fbpx Press "Enter" to skip to content

टमाटर की कीमत पाकिस्तान में अब चार सौ रुपये किलो




कराचीः टमाटर की कीमतों से ही पाकिस्तान की महंगाई का पता चल रहा है।

वहां अब यह सब्जी भी चार सौ रुपये किलो बिक रही है। इस संबंध में पता चला है कि

पिछले चौबीस घंटे में यह सब्जी एक सौ रुपये से उछलकर चार सौ रुपये के भाव पर

पहुंच गयी है। सोमवार को कराची में टमाटर का दाम 300 से 320 रुपए प्रति किलो था

जो मंगलवार को 400 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया। इरान के टमाटर की कोई

कीमत नहीं तय होने से स्थानीय व्यापारियों ने स्वात और सिंध में पैदा होने वाले

टमाटर के दाम इरान के टमाटर के बराबर कर दिए हैं और मोटा मुनाफा काट रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन ने हालांकि पहले की ही तरह सोमवार को टमाटर के दाम 193 रुपए

प्रति किलो बताए जबकि कीमत 253 रुपए प्रति किलो थी। नवंबर के पहले सप्ताह में

टमाटर का आधिकारिक मूल्य 117 रुपए प्रति किलो था और मंगलवार का सरकारी दाम

यह स्पष्ट दर्शाता है कि सरकार भी कीमतों में बढ़ोतरी को दर्शा रही है। शहर में शायद ही

कोई व्यापारी होगा जो तय दाम पर टमाटर बेच रहा हो।

डान न्यूज के मुताबिक थोक विक्रेताओं के प्रतिनिधि ने लोगों से आग्रह किया है कि वह

कुछ व्यापारियों के एकाधिकार को खत्म करने के लिए इसे नहीं खरीदें। प्रतिनिधि ने कहा

कि 13 से 14 किलो के टमाटर की पेटी गुणवत्ता के आधार पर 4200 से 4500 रुपए पर

उपलब्ध है। दाम ऊंचा होने की वजह से बड़ी संख्या में व्यापारियों ने इसे खरीदना ही बंद

कर रखा है। सरकार ने पिछले सप्ताह ईरान से 4500 टन टमाटर आयात करने का

परमिट जारी किया था किंतु अभी आमद नहीं बढ़ी है।

टमाटर की खेप अब तक ईरान से नहीं पहुंची है

मांग की तुलना में आपूर्ति कम होने से टमाटर की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल देखा जा

रहा है। एक व्यापारी ने बताया कि इरान से 4500 टन में से केवल 989 टन टमाटर ही

पाकिस्तान अभी तक पहुंचा है। व्यापारी ने कहा कि वह इस बात की पुष्टि नहीं कर

सकता है कि मंगलवार को तफतान सीमा पर ईरान से और टमाटर आया है कि नहीं।

फलाही अंजुमन थोक सब्जी विक्रेता अध्यक्ष हाजी शाहजहां ने बताया कि रविवार को 44

टन टमाटर से लदे दो कंटेनर आये थे जबकि मंगलवार को एक ही कंटेनर आया।

आपूर्ति कम होने से उपभोक्ताओं को बढ़ती कीमतों से कोई राहत नहीं मिली । सोमवार

को उसके थोक दाम 180-220 रुपए प्रति किलो से 300 रुपए प्रति किलो को पार कर गए ।

श्री शाहजहां ने इमरान खान सरकार पर आरोप लगाया कि इसके आयात करने की कुछ

ही लोगों को अनुमति दी गई है जबकि किसी भी व्यापारी को आयात करने की छूट दी

जानी चाहिए थी । इसका परिणाम यह हुआ कि सीमित मात्रा पहले ही बुक कर ली गई

और तफतान सीमा पर इसे बेच दिया गया । इससे पहले इसके खुले आयात से कीमतों में

काफी हद तक स्थिरता बनाये रखने में मदद मिली थी । उन्होंने कहा,‘‘ थोक बाजार का

अध्यक्ष होने के नाते मैं ग्राहकों से केवल यह आग्रह कर सकता हूं कि वह इसकी खरीद

दो-तीन दिन तक सीमित रखें जिससे कि कुछ व्यापारियों के एकाधिकार को तोड़ा जा

सके और जिंस के दाम नीचे लाने में मदद मिले।’’

व्यापारी भी बच रहे हैं इस सब्जी की खरीद से

उन्होंने कहा कि सिंध प्रांत से इसकी आमद सीमित मात्रा में शुरु हो गई है और 10 किलो

की पेटी मीरपुरखास में 2300 रुपए प्रति किलो है। महंगा होने की वजह से ढाई सौ ग्राम

की कीमत ग्राहकर 100 रुपए अदा कर रहा है और उसे मुश्किल से चार ही मिलते हैं ।

सरकार ने टमाटर की आसमान छूती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अभी कोई गंभीर

कदम नहीं उठाया। ईरान से आने वाले टमाटर पर भारी मुनाफा काट रहे व्यापारियों पर

भी सरकार गंभीर नहीं दिख रही।



Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from पाकिस्तानMore posts in पाकिस्तान »

6 Comments

Leave a Reply

... ... ...
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: