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तीन महीने के हाथी के बच्चे को क्वॉरेंटाइन में रखा

  • 8 मार्च को लाया गया है नन्हे सम्राट को
  • हाथी का बच्चा वन कर्मियों के साथ इतनी जल्दी घुल-मिल गया
  • जब मिला था नन्हा सम्राट तो इसे डिहाइड्रेशन भी था

रांची : तीन महीने के हाथी के बच्चे को बिरसा मुंडा चिड़ियाघर प्रबंधन ने को क्वॉरेंटाइन

में रखा है। इसे चिड़ियाघर वाले प्यार से नन्हा सम्राट कहकर पुकारते हैं। हाथी का यह

बच्चा वन कर्मियों के साथ घुल-मिल भी गया है। उसे खीरा, केला खिलाया जाता है और

समय-समय पर दूध पिलाया जाता है। चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डॉ अजय ने बताया

कि नन्हे सम्राट को 8 मार्च को चाईबासा के जंगल से लाकर क्वॉरेंटाइन में रखा गया है।

चुकी कोरोना वायरस के संदिग्धों को क्वॉरेंटाइन में रखा जाता है। लिहाजा, यह सवाल

वाजिब था कि हाथी के बच्चे को आखिर किस वजह से क्वॉरेंटाइन में रखा गया है। इसके

जवाब में डॉ अजय ने बताया कि हाथी का यह बच्चा बहुत छोटा है। जंगल में रहने वाले

जानवरों में कई तरह के इंफेक्शन होते हैं। जब इसे बरामद किया गया था तब इसको

डिहाइड्रेशन भी था। लिहाजा, ऐसे जानवरों को चिड़िया घर में रखने से पहले 28 दिन तक

क्वॉरेंटाइन में रखकर इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि 8 मार्च को ही नन्हा सम्राट

यहां आया है। अब इसकी सेहत में बहुत सुधार भी हुआ है। 28 दिन पूरा होते ही एक बार

फिर मेडिकल जांच होगी और इसे चिड़ियाघर में शिफ्ट कर दिया जाएगा। खास बात है कि

बिरसा मुंडा चिड़ियाघर में सम्राट नाम का एक हाथी था जो बहुत लोकप्रिय था। सैलानी

उसे बेहद पसंद करते थे क्योंकि वह उनका कापी मनोरंजन करता था, लेकिन पिछले दिनों

सम्राट की मौत हो गई थी। अहम बात यह है कि सम्राट हाथी भी चाईबासा के जंगल से ही

लाया गया था तब वह बहुत छोटा था और अपने झुंड से भटक गया था। उसकी मौत के

बाद चाईबासा के जंगल से ही 3 महीने के नन्हे हाथी को बरामद किया गया है।

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