धनबाद चंद्रपुरा डीसी लाइन पर 15 से दौड़ेगी एक्सप्रेस ट्रेन

धनबाद चंद्रपुरा डीसी लाइन पर 15 से दौड़ेगी एक्सप्रेस ट्रेन
Spread the love
  • 4
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    4
    Shares

धनबादः धनबाद-चंद्रपुरा (डीसी) लाइन पर मालगाड़ी का परिचालन सफल रहा।

अब 15 फरवरी से मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन की तैयारी है।

भूमिगत आग से यात्रियों की सुरक्षा को खतरा बताकर 15 जून 2017 को डीसी लाइन को बंद कर दिया गया था।

इसी दिन धनबाद से 26 जोड़ा ट्रेन का परिचालन बंद कर दिया गया था।

डीसी लाइन को बंद करने का जो निर्णय लिया गया था उसके पीछे सुरक्षा से ज्यादा ट्रैक के नीचे पड़े कोयले के भंडार की चिंता थी।

मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) शैलेश कुमार पाठक ने 23 जनवरी को डीसी लाइन का निरीक्षण किया था।

निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा था कि डीसी रेल की सुरक्षा कोई मुद्द् नही हैं।

ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित है। इससे भी खराब ट्रैक पर देश में रेलगाडियां चलती हैं।

डीसी लाइन पर ट्रेन परिचालन में कोई दिक्कत नहीं है।

डीसी लाइन धनबाद और रांची को जोड़ती है।

धनबाद और चंद्रपुरा के बीच 34 किमी लंबी रेल लाइन पर 13 स्टेशन और हाल्ट

कुसुंडा, बसेरिया, बांसजोड़ा, सिजुआ, अंगारपथरा, कतरासगढ़, तेतुलिया, सोनारडीह,

टुंडू हाल्ट, बुदौड़ा हाल्ट, फुलारीटांड, जमुनिया, देवनगर पड़ते हैं।

इन स्टेशनों के बीच प्रतिदिन बीस हजार और सलाना 1.05 करोड़ लोग रेल से सफर करते थे।

ये सब रेल लाइन की बंदी से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए।

अप्रत्यक्ष की बात करें तो बिहार के दरभंगा से लेकर तेलंगाना के हैदराबाद और सिंकदराबाद तक के रेल यात्री प्रभावित हुए।

हैदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस का परिचालन धनबाद होकर रद्द कर दिया गया।

इस रेल लाइन पर 26 जोड़ी ट्रेनें चलती थी।

13 मेल एक्सप्रेस और 6 पैसेंजर ट्रेनें बंद हो गई।

7 जोड़ी ट्रेनों को डायवर्ट करना पड़ा। इससे लाखों यात्री प्रभावित हुए।

धनबाद भाजपा को हुई थी परेशानी

सरकार के खिलाफ सड़कों पर आक्रोश भड़का तो भाजपा के सांसदों के होश फाख्ता हो गए।

रेल लाइन की बंदी के बाद मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के लिए धनबाद में केंद्रीय कोयला मंत्री पीयूष गोयल का दौरा था।

लेकिन, लोगों के आक्रोश के कारण उन्हें दौरा रद करना पड़ा।

इसे जनविरोधी फैसला बताते हुए विपक्ष ने मुद्दे को लपका तो भाजपा के नीति-नियंता भी सक्रिय हुए।

मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ ही राज्य के भाजपा के तमाम सांसदों ने दिल्ली में रेल मंत्री, श्रम मंत्री और कोयला मंत्री से मिलकर रेल लाइन चालू करने की वकालत की।

डैमेज कंट्रोल के लिए लोकसभा चुनाव से पहले डीसी लाइन चालू करने पर सहमति बनी।

परिणाम सामने है। डीसी लाइन का सबसे ज्यादा हिस्सा गिरिडीह के सांसद रवींद्र पांडेय के क्षेत्र में पड़ता है।

वे कहते हैं-डीसी लाइन की बंदी भाजपा सरकार के खिलाफ एक बड़ी साजिश थी।

यह बात पीएमओ और रेल मंत्रालय तक पहुंचाई गई। परिणाम सामने है।

अघोषित रूप से रेल मंत्रालय में डीसी लाइन को लोकसभा चुनाव से पहले चालू करने की सहमति बनी

सुरक्षा आयुक्त ने किया दौरा

तो सुरक्षा का आकलन करने के लिए सीसीआरएस शैलेश कुमार पाठक 23 जनवरी को धनबाद भेजे गए।

उन्होंने पहले मोटर ट्राली पर सवार होकर ट्रैक का निरीक्षण किया।

इसके बाद विंडो निरीक्षण यान को चलाकर सुरक्षा की पड़ताल की।

अंत में उन्होंने ट्रैक पर 65 से 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाई।

खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) की रिपोर्ट को खारिज करते हुए

उन्होंने कहा था-दूसरे की ब्लड टेस्ट रिपोर्ट को देख अपनी बीमारी नहीं तलाशनी चाहिए।

खुद के ब्लड टेस्ट रिपोर्ट देख बीमारी पता करनी चाहिए।

डीजीएमएस की रिपोर्ट पर ही डीसी लाइन बंद करने का निर्णय लिया गया था।

पाठक का कहना था कि आग पटरी से दूर है।

साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर ट्रैक को सुरक्षित बनाने के लिए 6 एमएम या 10 एमएम चीप पाइलिंग और ट्रैक को हटाकर बालू पाइलिंग करने का निर्देश दिया।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में 22 मई 2017 को डीजीएमएस की रिपोर्ट के आधार पर डीसी लाइन को भूमिगत आग से खतरे पर बैठक हुई थी।

बैठक में पीएमओ ने रेल यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर भूमिगत आग से खतरनाक धनबाद-चंद्रपुरा (डीसी) रेल लाइन को बंद करने के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक रूप से सहमति प्रकट की।

लेकिन, मिश्र ने कहा था कि निर्णय लेने से पहले रेल लाइन बंद करने के फायदे और नुकसान का पूरा आकलन होना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.