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असम के दीमा हसाओ के मतदान केंद्र में गड़बड़ी की बात सामने आयी

  • वोटर लिस्ट में 90 मतदाता, लेकिन पड़े 181 वोट

  • पांच चुनाव अधिकारी हुए निलंबित दोबारा होगा मतदान

  • असम विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्रों की भारी गड़बड़ी

उत्तर पूर्व संवाददाता

गुवाहाटी: असम के दीमा हसाओ जिले में एक मतदान केंद्र में गड़बड़ी की बात सामने आ

रही है। जिले में एक मतदान केंद्र पर बड़ी अनियमितता का खुलासा हुआ है। यहां सिर्फ 90

मतदाता पंजीकृत हैं, लेकिन कुल 181 वोट पड़े। सहायक स्टेशन पर दोगुने से अधिक

नामांकित मतदाताओं के वोट डालने की बात सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। इस

मामले में ‘कर्तव्य के अपमान’ को लेकर पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

चुनाव आयोग ने दक्षिण असम के दीमा हसाओ जिले के हाफलोंग निर्वाचन क्षेत्र के एक

मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान के आदेश दिए हैं।

चुनाव आयोग का यह फैसला उस व्यापक अनियमितता के उजागर होने के बाद आया है,

जिसमें हसाओ जिले के एक मतदान केंद्र पर 181 वोट पड़े, जबकि वहां पर 90 मतदाता

पंजीकृत हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नितिन खाडे ने

बयान में कहा, ‘जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सूचित किया गया है कि हाफलोंग के

दीमा हसाओ का सहायक मतदान केंद्र ‘खोटलिर एलपी स्कूल के 107-ए’ को 2021 के

चुनाव के लिए पहली बार स्थापित किया गया था।

उन्होंने कहा, ‘वैध मतदाता सूची के मुताबिक इस मतदान केंद्र पर सिर्फ 90 मतदाता

पंजीकृत हैं। यह उल्लेखनीय है कि मुख्य मतदान केंद्र पीएस संख्या 107-मुआलडम एलपी

पर 616 मतदाता पंजीकृत हैं। इस तरह एक अप्रैल 2021 को मतदान केंद्र संख्या 107-ए

पर कुल 181 वोट पड़े।

एक अधिकारी ने बताया कि गांव के प्रधान ने मतदाता सूची को स्वीकार करने से इनकार

कर दिया था और वह अपनी सूची लेकर वहां आ गया।

असम के दीमा हसाओ में ग्राम प्रधान पर जिम्मेदारी डाली

इसके बाद गांव के लोगों ने उसी सूची के हिसाब से मतदान किया. हालांकि, फिलहाल यह

स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चुनाव अधिकारियों ने गांव के प्रधान की मांग क्यों स्वीकार कर

ली और वहां पर सुरक्षाकर्मी तैनात थे या नहीं तथा उनकी क्या भूमिका रही।

इस घटना के उजागर होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान केंद्र खोटलिर

एलपी स्कूल के 107 (ए) के पांच निर्वाचन अधिकारियों को निलंबित कर दिया था और

दोबारा चुनाव के आदेश दिए।

खाडे ने कहा, ‘पीठासीन अधिकारी की डायरी और अन्य दस्तावेजों की जांच के दौरान पता

चला कि पीठासीन अधिकारी और मतदान केंद्र खोटलिर एलपी स्कूल 107-ए के मतदान

अधिकारियों ने 181 लोगों को वोट डालने की मंजूरी दी।

पीठासीन अधिकारी और प्रथम मतदान अधिकारी ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि

उन्होंने मुख्य मतदान केंद्र पर ऐसे मतदाताओं को वोट डालने की मंजूरी दी, जिनके नाम

पंजीकृत नहीं थे।

कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के लिए चुनाव आयोग ने एस. ल्हांगुम (सेक्टर ऑफिसर),

प्रह्लाद सी. रॉय (पीठासीन अधिकारी), परमेश्वर चारंगसा (प्रथम मतदान अधिकारी),

स्वराज कांति दास (द्वितीय मतदान अधिकारी) और एल. थीक (तृतीय मतदान

अधिकारी) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।

बता दें कि यह मतदान बूथ हाफलोंग निर्वाचन क्षेत्र में है, जहां पर दूसरे चरण के तहत एक

अप्रैल को चुनाव हुआ था। हाफलोंग में 74 प्रतिशत मतदान हुआ था।असम के मुख्य

निर्वाचन अधिकारी नितिन खाड़े ने बताया कि ए खोथलीर एलपी स्कूल में पहली बार

मतदान केंद्र बनाया गया था। यह मतदान केंद्र हाफलोंग विधानसभा क्षेत्र में है। इस जगह

दूसरे चरण में एक अप्रैल को वोटिंग हुई थी। हाफलोंग में 74 प्रतिशत मतदान हुआ था।

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