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त्रिपुरा में भी खेला होबे की धून सुनाई देने लगी, मुकुल राय हुए एक्टिव

  • भाजपा विधायकों को तोड़ने का खेल हो गया है शुरु

  • अनेक भाजपा विधायक चल रहे हैं नाराज

  • पार्टी के नेता बीएल संतोष शीघ्र जाएंगे

  • बागियों से संपर्क में है टीएमसी

उत्तर पूर्व संवाददाता

गुवाहाटी: त्रिपुरा में भी खेला होबे की धून सुनाई देने लगी है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी की

हार के बाद वहां पार्टी में उथल-पुथल है और अब इसका असर त्रिपुरा तक पहुंच रहा है।

बंगाल के राजनीति गलियारों में चर्चा है कि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब के साथ

विवादों के चलते सुर्खियों में रहने वाले बर्मन अगर टीएमसी में वापस आए तो त्रिपुरा में

सत्ताधारी भाजपा से कुछ विधायक भी उनका साथ दे सकते हैं।भारतीय जनता पार्टी की

त्रिपुरा की राज्य इकाई में नए सिरे से घर्षण की खबरों के बीच यह खबरें सामने आई हैं कि

पार्टी के कुछ सदस्य तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जहाज कूदने को तैयार हैं। त्रिपुरा के

मुख्यमंत्री बिप्लब देब और अन्य लोगों के साथ 2017 में भाजपा में शामिल हुए सुदीप रॉय

बर्मन के नेतृत्व में असहमति रखने वाले विधायक कथित तौर पर असहमत हैं क्योंकि

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय ने पद छोड़ने के एक साल से भी कम समय के

बाद टीएमसी में फिर से शामिल होने के लिए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। मुकुल रॉय के

शिफ्ट होने से छह पिछले साल टीएमसी से बीजेपी में चले गए थे। अब राय की घर वापसी

के साथ ही पार्टियों में फिर से फेरबदल हो सकता है। भाजपा विधायकों के टीएमसी में

शामिल होने की खबरें सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगीं, भाजपा के राष्ट्रीय

महासचिव बीएल संतोश और त्रिपुरा के सांगठनिक प्रभारी फनींद्र नाथ शर्मा स्थानीय

नेताओं के साथ बैठक करने त्रिपुरा पहुंचे।सूत्रों के मुताबिक त्रिपुरा बीजेपी में अपने लोगों

को टूटने से बचाने के लिए संगठन स्तर पर बड़ा बदलाव हो सकता है, साथ ही वहां

कैबिनेट विस्तार की भी चर्चा है।

त्रिपुरा में भी भाजपा के अनेक नाराज नेता

दिल्ली से त्रिपुरा गए पार्टी के सीनियर नेता से भी नाराज लोगों ने साफ कहा कि राज्य में

संगठन नेतृत्व में बदलाव किया जाए। त्रिपुरा बीजेपी में काफी वक्त से उथल-पुथल चल

रही है। पार्टी विधायक कई बार मुख्यमंत्री के खिलाफ ही मोर्चा खोल चुके हैं। सीएम

बदलने की मांग को लेकर त्रिपुरा बीजेपी विधायक दिल्ली तक पहुंचे थे। केंद्रीय नेतृत्व के

सामने कई बार खुलकर नाराजगी जताई जा चुकी है। अब माना जा रहा है कि संगठन

स्तर पर बदलाव होगा और नाराज लोगों की नाराजगी दूर करने के लिए कैबिनेट विस्तार

होगा।त्रिपुरा बीजेपी के एक नेता ने कहा कि हम सब राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष से

मिले और कहा कि त्रिपुरा में ऐसा प्रदेश अध्यक्ष चाहिए जो संगठन को मजबूत रख सके।

उन्होंने कहा कि मौजूदा अध्यक्ष मानिक साहा अच्छे आदमी हैं लेकिन हमें मजबूत नेता

चाहिए जो सरकार के कामकाज की निगरानी भी कड़ाई से कर सके। यह भी चर्चा चल रही

है तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल के साथ ही त्रिपुरा में भी बीजेपी के लोगों को तोड़ने की

कोशिश कर रही है।

पड़ोसी राज्य के नाराज विधायकों से संपर्क में मुकुल राय

इसका जिम्मा हाल ही में बीजेपी से वापस तृणमूल में गए मुकुल रॉय ने संभाला है। बीजेपी

के एक नेता ने कहा कि पश्चिम बंगाल जैसी स्थिति त्रिपुरा में नहीं है। यहां बीजेपी सत्ता

में है। हम मुकुल रॉय को लेकर चिंतित नहीं हैं क्योंकि तृणमूल कांग्रेस का त्रिपुरा में कोई

खास असर नहीं है। उन्होंने कहा कि जो चर्चा चल रही है कि मुकुल रॉय हमारे विधायकों

को तोडेंगे, इसमें दम नहीं है।सूत्रों ने कहा कि बर्मन तृणमूल कांग्रेस में लौटने की कोशिश

कर सकते हैं, लेकिन अगर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इसकी मंजूरी नहीं दी तो वह

अपना खुद का संगठन बना सकते हैं और आगामी स्थानीय चुनावों में उम्मीदवार उतार

सकते हैं। उन्होंने पहले ही ‘बंधुर नाम सुदीप’ नाम का एक संगठन बना लिया है जो राज्य

में बीजेपी का विरोध शुरू कर सकता है।

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