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हथियार और बुलेटप्रूफ गाड़ी नहीं होती तो जान चली जाती: त्रिपाठी







  • पलामू डीसी की कार्यप्रणाली पर उठाये सवाल
  • बूथ पर पूर्व सूचना के बाद भी होमगार्ड क्यों
  • घटना की वीडियो में बहुत कुछ गायब कर दिया
  • चुनाव आयोग को पहले ही पत्र से किया था आगाह
संवाददाता

रांची: हथियार और बुलेटप्रूफ गाड़ी अगर मेरे पास नहीं होती तो मेरी तो जान चली जाती।

यह बयान डाल्टनगंज के कांग्रेस प्रत्याशी के एन त्रिपाठी ने दिया है। झारखंड विधानसभा

चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के दौरान मतदान केंद्र पर हथियार लहराने को लेकर

चर्चा में आए पूर्व मंत्री और डालटनगंज सीट से कांग्रेस प्रत्याशी केएन त्रिपाठी सोमवार

को रांची पहुंचे हैं। उन्होंने यहां राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे

से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

प्रथम चरण की वोटिंग के दौरान हुए विवाद के बाद सोमवार को कांग्रेस प्रत्याशी केएन

त्रिपाठी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे से मुलाकात करने रांची पहुंचे।

इस दौरान उन्होंनेी मीडिया से चुनाव के दिन हुए विवाद को लेकर पूरी घटनाक्रम को

बताया। केएन त्रिपाठी ने स्पष्ट कहा कि अगर वह उस मौके पर अपनी हथियार नहीं

निकालते तो उनकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने घटनास्थल का और कोसीयारा गांव

के बारे में बताया कि पिछले 30 सालों से उस इलाके के लोग बीजेपी के अलावे दूसरे दल

के उम्मीदवार को प्रवेश नहीं करने देते हैं। इसकी प्रवृत्ति दोबारा नहीं हो इसके लिए मैंने

22 नवंबर को ही कोसियारा इलाके में फ्री एंड फेयर इलेक्शन कराने को लेकर केंद्रीय

चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन को पत्र लिखा था।

पलामू प्रशासन ने निष्पक्ष तरीक से नहीं किया काम

पलामू उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी शांतनु कुमार अग्रहरि के कार्य प्रणाली

पर कांग्रेस प्रत्याशी केएन त्रिपाठी ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पहले से सूचित

करने के बावजूद भी कोसियारा बूथ पर होमगार्ड के जवान प्रतिनियुक्त किए गए। हमने

पत्र लिखकर जिला प्रशासन से मांग की थी कि उस बुथ पर अर्धसैनिक बल के जवानों की

तैनाती किया जाए, लेकिन जिला प्रशासन ने उस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने आरोप

लगाते हुए कहा कि पूरी घटना पलामू उपायुक्त ने जानबूझकर ऐसा किया है। मुख्यमंत्री

रघुवर दास को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चुनाव के दौरान पलामू उपायुक्त

मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन कर रहे थे। इस लिए सूचना देने के बावजूद भी उन

इलाकों में फोर्स की तैनाती नहीं की गई।

हथियार और बुलेटप्रूफ गाड़ी इसलिए क्योंकि मुझे संदेह था

उन्होंने घटना को लेकर बताया कि मैं पहले ही इस तरह के अनहोनी को भांप लिया था,

यही वजह था कि उन्होंने पूरी तैयारी के साथ अपना रिवाल्वर और बुलेटप्रूफ गाड़ी के साथ

वहां पहुंचे थे, यहां तक की उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट भी पहना था। रांची पहुंचने के बाद

केएन त्रिपाठी ने अपनी सारी बातें निर्वाचन आयोग के समक्ष रख दी है। आयोग ने कांग्रेस

प्रत्याशी को आश्वासन भी दिया है कि इस मामले को लेकर यथोचित कार्रवाई की

जाएगी। उन्होंने कहा कि अपनी शिकायत के संदर्भ में उन्होंने सारे प्रमाण भी निर्वाचन

आयोग को दे दिया है। उन्हें उम्मीद है कि चुनाव आयोग न्यायपूर्ण कार्रवाई करेगा।

इसको लेकर उन्होंने कहा कि घटना के दौरान पोलिंग बूथ की वीडियो फुटेज भी थी,

लेकिन जितनी उसमें होनी चाहिए उस हिसाब से सारा वीडियो फुटेज गायब कर दिया

गया है।



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