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जदयू और भाजपा के शीर्ष नेता एक दूसरे पर कर रहे हैं पलटवार

  • लॉक डाउन का श्रेय लेने की चल रही है कोशिश

पटना : जदयू और भाजपा के बीच अब श्रेय लेने की होड़ मची हुई है। दोनों दलों के नेता

इसमें एक दूसरे पर तंज कसने में भी पीछे नहीं हट रहे हैं। कोरोना महामारी के कारण

बिहार में लॉकडाउन लग गया है। लेकिन इसके साथ ही खुद सत्तारूढ़ गठबंधन के अंदर

तकरार भी बढ़ गई है। भाजपा और जदयू के शीर्ष नेता एक दूसरे पर बयानबाजी भी करने

लगे हैं सबसे पहले लॉकडाउन का श्रेय लेने के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय

जयसवाल मैदान में कूद पड़े। उन्होंने खुद अपनी पीठ ठोकी और कहा कि उनके दबाव के

बाद ही मुख्यमंत्री लॉकडाउन लगाने पर मजबूर हुए। इसके बाद जदयू के कई नेताओं के

भी बयान सामने आने लगे हैं। भाजपा लॉक डाउन का श्रेय लेने में जुटी है तो जेडीयू के

नेता उन्हें पब्लिसिटी से बचने की नसीहत दे रहे हैं बयानों के पलटवार चल रहे हैं। इन

सबके बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पहले ही कह दिया कि कोरोना से हजारों लोगों

को मरवाने के बाद सरकार ने जो लॉकडाउन लगाया है वह महज एक नौटंकी है। मालूम हो

कि पटना हाईकोर्ट से मिली फटकार के बाद नीतीश सरकार प्रदेश में लॉकडाउन लगाने पर

मजबूर हुई है। इस कारण प्रदेश सरकार की अब भाजपा ने भी तीखी आलोचना कर रही है।

बिहार भाजपा अध्यक्ष ने सीएम व जदयू नेताओं पर तंज कसा है। सोशल मीडिया पर

उन्होंने कई ट्वीट करके सरकार को आईना दिखाने की कोशिश की है।

जदयू और भाजपा का मतभेद पिछले लॉकडाउन में भी दिखा था

बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल ने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा, ‘आज से बिहार

सरकार ने 11 दिनों का लॉकडाउन लगा दिया है। कृपया इसका पालन करें और अपने तथा

अपने परिवार की जीवन रक्षा करें। नागरिकों के हित के लिए सरकारों को कुछ कठिन

फैसले लेने ही पड़ते हैं। आज भी विश्व के आधे देशों के विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन लगा

हुआ है। माननीय महामहिम राज्यपाल जी की बैठक में जब मैंने 62 घंटे के शुक्रवार शाम

से सोमवार सुबह तक के लॉकडाउन की बात की थी तब बिहार में केस 40 हजार से कम थे

पर आज एक लाख से ज्यादा एक्टिव केस होने के कारण बिहार सरकार के पास जनता की

भलाई का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।’ भाजपा सांसद ने उपेंद्र कुशवाहा और ललन सिंह

जैसे जेडीयू नेताओं का नाम लिए बिना उन्हें नसीहत दी है। उन्होंने लिखा, ‘मेरा नाम

लेकर राजनीतिक बयानबाजी करने वाले नेताओं से भी उम्मीद है कि उन्हें जमीनी

हकीकत समझ में आ रही होगी। बिहार सरकार ने जब नाइट कर्फ्यू का फैसला लिया था

तब संजय जायसवाल ने इसपर हैरानी जताई थी। उन्होंने पूछा था कि आखिर रात में

कर्फ्यू लगाने से कोरोना का प्रसार कैसे रुकेगा। उन्होंने वीकेंड कर्फ्यू का सुझाव दिया था।

उनके इस बयान पर जदयू नेताओं ने पलटवार किया था। सबसे पहले उपेंद्र कुशवाहा ने

उन्हें सलाह देते हुए कहा था कि ये राजनीतिक बयानबाजी का समय नहीं है। वहीं ललन

सिंह ने कहा था कि लॉकडाउन की मांग करने वाले नेता सिर्फ पब्लिसिटी के लिए ऐसे

बयान देते हैं। शीर्ष नेताओं के इस तरह की बयानबाजी से सियासी हलकों में रस्साकशी

तेज हो गई है। जनता के लिए काम करने की बजाए नेता आपस में ही श्रेय लूटने में लगे

हैं।

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