ऋषिकेष में हैं साध्वी

  • उनके तेवर आक्रामक हुए तो ढीली पड़ गयी योगी सरकार

  • भाजपा नेता भी मीडिया के तीखे सवालों से बचते फिर रहे

रासबिहारी

नईदिल्लीः उमा भारती फिलहाल कोरोना से पीड़ित होने की वजह से ऋषिकेष में इलाजरत

हैं। वहां से उन्होंने अपने तेवर कड़े कर लिये तो रातों रात योगी सरकार की अकड़ भी ढीली

पड़ गयी। अस्पताल में होते हुए उन्होंने खुद को योगी आदित्यनाथ की बड़ी बहन बताते

हुए उन्होंने रुख बदलने की नसीहत दी। दूसरी तरफ हाथरस के मुद्दे पर युद्ध का मैदान बना

नोएडा का इलाका भी पत्रकारों के तीखे तेवर की वजह से भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को

बेचैन कर गया। इससे पहले कभी हाल के दिनो मे भाजपा नेतृत्व को मीडिया का ऐसा रुख

झेलना नहीं पड़ा था। कड़े और तीखे सवालों से बेभन भाजपा नेता भी चाहते थे कि नोएडा

के इस युद्ध का मैदान तुरंत बंद हो। इसीलिए रातोंरात चेहरा बचाने की कवायद नीचे से

ऊपर तक हुई। जिला कलेक्टर और एसपी सहित कई अधिकारियों का तबादला करने के

साथ साथ मीडिया सहित अन्य सभी संगठनों को हाथरस जाकर मृतका के परिवार के

लोगों से मिलने की इजाजत भी दे दी गयी। वैसे इस पूरे घटनाक्रम में यह स्पष्ट हो गया है

कि भाजपा की सक्रिय राजनीति से दूर रहने के बाद भी उमा भारती का आक्रामक तेवर

भाजपा के लिए भारी पड़ गया है। एक के बाद एक कई ट्विट साध्वी उमा भारती की तरफ

से किये गये। राहुल गांधी से पुलिस की हाथापायी की घटना सार्वजनिक होने के बाद

उन्होंने अपने पहले संदेश से योगी सरकार को अपने तेवर का नर्म संकेत दे दिया था।

उन्होंने लिखा था कि अगर वह स्वस्थ होती तो हाथरस जाकर उस पीड़ित परिवार से

अवश्य मिलती।

उमा भारती के साथ साथ मीडिया भी इन हरकतों से नाराज

इसके बाद भी योगी आदित्यनाथ की सरकार के तेवर यथावत ही रहे। लेकिन उसके बाद

सुश्री उमा भारती ने सोशल मीडिया पर आक्रामक रवैया अपना लिया और एक के बाद एक

कई ट्विट किये। अपने अंतिम ट्विट में उन्होंने बड़ी बहन के तौर पर योगी आदित्यनाथ

को नसीहत दे दी कि उन्हें अपने रवैये में सुधार करना चाहिए। उनके इस तीखे तेवर से

योगी सरकार को अड़े रहने की सलाह देने वालों की भी अकड़ ढीली पड़ गयी।

दूसरी तरफ घटनास्थल पर सच्चाई जानने को जाने को उतारू मीडिया के तेवर का

अभ्यास भाजपा को इनदिनों नहीं था। इसलिए प्रारंभिक चरण में उसकी अनदेखी करना

भाजपा नेताओं को भी भारी पड़ गया। दरअसल टीवी भनलों के न्यूज रुम में बैठकर

मनपंसद प्रश्नों का उत्तर देने वालों के लिए नोएडा के मोर्चे पर तैनात मीडिया वालों का

तेवर भारी पड़ गया। हर स्तर पर जब इसी मुद्दे पर सवाल होने लगे तो भाजपा नेता भी

उत्तर देने के बदले चेहरा बचाकर भागते नजर आये।

पत्रकारों के फोन टैप की लिखित शिकायत

इजाजत मिलने के बाद वहां गये पत्रकारों के फोन टैप किये जाने की शिकायत भी

प्रमाणित हो गयी है। एक समाचार पत्र समूह की पत्रकार के साथ मृतका के परिवार वालों

की बातचीत सरकार समर्थक वेबसाइट पर पहुंचने का मुद्दे पर मीडिया समूह ने ही सरकार

से इसका उत्तर मांगा है। जाहिर है कि वहां जाने वालों के फोन टैप किये बिना यह सूचना

किसी दूसरे को नहीं मिल सकती थी।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from उत्तरप्रदेशMore posts in उत्तरप्रदेश »
More from बयानMore posts in बयान »
More from महिलाMore posts in महिला »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!