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तुर्की का झील भी पूरी तरह सूख गया मौसम के बदलाव में




कोन्याः तुर्की का झील अब पूरी तरह सूख गया है। कई सदियों से यह झील अनेक जीवन का आधार था। साथ ही मध्य तुर्की में स्थित इस टूज लेक को देखने पर्यटक आते थे। दरअसल इस झील के चारों तरफ फ्लैमिंगो पक्षियों के बहुत बड़ी आबादी बसती थी।




इस बार की गर्मी में जबर्दस्त तापमान के बाद बारिश नहीं होने की वजह से अब यह तुर्की का लेक पूरी तरह सूख गया है। इस जलागार के सूख जाने का कितना घातक असर हुआ है, वह वहां जाने वाले देख रहे हैं।

फ्लेमिंगों के अलावा इस झील पर आश्रित अन्य प्राणियों के शव आस पास बिखरे पड़े हैं। जो जीव और पक्षी वहां बचे हुए हैं, वे भी किसी तरह इस गर्मी के बीच विकल्प की तलाश के लिए इधर उधर भटक रहे हैं।

तुर्की का झील आकारम करीब 1665 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह तुर्की का दूसरा सबसे बड़ा झील है। साल भर के लिए यह झील अनेक प्राणियों का बसेरा और जीने का सहारा था। अब मौसम के बदलाव की वजह से यहां भी यह खतरा साफ साफ नजर आने लगा है।




तुर्की का झील अब सूखा जबकि उर्मी झील पहले सूख गयी

याद दिला दें कि इससे पूर्व ईरान का उर्मी झील भी इसी किस्म के मौसम के बदलाव का शिकार हुआ है। झील सूख जाने की वजह से पर्यटन पर आधारित सारा कारोबार भी अब बंद हो चुका है।

लेक टूज यानी अंग्रेजी में नमकीन झील भी इसी मौसम के बदलाव का शिकार हो रहा है, जिसे अब अलग अलग तरीके से पूरी दुनिया में महसूस किया जा रहा है।

पर्यावरण विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाली कृषि नीतियों की वजह से ऐसा हुआ है।

अधिक उपज की चाह में बेतरतीब ढंग से पानी की निकासी की वजह से भूमिगत जल का भंडार भी सूख चुका है। इसकी वजह से बारिश नहीं होने के बाद झील के पास पानी का कोई दूसरा स्रोत भी नहीं बचा था।



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