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शाहीन बाग में महिलाएं नहीं आज सिर्फ चप्पलें हैं मौजूद

  • सिर्फ प्रतीक के तौर पर पांच महिलाएं धरना पर

  • पुलिस के साथ उनकी बैठक में हुई थी चर्चा

  • कोरोना के खतरे को गंभीर मानते हैं वे भी

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः शाहीन बाग में आज भीड़ नहीं सिर्फ चप्पलें नजर आ रही हैं। वास्तव में

कोरोना यरस को रोकने के लिए जनता कर्फ्यू की अपील पर महिलाओं ने भीड़ नहीं

लगाने की अपील को स्वीकार कर लिया है। इसलिए शाहीन बाग में धरना स्थल पर

महिलाएं आज मौजूद नहीं हैं। लेकिन अपनी उपस्थिति दर्शाने के लिए यहां अलग

अलग बिछाये गये चौकियों पर उनके चप्पल बाकायदा रखे हुए हैं। सिर्फ पांच महिलाएं

ही यहां प्रतीक के तौर पर उपस्थित हैं। पुलिस ने भी जनता कर्फ्यू और कोरोना के

संक्रमण को खतरे को भांपते हुए सिर्फ पांच को ही यहां रहने की इजाजत दी है। वैसे

सिर्फ पांच लोगों के वहां उपस्थित होने के बाद भी सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध किये गये हैं।

महिलाओं को खास तौर पर ऐसे पोशाक पहनने को कहा गया है, जिनमें शरीर पूरी तरह

से ढका हुआ होता है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने शनिवार को इंडिया इस्लामिक सेंटर

में शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर बैठक की थी। यहां पर दिल्ली पुलिस

ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार को देखते हुए लोगों से प्रदर्शन खत्म करने की अपील

की थी। इस बैठक में डीसीपी साउथ ईस्ट समेत दिल्ली पुलिस के कई वरीय अफसर भी

मौजूद थे। हीं प्रदर्शनकारियों की तरफ से इंडिया इस्लामिक सेंटर के प्रेसिडेंट

सिराजुद्दीन, सेक्रेटरी बदरुद्दीन और शाहीन बाग में प्रदर्शन करने वाले सात

प्रदर्शनकारियों ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से

अपील की है कि पूरे देश में कोरोना वायरस फैल रहा है , इसलिए वो प्रदर्शन बंद कर दें।

कम से कम जनता कर्फ्यू वाले दिन प्रदर्शन नहीं करें।

शाहीन बाग में धरना समाप्त करने पर हुई बात चीत

इंडिया इस्लामिक सेंटर के सदस्यों ने भी पुलिस का समर्थन किया। बैठक में मौजूद

लोगों ने इस बात का समर्थन किया कि कोरोना से लोगों के बचाव के लिए बेहतर सुरक्षा

के उपाय किये जाने चाहिए। इसी वजह से इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय होने तक सिर्फ

पांच महिलाएं ही यहां आज मौजूद हैं।

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