Press "Enter" to skip to content

भ्रष्टाचार के मामलों में एक तहसीलदार समेत दो लोक सेवक और दो अन्य को सजा







इंदौर भ्रष्टाचार के मामलों में एक तहसीलदार समेत दो लोक सेवक और दो अन्य को सजा

मध्यप्रदेश के इंदौर की विशेष अदालत ने आज खादी ग्रामोद्योग के एक तत्कालीन उप संचालक

तथा इंदौर राजस्व सीमा में पदस्थ रहे एक तत्कालीन नायाब तहसीलदार और ऋण लेने वाले दो

आवेदकों को संगतमत होकर, गुण नीति के विपरीत जाकर, ऋण ले-देकर भ्रष्टाचार करने,

लोकसेवक होते हुए पद का दुरूपयोग करने तथा भ्रष्टाचार तथा आर्थिक विश्वास का आपराधिक

हनन करने के दो अलग-अलग मामलों में दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं में सश्रम कारावास

और अर्थदंड की सजा से कल दंडित किया है। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती ज्योति

गुप्ता ने बताया कि विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के न्यायाधीश विकास शर्मा

ने शुक्रवार को दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई की। दोनों ही मामलों में खादी ग्रामोद्योग के

तत्कालीन उपसंचालक चन्दर सिंह सोलंकी पर गुण नीति के विपरीत जाकर ऋण देने के आरोप

सिद्ध हुए है। न्यायालय ने सोलंकी से मिलीभगत कर गुण नीति के विपरीत जाकर ऋण आवेदन

करने तथा ऋण लेने वाले निहाल सिंह और उमराव सिंह मोर्य को भी दोषी करार दिया है।

भ्रष्टाचार के  तत्कालीन नायब तहसीलदार संजय वाघमारे पर खादी ग्राम उदयोग

भ्रष्टाचार के  तत्कालीन नायब तहसीलदार संजय वाघमारे पर खादी ग्राम उदयोग के भ्रष्ट

उपसंचालक सोलंकी से मिलकर निहाल सिंह का ऋण वसूली प्रकरण की उचित सुनवाई नहीं करते

हुए निहाल सिंह को लाभ पहुंचाने के आरोप सही साबित हुए है। इसी मामले में दो अन्य आरोपियों

की मृत्यु हो जाने तथा एक अन्य तत्कालीन नायब तहसीलदार पर लगे आरोप सिद्ध नहीं होने के

चलते इन्हे आरोप मुक्त करार दिया गया है। श्रीमती गुप्ता ने दोनों मामलों की जानकारी देते हुए

बताया कि पहले मामले में निहाल सिंह ने वर्ष 1997 से 2004 के बीच सहायता बैंक जमा योजना के

तहत ऋण के लिए एक खादी ग्राम उद्योग इंदौर को एक आवेदन किया था। इस आवेदन पर

तत्कालीन उप संचालक चन्दर सिंह सोलंकी ने निहाल सिंह को 5 लाख 20 हजार का ऋण

फेब्रिकेशन इकाई स्थापित करने के लिए दे दिया था। नियमों की अनदेखी कर दिए गए इस ऋण की

किस्तों की अदायगी निहाल सिंह ने नहीं की। इस ऋण वसूली के प्रकरण तत्कालीन नायब

तहसीलदार संजय वाघमारे के समक्ष जाने के बाद उन्होंने खादी ग्राम उदयोग के भ्रष्ट अधिकारियो

से मिलकर इस मामले को दबा दिया था। इस तरह आरोपियों ने अपने पद का दुरूपयोग कर

आपराधिक षडयंत्र के तहत कदाचरण का अपराध किया। न्यायालय ने उक्त तीनों आरोपियों को

सजा सुनाई है। मामले में ऋण लेने वाले निहाल सिंह को आपराधिक साजिश तथा धोखाधड़ी का

आरोप सिद्ध होने पर 04-04 वर्ष सश्रम कारावास एवं 50-50 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया

गया। इसी मामले में तत्कालीन नायब तहसीलदार संजय वाघमारे को आपराधिक साजिश और

धोखाधड़ी की धाराओं में 04-04 वर्ष सश्रम कारावास एवं 50-50 हजार रूपये के अर्थदण्ड किया है।

बाघमारे को ही तथा भ्रष्टाचार निवारण के तहत भी 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 50 हजार रूपये

के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।



More from HomeMore posts in Home »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from दिल्लीMore posts in दिल्ली »

Be First to Comment

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.
%d bloggers like this: