विपरीत लिंग के लोग भी संभालेंगे नेहरू ट्राफी नौका दौड़ की जिम्मेदारी

विपरीत लिंग के लोग भी संभालेंगे नेहरू ट्राफी नौका दौड़ की जिम्मेदारी

शालिनी टी एस



अलापुज्झाः विपरीत लिंग यानी अंग्रेजी में जिन्हें ट्रांसजेंडर कहते हैं, वे भी इस बार की प्रतिष्ठित नेहरू ट्राफी नौका दौड़ प्रतियोगिता में अपनी भूमिका निभायेंग।

ऐसा इस नौका दौड़ के इतिहास में पहली बार होने जा रहा है।

आयोजकों ने इस प्रतियोगिता के 66वें वर्ष में इसे संचालित करने में सफलता पायी है।

यह दौड़ आगामी शनिवार को होगी।

इस बार की नौका दौड़ में विपरीत लिंग के लोगों को पहली बार जिम्मेदारी दी जा रही है।

इस नौका दौड़ को देखने के लिए यहां हजारों देशी विदेशी पर्यटक आते हैं।

इसकी तैयारियों को अब अंतिम रुप प्रदान किया जा रहा है।

यह नौका दौड़ का स्थल इस मौके पर एक मेला की शक्ल ले लेता है।

इसकी देखरेख कर रहे प्रतियोगिता के आयोजन समिति के सचिव वी आर कृष्षातेजा इसकी देखभाल कर रहे हैं।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी तेजा यहां से प्रभारी प्रमंडल राजस्व अधिकारी भी हैं।

उन्होंने जानकारी दी है कि नौका दौड़ के इलाके में भोजन के स्टॉलों की जिम्मेदारी कुदुंबश्री को सौंपी गयी है।

विपरीत लिंग के लोगों को हरे रंग की टीम में जिम्मेदारी

इसके तहत कई कैंटिनों की जिम्मेदारी भी ट्रांसजेंडर ही संभालेंगे, जिन्हें खास तौर पर हरे रंग की टीम में शामिल किया गया है।

आयोजकों ने इस पूरे आयोजन के लिए तैयार स्वयंसेवकों को पांच रंगों में बांटा है।

हरे रंग की टीम में शामिल 17 ट्रांसजेंडर अलापुज्झा जेंडर पार्क की कैंटिन में अपनी सेवा देंगे, जो लोहा ब्रिज के पास स्थित है।

अलग अलग रंग की जर्सी वाले स्वयंसेवकों को अलग अलग जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

नौका दौड़ देखने के लिए आने वाले दिव्यागों, वरिष्ठ नागरिकों के लिए नौका दौड़ देखने के साथ साथ

अन्य सुविधाओं का खास तौर पर इंतजाम किया गया है।

इसके लिए विशेष प्रकार के रैंप भी बनाये गये हैं।



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