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तृणमूल कांग्रेस ने कहा बजट सत्र स्थगित कर दे सरकार

 

नयी दिल्लीः तृणमूल कांग्रेस ने जानलेवा वायरस कोरोना के देश में बढ़ते मामलों के मद्देनजर

संसद में सोमवार को वित्त विधेयक पारित कराने के बाद बजट सत्र को स्थगित करने की मांग की है।

तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा में सदन के नेता सुदीप बंदोपाध्याय और पार्टी के राज्यसभा में नेता डेरेक ओ ब्रायन ने

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तथा राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को लिखे पत्र में कहा है कि

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर इस स्थिति को गृह मंत्रालय द्वारा ‘‘आपदा’’ घोषित किया जा चुका है।

केन्द्र और राज्य सरकारों को इस स्थिति से निपटने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।

तृणमूल कांग्रेस पहले भी कई बार अनुरोध कर चुकी है कि संसद के बजट सत्र को

तत्काल प्रभाव से स्थगित कर देना चाहिए लेकिन उसकी बातों को नजरंदाज किया जा रहा है।

पार्टी इस बात से सहमत है कि एक अप्रैल से नये वित्त वर्ष के शुरू होने से पहले

वित्त विधेयक पारित किया जाना जरूरी है।

इसलिए पार्टी का अनुरोध है कि सोमवार को लोकसभा में वित्त विधेयक पारित कराने

और इसे राज्यसभा के पटल पर रखकर बिना चर्चा के लोकसभा को लौटाये जाने के बाद संसद सत्र को स्थगित कर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा है कि वित्त विधेयक को राज्यसभा में पारित कराना अनिवार्य नहीं है।

पहले भी कई बार ऐसा किया गया है।

पत्र में सरकार पर आरोप लगाया गया है कि इस विधेयक को समय रहते पहले ही पारित कराया जाना चाहिए था।

तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि मौजूद हालात गंभीर हैं

तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि संसद में हर रोज सांसदों ,

स्टाफ और मीडिया को मिलाकर हजारों लोग आते हैं

और मौजूदा हालात को देखते हुए इसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद लोगों से ‘सोशल डिस्टेन्सिंग’ बनाये रखने

और 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों से अपना ध्यान रखने की अपील कर चुके हैं।

उन्होंने कहा है कि पार्टी देश में अफरा तफरी की स्थिति नहीं बनाना चाहती

लेकिन वह चाहती है कि सरकार कदम उठाये।

पत्र में कहा गया है कि राज्यसभा में 44 प्रतिशत और लोकसभा में 22 फीसदी सदस्य 65 वर्ष से अधिक उम्र के हैं।

यह केवल संसद सदस्यों नहीं बल्कि परिसर में आने वाले हर व्यक्ति के की सुरक्षा का सवाल है।

तृणमूल ने कहा है कि सभी सांसदों को इस स्थिति में अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाकर

लोगों के मन से भय को दूर कर उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत कराना चाहिए।

पार्टी ने इसे देखते हुए फैसला किया है कि उसके सभी सांसद अपने अपने निर्वाचन क्षेत्रों में रहकर स्थिति पर नजर रखेंगे।

साथ ही पार्टी के कुछ सदस्यों ने अपनी ओर से निर्णय लिया है कि वे ‘आइसोलेशन’ में रहेंगे।

पार्टी ने कहा है कि सरकार के वरिष्ठ मंत्री कह रहे हैं कि सरकार संसद सत्र को चलाकर

देश के सामने एक उदाहरण पेश करते हुए लोगों में विश्वास पैदा करना चाहती है।

देश में बनी आपात स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए यह गैर जिम्मेदाराना है और संसद को इस तरह का उदाहरण पेश नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा है कि आपात स्थिति को देखते हुए वित्त विधेयक पारित कराने के बाद

संसद सत्र को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाना चाहिए।

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