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पारदर्शी घोंगे के दांत अत्यंत नुकीले होते हैं




  • सबसे मजबूत पदार्थ हैं उनके दांत
  • स्पेन में एक नई प्रजाति का पता चला
  • शिकार के अंतर को समझ सकता है यह
  • खुली आंखों से नजर नहीं आते हैं उसके दांत
राष्ट्रीय खबर

रांचीः पारदर्शी घोंघे का बारिक अध्ययन कर वैज्ञानिक उसके दांतों को देखकर हैरान हुए हैं। यह अत्यंत छोटे आकार का प्राणी है। इसलिए खुली आंखों से उनके दांत नजर भी नहीं आते हैं। जब माइक्रोस्कोप से इन दांतों को देखा गया तो वैज्ञानिक हैरान रह गये हैं।




इस प्राणी के दांतों की संरचना किसी अत्यंत धारदार आरी जैसी है, जिससे वह अपने शिकार को छिन्न भिन्न कर सकता है। उसके आकार के लिहाज से ऐसे दांत अत्यंत खतरनाक हैं, जिनके बारे में पहले जानकारी नहीं मिल पायी थी। इन पारदर्शी घोंघे के बारे में पता था कि वह पानी और जमीन दोनों ही स्थानों पर बहुत धीमी गति से चलने वाले प्राणी है। वह अपने चिपचिपे शरीर के सहारे अपने कठोर कवच को ढोते हुए आगे बढ़ते हैं। कहीं खतरा महसूस होने पर वे अपने खोल के अंदर सिमट जाते हैं।

पारदर्शी घोंघे के भोजन पद्धति से इसका पता चला

उनके भोजन की पद्धति को देखकर वैज्ञानिकों ने यह पता लगाया कि जिस जीभ जैसे अंग से वे भोजन ग्रहण करते हैं, वह दरअसल दातों की एक श्रृंखला है। इसे राडूला कहा जाता है। इसके अंदर ही उसके बहुत ही छोटे आकार के लेकिन आरी जैसे धारदात दांत हैं। इनकी मदद से वह किसी पत्थर को भी तोड़ लेता है।




शोध में यह भी पाया गया है कि उनके दांत इस धरती के अन्यतम मजबूत पदार्थो में से एक है। इन मजबूत दांतों की पकड़ में आने वाला भोजन तुरंत ही चकनाचूर हो जाता है। उसके शारीरिक संरचना का अध्ययन कर यह भी पता लगाया गया है कि दांतों की यह श्रृंखला एक मजबूत मांसपेशी के ऊपर होती है। यह अपने आप में भोजन के अंतर को महसूस कर सकता है। इसे महसूस कर लेने के बाद ही दांत जरूरत के हिसाब से अपना काम करते हैं।

यह जीव अपने दांत दोबारा उगा सकता है

वैसे यह भी अजीब बात है कि किसी कारण से दांत के नष्ट होने पर यह प्राणी दोबारा दांत उगा सकता है। शोधकर्ताओं ने इस अनुसंधान के क्रम में स्पेन के इलाके से एक नई प्रजाति के पारदर्शी घोंघे का पता लगाया है। आकार में बहुत छोटे इस जीव के दांतों की संरचना आरी जैसी और अत्यंत धारदार होने की सूचना ने वैज्ञानिकों को अचरज में डाला है।

जर्मनी के सेन्केनबर्ग रिसर्च इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिक आंद्रियेनी जोचूम इसे बिल्कुल नई जानकारी मानते हैं। स्पेन की नई प्रजाति को मिलाकर इस दुनिया में अब तक घोंघों के करीब अस्सी हजार प्रजातियों का अब तक पता चल चुका है।



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