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दो बच्चों की नरबलि के मामले में लातेहार के गांव का माहौल गर्म




  • पड़ोसी के घर के पास लाश बरामद

  • अभिभावकों ने पड़ोसी पर लगाया गंभीर आरोप

  • नये सिरे से पूरे मामले की जांच कराने का आदेश

संवाददाता

रांची: दो बच्चों की नरबलि की शिकायत सामने आने के बाद राज्य सरकार सतर्क है।

राज्य में इनदिनों मॉब लिंचिंग के मामलों में बढ़ोत्तरी की वजह से वैसे ही सतर्कता बरती जा रही है।

लातेहार के एक गांव में दो बच्चों की नरबलि की घटना की सूचना से माहौल तनावपूर्ण हो गया है।

यद्यपि जिला प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिये हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक दफनाये गये शवों को दोबारा निकालकर उन्हें नये सिरे से जांच के लिए रांची के रिम्स भेजा जा रहा है।

इस घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक सेमरहत गांव के विरेंद्र उरांव के छह वर्षीय बेटा निर्मल और बिहारी उरांव की बेटी शीला कुमारी की सिर कटी लाश बालू से बरामद हुई है।

इनके बदन पर कोई कपड़ा भी नहीं है।

दिल दहला देनेवाली घटना से आसपास के लोगों में आक्रोश है।

दोनों बच्चों के शव उनके पड़ोसी सुनील उरांव के घर के पीछे से बरामद किया गया है।

खिड़की से देखने पर उसके घर के अंदर पूजा किए जाने के सामान व खून के छींटे भी मिले हैं।

दो बच्चों की नरबलि पर क्या कहते हैं अभिभावक देखिये वीडियो

निर्मल के पिता विरेंद्र उरांव ने बताया कि सुनील उरांव ने ही दोनों बच्चों की बलि देकर दफना दिया गया है।

इस घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।

थाना प्रभारी प्रभाकर मुंडा के अलावा एसडीओ व भारी संख्या में फोर्स गांव में जांच में जुटी हुई है।

औपचारिक तौर पर जिला प्रशासन की तरफ से अभिभावकों के इस आरोप की पुष्टि नहीं की गयी है।

औपचारिक तौर पर सिर्फ मामले की गहन जांच कराये जाने की बात कही जा रही है।

दूसरी तरफ अन्य माध्यमों से मिल रही अपुष्ट सूचनाओं के मुताबिक घटनास्थल पर जाने वाले

पुलिस अधिकारी अनौपचारिक तौर पर यह स्वीकार कर रहे हैं कि शायद अभिभावकों के आरोप में दम हो सकता है।

ऐसा देखने से लगता है कि यह वाकई नरबलि का मामला भी हो सकता है।

लेकिन इसकी पुष्टि मेडिकल विशेषज्ञ ही कर सकते हैं।

सिर्फ लाश की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि किसी धारदार हथियार के वार से

इनका सर गरदन से अलग किया गया है।

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