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नदी बचाने के आंदोलन में शामिल हुए हजारों लोग




तेहरानः  नदी बचाने का आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है। ईरान के जायानदेह रूड नदी को बचाने के लिए यह आंदोलन चल रहा है। इसके तहत हजारों लोगों ने एकत्रित होकर इसे बचाने के समर्थन में प्रदर्शन किया।




मध्य ईरान के इस्फाहान में एकत्रित लोग इस नदी को दोबारा से जीवित करने की मांग कर रहे थे। लगातार उपेक्षा और प्रदूषण की वजह से अब यह नदी पूरी तरह सूख चुकी है।

अब तो नदी के ऊपर से लोग नियमित तौर पर आना जाना भी करते हैं। लेकिन आम लोग यह मानते हैं कि इस नदी के सूख जाने के बाद से उनके जीवन पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता नजर आ रहा है।

इस प्रदर्शन में शामिल लोगों में अधिकांश किसान थे, जिनका मानना है कि नदी के सूख जाने की वजह से इलाके की खेती प्रभावित हो रही है। पहले इस नदी के पानी से उनके सिंचाई का ढेर सारा काम चल जाता था।

अब फसल की सिंचाई के लिए पानी का इंतजाम अतिरिक्त खर्च का घर बन गया है। प्रदर्शन के लिए मौजूद हजारों प्रदर्शनकारियों ने यहां नदी को वापस लाओ और हमें अपनी सांस लौटा दो जैसे नारे भी लगाये।




इस क्षेत्र के प्रमुख खाजू ब्रिज के नीचे से बहने वाली नदी भी अब सूख गयी है। इसके सूख जाने की वजह से आस पास के कई पर्यटन क्षेत्रों का आकर्षण भी खत्म हो गया है। कुछ इसी तरह ईरान का इरमा झील भी पूरी तरह सूख जाने की वजह से वहां का पर्यटन उद्योग तबाह हो चुका है।

नदी बचाने का आंदोलन इरमा झील का हश्र देखकर

इस प्रदर्शन में शामिल किसानों के अलावा अन्य लोगों ने कहा कि इस नदी का पानी सूख जाने की वजह से पूरे इलाके का पर्यावरण भी प्रभावित होने लगा है।

इससे इलाके का हर व्यक्ति किसी न किसी तरीके से इसकी चपेट में आ गया है। दरअसल वर्षों से अल्पवर्षा और सूखा की हालत की वजह से अब इसमें जल का प्रवाह बंद हो चुका है। पानी समाप्त होने के कुछ दिनों तक तो इसमें नमी रही।

अब तो नदी का तल जमकर ठोस मिट्टी बन गया है। पहले से ही इस पर जनता ध्यान आकृष्ट कराने की कोशिश कर रही है लेकिन अब तक इस दिशा में सरकारी स्तर पर कोई काम नहीं हो पाया है।



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