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बिहार के डीजीपी के लिए तीन नाम भेजे गये

  • गुप्तेश्वर पांडेय ने अचानक वीआरएस लिया था
  • एसके सिंघल को नीतीश कुमार ने प्रभारी बनाया था

  • नये डीजीपी के आने के बाद ही आगे तय होगा बहुत कुछ

  • अब सुशासन सरकार में फेरबदल का भारी दौर भी प्रारंभ होने की चर्चा

ब्यूरो प्रमुख

पटनाः बिहार के डीजीपी के नाम पर अब चर्चा और अटकलबाजी का दौर प्रारंभ हो या है।

वहां वर्तमान में एसके सिंघल प्रभारी डीजीपी है। बिहार के डीजीपी पद पर स्थायी तौर पर

किसी को पदस्थापित करने के लिए विभागीय स्तर पर तीन नाम भेजे गये हैं। यूपीएससी

को भेजे गये इन तीन नामों में प्रभारी डीजीपी के अलावा आरएस भट्टी और आलोक राज

का नाम भेजा गया है।

वीडियो में जान लीजिए पूरी रिपोर्ट

उल्लेखनीय है कि पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के अचानक सेवानिवृत्ति लेने की वजह से

श्री सिंघल को प्रभारी डीजीपी बनाया गया था। उस वक्त भी यह आकलन किया गया था

कि शायद चुनाव आयोग किसी प्रभारी डीजीपी की देखरेख में चुनाव कराने पर सहमति

नहीं दे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और प्रभारी डीजीपी के कार्यकाल में ही बिहार

विधानसभा का चुनाव भी संपन्न हो चुका है। अब नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के

बाद विभागीय स्तर पर फेरबदल एक अनुमानित प्रक्रिया है।

विभागीय प्रोन्नति समिति द्वारा भेजे गये इन नामों की चर्चा पुलिस मुख्यालय में हैं। अब

यूपीएससी द्वारा इन तीन नामों में से किसका चयन किया जाएगा, उस पर भी लोग अपने

अपने तरीके से अंदाज लगा रहे हैं। वैसे यह स्पष्ट हो गया है कि सुशासन सरकार के इस

कार्यकाल के प्रारंभ होते ही प्रशासनिक और पुलिस महकमें में भारी फेरबदल किया

जाएगा। वैसे इस बार के स्थानांतरण और पदस्थापन में अकेले नीतीश कुमार ही फैसला

कर पायेंगे अथवा इनपर नीतिगत तौर पर वह भाजपा से सलाह मशविरा करेंगे, इस पर

अभी संशय की स्थिति है। लेकिन इस पर बिहार पुलिस की दिशा और दशा भी बहुत हद

तक निर्भर है। वर्तमान और प्रभारी डीजीपी एसके सिंघल के नाम पर संशय के बादल

इसलिए भी मंडरा रहे हैं क्योंकि कई वरीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उनके रिश्ते

पहले से ही बिगड़े हुए हैं।

बिहार के डीजीपी का चयन भी सुशासन सरकार की सोच बतायेगा

वर्तमान में काम काज की गति को तेज करने और अपनी छवि सुधारने की तरफ ध्यान

देना भी नीतीश कुमार की सरकार की पहली प्राथमिकता है। ऐसे में व्यक्तिगत पसंद के

मुकाले काम काज की गति तेज हो इस पर भी मुख्यमंत्री का अधिक ध्यान रहेगा, ऐसा 

लोग मानते हैं। पुलिस मुख्यालय में अगला डीजीपी जो भी होगा, उसके आधार पर आगे

का सारा काम धाम तय होगा, इसकी प्रतीक्षा में अधिकारी बैठे हुए हैं। ऐसा इसलिए भी है

क्योंकि डीजीपी बदलने के बाद विभाग में एडीजी और कई अन्य अधिकारियों का तबादला

भी एक सामान्य प्रक्रिया के तहत होना है।

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