fbpx Press "Enter" to skip to content

पुलवामा मुठभेड़ में दो आतंकवादी ढेर, दूसरी मुठभेड़ में शीर्ष कमांडर घिरा

श्रीनगरः पुलवामा मुठभेड़ में सुरक्षा बलों की ओर से शुरू किए गए घेराबंदी और तलाश

अभियान (कासो) में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। वहीं जिले

में दूसरी जगह मुठभेड़ में शीर्ष आतंकवादी कमांडर को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है। जिले में

कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के डर से भारत संचार निगम लिमिटेड

(बीएसएनएल) सहित सभी सेल्यूलर कंपनियों की मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बुधवार को

कश्मीर घाटी में सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दी गई, जहां श्रीनगर सहित कई इलाकों में

कर्फ्यू लगा दिया गया है। सेना के एक अधिकारी ने कहा कि आतंकवादियों के छिपने की

खुफिया सूचना के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी),

सेना और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कल रात पुलवामा के अवंतिपोरा के

शारसली गांव में घेराबंदी और तलाश अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा जब सुरक्षा बल

आंतकवादियों के छिपे हुए इलाके की ओर बढ़ रहे थे तभी आतंकवादियों ने स्वचालित

हथियारों से सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया। सेना की जवाबी कार्रवाई के साथ ही मुठभेड़

शुरू हो गयी और मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गये। अभियान अभी भी जारी है। उन्होंने

कहा कि कल रात आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद

अवंतिपोरा के बेईघ्पोरा में दूसरा घेराबंदी एवं तलाशी अभियान शुरू किया गया। बुधवार

सुबह आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ शुरू हुई। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों के एक

शीर्ष कमांडर को चारों ओर से घेर लिया गया है। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ अभी भी जारी

है।

पुलवामा मुठभेड़ में इलाके की नाकाबंदी जारी है

उन्होंने बताया कि श्रीनगर के पुराने इलाके सहित घाटी के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया

है एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि सुरक्षा बल लाउडस्पीकर के जरिये घोषणा करते हुए

लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील कर रहे हैं। एक पुलिस अधिकारी ने हालांकि बताया

कि कोरोना वायरस कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए केवल लॉकडाउन आदेश के

अनुसार लोगों को अनावश्यक गतिविधियों और भीड़ लगाने पर प्रतिबंध जारी है। उन्होंने

कहा कि अवंतिपोरा के बेईघ्पोरा में कासो जारी है। घाटी में कुछ चैनल अटकलबाजी के

आधार पर रिपोर्ट दे रहे हैं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए उन्हें इस तरह की

काल्पनिक रिपोर्ट करने से बाज आना चाहिए। उन्हें सलाह दी जाती है कि इस तरह की

खबरों को प्रसारित न करें।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from आतंकवादMore posts in आतंकवाद »
More from जम्मू कश्मीरMore posts in जम्मू कश्मीर »

2 Comments

Leave a Reply